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संवेदनहीन राजनीति

यह समाचार अवश्य राजस्थान की राजधानी जयपुर का है पर कमोबेस राजनीति की यही स्थिति समूचे देश में देखी जा सकती है। राजस्थान के कद्धावर राजनेता के फोटो के साथ जो सलूक उनके पूर्व विभाग द्वारा किया गया संभवतः ऐसा सलूक तो राजनेता भी आपस में नहीं करते होंगे। हांलाकि इसके पीछे भी राजनीति ही है। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सरकारी योजनाओं के लगे होर्डिंग्स व पोस्टर आदि पर से पुराने मंत्री महोदय के फोटो को जिस तरह से हटाया गया, जिस तरह से कुरेदा गया, जिस तरह से फोटो को साफ किया गया, उसे किसी भी सूरतेहाल में उचित नहीं ठहराया जा सकता। इससे यह भी साफ हो गया कि ब्यूरोक्रेसी राजनेताओं को खुश करने या नंबर बढ़ाने के लिए किस हद तक जा सकती है। कल तक जिस मंत्री के आगे-पीछे घूम रहे थे, उसी मंत्री के विभाग बदलते ही फोटो के साथ बदसलूकी निश्चित रुप से शर्मनाक ही कही जाएगी। अरे भाई मंत्री बदल गए है तो एक आध दिन में नए होर्डिग्स तैयार होकर नए मंत्री महोदय की फोटो के साथ भी लगाए जा सकते थे। इतनी जल्दी भी थी तो पुराने होर्डिग्स, फ्लेक्स या पोस्टर्स को हटाया भी जा सकता था, नए तैयार होते तब लगाए भी जा सकते थे, पर एक ही दल के व वरिष्ठ राजनेता होने के बावजूद अपने ही मंत्रीमण्डल के सदस्य की फोटो के साथ बदसलूकी किसी भी स्थिति में उचित नहीं मानी जा सकती।
दरअसल पिछले दिनों राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने मंत्री मण्डल का विस्तार किया और इसके बाद मंत्रीमण्डल के सदस्यों के विभागों में बदलाव भी किया। बदलाव के चलते राजस्थान की राजनीति के कद्धावर नेता का विभाग भी सामान्य बदलाव के नाते बदला गया और उन्हें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय की जगह ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्रालय का भार दे दिया गया। उधर चिकित्सा मंत्रालय का जिम्मा जयपुर के ही दूसरे वरिष्ठ नेता को दिया गया। स्वाभाविक हैं नए मंत्री कार्यभार संभालने के बाद अपने विभाग के अधिकारियों की मीटिंग लेते हैं, दौरे करते हैं और भले ही कहने को ही हो पर मीडिया को अपना एजेण्डा बताते हैं। कहानी का दौर यहां से शुरु होता है कि नए चिकित्सा मंत्री ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल का दौरा किया और व्यवस्थाओं के सुधार के निर्देश दिए। इसी दौरान किसी अतिउत्साही ने मंत्री जी का ध्यान अस्पताल में लगे चिकित्सा विभाग की योजना या कार्यक्रम के पोस्टर की और दिलाते हुए अपने नंबर बढ़ाने का प्रयास किया। जहां तक सामान्य समझ की बात है मंत्री महोदय ने साधारण शब्दों में प्रतिक्रिया व्यक्त की होगी पर उसका असर विभाग के अधिकारियों तक इस तरह पहुंचा की सामान्य शिष्टाचार को भी ताक पर रखने में देरी नहीं की गई।
हांलाकि एक ही दल के नेता के विभाग बदलने के बाद होर्डिंग्स में इस तरह से फोटो हटाने का यह एकमात्र उदाहरण होगा। चुनावों के समय चुनाव आयोग के आदेशों के चलते सरकारी होर्डिग्स व वेबसाइट आदि पर से नेताओं के फोटो अवश्य हटाए जाते हैं पर इस तरह से अपमानजनक तरीके से तो उस समय भी नहीं होता। यह सही है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुतले जलाने के उदाहरण अवश्य मिलते हैं। हांलाकि इसे भी उचित नहीं कहा जा सकता। प्रश्न यह उठता है कि आखिर राजनेता व उनके सामने नंबर बढ़ाने वालों को इस हद तक जाने की छूट कैसे दे दी जाती है। अब तक मायावती को गेस्ट हाउस में बंद करने या तमिलनाडू में विरोधियों को आधीरात को गिरफ्तार कराने के उदाहरण तो मिलते रहे हैं, पर अपनी ही सरकार के मंत्री का विभाग बदलने पर फोटो के साथ इस तरह से बदसलूकी का उदाहरण शायद ही मिले। आखिर हमारी संवेदनशीलता कहां खो रही है। एक सामान्य तरीके से भी कोई काम किया जा सकता है। होर्डिग्स या पोस्टर पर फोटो लगने या हटने से जनता में कोई संदेश नहीं जाता। संदेश जाता है कुछ कर दिखाने से।
एक बात साफ हो जानी चाहिए कि राजनेताओं को इस तरह की अतिउत्साही और मर्यादाहीन घटनाओं को रोकने के प्रयास करने चाहिए। क्योंकि इससे यह साफ हो जाता है कि जो लोग नंबर बढ़ाने के लिए एक पूर्व मंत्री की फोटो के साथ इस तरह से बदसलूकी कर सकते हैं वे कभी भी किसी के सगे नहीं हो सकते। समय बदलते ही वे दूसरे मंत्री की फोटो के साथ भी बदसलूकी करने में देर नहीं लगाएंगे। राजनेताओें को भी संयम से काम लेना चाहिए, यह सोचना चाहिए कि उनके पूर्व विभाग की प्रचार सामग्री में भी उनकी फोटो लगी होगी। परिवर्तन के बाद जो काम तत्काल किया जा सकता है जैसे वेबसाइट को अपडेट करना या दूसरी चीजे वो तो हो सकती है पर जो प्रचार सामग्री पूर्व में प्रकाशित है या जो फ्लेैक्स पहले से है उन्हें चरणवद्ध तरीके से सामान्य प्रक्रिया के तहत हटाया जाए तो मर्यादा भी बनी रहती है। राजनेताओं व ब्यूरोक्रेसी दोनों को ही इसे समझना होगा।

डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा,
रघुराज, एफ-2, रामनगर विस्तार, चित्रांष स्कूल की गली,
ज्योति बा फूले काॅलेज के पास, स्वेज फार्म, सोडाला, जयपुर-19
फोन-0141-2293297 मोबाइल-9414240049

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