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शादियों में फिजूलखर्ची रोककर अग्रदूत बना नीमका गांव

फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर के गुर्जर शादियों में अनाप शनाप खर्च करने को लेकर निशाने पर रहते हैं। मगर गुर्जरों के नागर गोत्र बहुल नीमका गांव इसके ठीक उलट वजहों से चर्चा में हैं। नीमका दिल्ली-एनसीआर में गुर्जरों का पहला गांव बन गया है, जिसमें शादियों में फिजूलखर्ची पर पूरी तरह प्रतिबंध है। यहां शादियों मे डीजे, आतिशबाजी और शराब का चलन प्रतिबंधित है। दहेज की लिस्ट पढऩे व दहेज के सामान के प्रदर्शन पर भी रोक है। बरात में 100 से कम बराती जाने का भी नियम है। नियम गांव में बरात आने या जाने दोनों पर लागू है। तीन साल पहले गुरुग्राम के गांव तिगरा से अंतराम तंवर और फरीदाबाद पाली से महेंद्र भड़ाना ने शादियों में फिजूलखर्ची रोकने की मुहिम नए सिरे से शुरू की थी। नीमका गांव ने इसे लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई। गांव में बुजुर्ग धर्मपाल के नेतृत्व में 50 लोगों की कमेटी बनाई है, जोकि शादियों में नियमों का पालन सुनिश्चित करती है। गांव के पूर्व सरपंच जगबीर ने बताया कि शुरू में कुछ युवाओं ने इसका विरोध भी किया, लेकिन बड़े बुजुर्गों ने साफ कहा कि जब समाज सुधार के बड़े फैसले लेने हों तो व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठना होगा। जगबीर ने सरपंच रहते हुए अपने दो बेटों और एक भतीजे की शादी की, जिसमें नियमों का पूरी तरह पालन किया। इसके बाद अन्य लोग भी प्रेरित हुए। शुरुआत में गांव से गई एक बरात में वर पक्ष के लोग डीजे लेकर पहुंच गए थे। वहां से पूरे गांव के लोग विरोधस्वरूप वापस लौट आए थे। इसके बाद किसी ने हिम्मत नहीं की। आज परिणाम सामने है, शादियों में फिजूलखर्ची रोकने को लेकर जब भी चर्चा चलती है तो गांव नीमका का उदाहरण दिया जाता है। चौरासी के सबसे बड़े गांव तिगांव के बारे में प्रचलित है कि गुर्जरों में जो भी नई रीत शुरू होती है वो यहां से शुरू होती है, मगर शादियों में फिजूलखर्ची रोकने की मुहिम में नीमका गांव ने बाजी मार ली है। गुर्जर सभा हरियाणा, भारतीय गुर्जर कल्याण सभा, अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा सहित करीब दर्जनभर गुर्जर संस्थाओं ने नीमका गांव की इस खासियत की पुष्टि की है। 22 अक्टूबर को गुरुग्राम के तिगरा गांव में फिजूलखर्ची रोकने को लेकर पंचायत हुई थी, जिसमें पूरे देश से गुर्जर प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। उस पंचायत में भी गांव नीमका की मिसाल दी गई थी। भारतीय गुर्जर कल्याण समिति के अंतराम तंवर के अनुसार इससे पहले भी कई गांवों में शादियों में फिजूलखर्ची रोकने को लेकर मुहिम चली है, मगर वे पूरी तरह इस मुहिम को लागू नहीं कर पाए। दिल्ली-एनसीआर में नीमका इस मुहिम को पूरी तरह लागू करने वाला पहला गांव है। वहीं गुर्जर सभा हरियाणा के अध्यक्ष महेंद्र भड़ाना के अनुसार इस मुहिम का लक्ष्य शादियों में अनाप शनाप खर्च को हतोत्साहित करना है। नीमका गांव हमारे लिए रोल मॉडल है। उसका उदाहरण हम हर पंचायत में देते हैं। हमारा दावा है कि नीमका गांव यह पहल करने वाला दिल्ली-एनसीआर का पहला गांव है।

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