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संयम का ब्रेक और अध्यात्म का प्रकाश जरूरी : स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य

श्री सिद्धदाता आश्रम में आयोजित दशहरा पर्व में जुटी हजारों भक्तजन

फरीदाबाद। सूरजकुंड रोड सेक्टर 44 स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम में दशहरा पर्व बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भक्तों को दिए प्रवचन में अधिपति अनंतश्री विभूषित इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा पीठाधीश्वर श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में संयम का ब्रेक और अध्यात्म का प्रकाश हो तो जीवन का अंधेरा दूर हो सकता है। इस अवसर पर देश विदेश से हजारों की सं या में भक्त जुटे। अलसुबह ही यहां भक्तों ने बड़ी सं या में जुटना प्रारंभ कर दिया था। कई हजार भक्त तो गुरुवार रात को ही आश्रम पहुंच चुके थे। जिन्होंने यहां श्री गुरुमहाराज एवं देव विग्रहों के समक्ष अर्चना एवं प्रार्थना की। यहां श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने भक्तों को दिए प्रवचन में कहा कि श्रीराम का जीवन संयम का उदाहरण है, इसीलिए वह मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं। उन्होंने बताया कि दस इंद्रियों को जीतने वाले दशरथ कहलाते हैं, वहीं दसों इंद्रियों का भोग भोगने वाले का नाम दशानन रावण है। लेकिन ध्यान रहे कि भगवान दशरथ के घर जन्म लेते हैं और दशानन का अंत करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान संयमी के घर आते हैं और असंयमी का अंत करते हैं। उन्होंने भक्तों से कहा कि वह प्रभु पर विश्वास रखें और संयमित जीवन जीएं, उनकी मुक्ति निश्चित है। इससे पूर्व उन्होंने संस्थापक स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज की समाधि पर पूजन किया एवं लोककल्याण के लिए प्रार्थना की। उन्होंने सैकड़ों भक्तों के साथ यज्ञशाला में सामूहिक यज्ञ किया। जिसमें बाद में आश्रम आने वाले सभी भक्तों ने समिधा डाली। इस अवसर पर टीसीरिज फेम जयपुर से आए गायक संजय पारिख ने सहयोगियों के साथ अनेक सुमधुर भजनों की धुन पर भक्तों को जमकर झुमाया। वहीं देश विदेश से आए भक्तों ने प्रवचन, भजन, कीर्तन एवं भंडारे का लाभ लिया। सुबह से प्रारंभ भक्तों का रेला देर शाम तक जारी रहा।

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