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वैश्विक संस्थाओं ने मोदी सरकार के सुधार कार्यों को सराहा

वैश्विक संस्थाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की गति और प्रगति की सराहना की है । ताजा रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की है। इससे पूर्व विश्व आर्थिक मंच, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज और विश्व बैंक ने भी अपनी रिपोर्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में उठाए गए कदमों की भरपूर सराहना की है। इन वैश्विक संस्थाओं ने एक स्वर से यह माना है की भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से सुधार कार्यक्रम लागू कर अपनी स्थिति में सुधार किया है। दूसरी तरफ विपक्षी दल नोटबंदी और जीएसटी के खिलाफ देशभर में माहौल गरमाए हुए हैं ऐसे में इन वैश्विक संस्थाओं द्वारा मोदी सरकार के कदमों का समर्थन करने से निश्चय ही सरकार को राहत मिली है ।
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आइएमएफ) के आंकड़े की ताजा रपट के अनुसार प्रति व्यक्ति औसत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लिहाज से भारत एक पायदान ऊपर चढ़ कर 126वें स्थान पर पहुंच गया है। निजी संपत्ति के साथ भारतीयों की औसत प्रति व्यक्ति आय में भी इजाफा हो रहा है। हालांकि, वह अभी भी अपने दक्षेस समकक्षों की तुलना में नीचे हैं। मुद्राकोष की सूची में खनिज तेल संपन्न कतर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। भारत में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी पिछले साल 6,690 डॉलर के मुकाबले बढ़कर इस साल 7,170 डॉलर हो गया और वह 126वें पायदान पर पहुंच गया। यह रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की अक्टूबर 2017 की क्रय शक्ति समानता पर आधारित आंकड़ों पर की गई है। सूची में ज्यादातर तेल संपन्न और मजबूत बैंकिंग सिस्टम वाले देश शीर्ष में शामिल हैं।
अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की रेटिंग बढ़ा दी है। इस महीने की शुरुआत में जब विश्व बैंक द्वारा जारी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में भारत के जबरदस्त छलांग मारने की खबर आई, तभी कहा गया था कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग बढ़ा सकती हैं। मूडीज ने रेटिंग को बीएए3 से बढ़ाकर बीएए2 कर दिया है। इसके साथ ही भारत की रेटिंग स्टेबल से पॉजिटिव हो गई है। इस रेटिंग में 13 साल बाद बदलाव देखने को मिला है। रेटिंग तय करने में किसी भी देश पर लदा कर्ज और उसे चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखा जाता है। इसके अलावा रेटिंग एजेंसियां देश में आर्थिक सुधारों और उसके भविष्य के प्रभाव को भी ध्यान में रखती हैं। निश्चय ही यह मोदी सरकार के लिए राहत की बात है। मूडीज ने जीडीपी, नोटबंदी, बैंकों के फंसे कर्ज को लेकर उठाए गए कदमों, आधार कार्ड और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर को उल्लेखनीय बताया है। रेटिंग में सुधार से देश के कारोबारी जगत और निवेशकों का हौसला बढ़ा है।
आर्थिक विशेषज्ञ विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी सरकार आर्थिक-सुधार-दिशा में तेजी से बढ रही है जैसे नोट बंदी का उद्देश्य डिजिटलाइजेशन, जीएसटी , मेक इन इंडिया आदि में सफलता मिली है। इतने कम समय में दालों की भारी कमी और आसमान छूते उड़द और अरहर की दालों का सामान्य उपलब्ध होंने के साथ दाल और गेहू का निर्यात आदि अच्छे संकेत हैं। जानी मानी विख्यात रेटिंग एजेंसी–मूडी के साथ स्टॉक-मार्केट इंडेक्स भी मोदी की सफलता के संकेतक हैं।
भारत में 73 फीसदी लोग राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार में विश्वास रखते हैं। विश्व आर्थिक फोरम ने 15 नवंबर को जारी रिपोर्ट में भारत को उन देशों की सूची में तीसरे स्थान पर रखा है, जहां के लोग अपनी सरकार पर सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं। विश्व में अपनी सरकार पर सबसे ज्यादा भरोसा स्विट्जरलैंड और इंडोनेशिया के लोगों को है। वहां के 82-82 फीसदी लोगों को अपनी सरकार पर भरोसा है। फोरम ने इस लिस्ट में भारत की बेहतर स्थिति के पीछे नरेंद्र मोदी सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी और कर-सुधार अभियान को वजह बताया है। सूची में भारत से नीचे लग्जमबर्ग, नॉर्वे, कनाडा, टर्की, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड्स, जर्मनी, फिनलैंड, स्वीडन जैसे देश हैं। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार पर करीब 33 फीसदी लोग विश्वास रखते हैं।
विश्व बैंक की कारोबार सुगमता के मामले में 30 अंक की छलांग लगाने वाले भारत ने शेयर धारकों के अधिकारों की रक्षा के मामले में पूरे 10 अंक हासिल किए हैं। इस मामले में अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर और न्यूजीलैंड जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाएं भी विश्व बैंक की नई कोराबार सुगमता रिपोर्ट में यह मुकाम पाने में नाकाम रही हैं। भारत को विश्व बैंक की सूची में 100वां मिला है, जबकि छोटे निवेशकों की सुरक्षा के मामले में उसे चैथा स्थान मिला है। इस सफलता के लिए अधिकारियों ने पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा उठाए गए सुधारवादी कदमों को अहम बताया है। छोटे निवेशकों की सुरक्षा के क्षेत्र में, भारत को शेयरधारकों के हितों की रक्षा के लिए 10 में से 10 अंक मिले हैं, जबकि इसके मुकाबले अमेरिका को 10 में 4, ऑस्ट्रेलिया को 10 में 5 और ब्रिटेन, सिंगापुर तथा न्यूजीलैंड को 10 में 7 अंक मिले हैं।

बाल मुकुन्द ओझा
वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार
क्.32, माॅडल टाउन, मालवीय नगर, जयपुर
9414441218

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