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व्यंग्य : लक्ष्मी का छप्पर फाड़क वैश्विक कार्यक्रम

लक्ष्मी ने अपने ‘वैश्विक धन वितरण आयोग’ कार्यालय से सभी प्रकार के देवी-देवताओं को ई-मेल किया। ई-मेल में उनसे कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्राधीन व्यक्तियों से वैश्विक धन वितरण आयोग के अंग्रेजी वर्जन ग्लोबल मनी डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन उर्फ जीएमडीसी 2019 के पोर्टल पर जाकर चालू वित्तीय वर्ष में अमीर बनने के पात्र व्यक्तियों से ऑनलाइन आवेदन करवाएँ। आयोग की कंपनी नीति यही है। निर्धारित अवधि तक आवेदन किए जाने पर ही उनके घर की तथाकथित छत को फाड़ा जा सकेगा व नियमानुसार छप्पर फाड़ धनराशि दी जाएगी। मौके पर उन्हें जीएमडीसी 2019 का एक मोबाइल ऐप भी डाउनलोड करना पड़ेगा। सभी देवता अपने क्षेत्राधीन अमीराकांक्षी व्यक्तियों से ऑनलाइन ही आवेदन पत्र प्राप्त करें। आवेदन पत्र के साथ में निर्धारित लोंगिट्यूड-लेटिट्यूड के साथ उस छत का फोटो व कैप्शन जरूर अपलोड करें; जिसे निर्धारित अवधि में फाड़कर नोटों की बरसात की जानी है। ई-मेल पर यह निर्देश प्राप्त होते ही देवी-देवताओं ने अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में इस मेल को तमाम प्रकार के व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजा। देवताओं ने अपने चमचों, उप चमचों, उप-उप चमचों आदि से आवेदन पत्र मांगने की बजाय स्वयं ही उनके आवेदन भरकर वैश्विक धन वितरण आयोग के केंद्रीय कार्यालय को मेल कर दिए। लक्ष्मी ने अपने पीए को आदेश दिया कि वह आज ही इसकी एक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। दीपावली के इस सीजन में छप्पर फाड़ कर करोड़पति बनाने की कार्य योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए देवलोक में आपाधापी शुरू हो गई। वैश्विक धन वितरण आयोग के निर्देशानुसार पीए ने निर्धारित कमीशन का भक्षण कर अपनी कार्यवाही शुरू कर दी। लक्ष्मी ने अपने फोर स्ट्रोक वाहन उल्लू का हवा पानी चेक करवाया। वैश्विक धन वितरण आयोग के पोर्टल की प्रगति को अपने मोबाइल पर चेक किया। फिर अपने इस वार्षिक कार्य को अंजाम देने के लिए अमावस की काली-कट्ट रात का इंतजार करने लगी। धन वितरण का वैश्विक संवैधानिक नियम ही यही है कि अमीर बनने के लिए सिर्फ उल्लू के माध्यम सहित घनघोर अँधेरा ही होना जरूरी होता है।

इधर जंबूद्वीपे उत्तर-दक्षिणाखंडे भारतखंडे वैश्विक धन वितरण आयोग के निर्देशानुसार फटाफट जीएमडीसी 2019 मोबाइल ऐप डाउनलोड किया जाने लगा। इस ऐप में वही व्यक्ति सम्मिलित हुए जिनके पास में पहले से ही खूब रुपया-पैसा था। उन्होंने धन वितरण आयोग को कमीशन की चटनी चटा-चटाकर अपने लिए जीएमडीसी ऐप डाउनलोड करवाया। नेता, मंत्री और अफसरों ने मिलकर वैश्विक धन वितरण आयोग के कार्यालय में फेसबुक, ई-मेल, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि तकनीकों से छप्पर फाड़ने के लिए आवेदन किए। किसान, गरीब, मजदूर दलित, दमित इत्यादि वर्गों के पास ऐसा कोई स्मार्टफोन न था; जिसमें जीएमडीसी 2019 मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर चलाया जा सके। अमावस्या की उस घनघोर अंधेरी रात में लक्ष्मी ने अपने फोर स्ट्रोक वाहन के ऊपर सवारी गाँठी। अपना ब्रीफकेस जमाया और उसमें छप्पर फाड़कर मालामाल करने संबंधी एक हार्ड कॉपी जीएमडीसी पोर्टल द्वारा एक्सेल शीट में प्राप्त की। ब्रीफकेस के साथ गैंती, फावड़े, संबल आदि आवश्यक उपकरण भी धर लिए ताकि छत फाड़ने में कोई दुविधा ना हो।

उल्लू पर सवार होकर लक्ष्मी जैसे ही आसमान में अपनी यात्रा करने लगी तभी आसमान में कई प्रकार के इंटरनेट सिग्नलों के बवंडर उठने लगे। बेचारा उल्लू किसी एक सेकंड में किसी एक कंपनी के इंटरनेट सिग्नल से जा टकराता; तो किसी दूसरे सेकंड में किसी दूसरी कंपनी के इंटरनेट सिग्नल से जा भिड़ता। इधर सिग्नल-उधर सिग्नल! राजनीति के इन सिग्नलों के महाजाली मायाजाल में बेचारा उल्लू भारी गफलत में आ गया। लक्ष्मी को भी बैचेनी होने लगी। तभी आसमान में गड़गड़ाहट होने लगी। बिजलियाँ चमकने लगी। चारों और के गंगू तेलियान इंटरनेटी सिग्नल जाम हो गए। अचानक इंटरनेट के राजा भोजक महासिग्नलों का एक विशाल रूप आसमान में दिखाई दिया। इन महासिग्नलों ने लक्ष्मी व उल्लू को ट्रैप कर लिया। यह सब सिग्नलों की धूर्तता-पूर्ण भ्रष्टाचारी करामत थी। ये सिग्नल कई-कई बड़े-बड़े घरानों के थे। ये घराने ही पूरी दुनिया में सबसे अधिक अमीर कहलाते हैं। इन्हीं अमीरों ने लक्ष्मी का अपरहण कर लिया। इन्होंने अपने महासिग्नलों के जाल में उलझा कर उल्लू सहित लक्ष्मी को अपने घर में ही कैद कर लिया है। वे लक्ष्मी को अपनी कोठियों के छप्पर फाड़कर धन बरसाने के लिए आदेशित करने लगे। लक्ष्मी ने अपने ब्रीफकेस में से छप्पर फाड़ने के औजार निकाले और…। … और तभी मेरी नींद जग गई। मैंने देखा कि आसमान में चारों और पटाखों की आवाजें कान फोड़ रही है। किसी को ना कुछ सुनाई दे रहा है और ना ही किसी को कुछ दिखाई दे रहा है। जहरीली हवा और कान फोड़क पटाखों की आवाजों के बीच मुझे लक्ष्मी दूर-दूर तक कहीं कुछ नजर नहीं आ रही था। सपनों में छप्पर फाड़ बरसात करने वाली देवी का भी कहीं नामोनिशान नहीं था। सच है! लक्ष्मी का नेता, अफसर और उद्योगपतियों ने ही मिलकर अपरहण किया हुआ है। आम आदमी के घर सदियों से आज भी नदारद है लक्ष्मी!

रामविलास जांगिड़,
18, उत्तम नगर, घूघरा, अजमेर (305023) राजस्थान

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