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सरकार को गेहूं व सरसों नुकसान पर किसान को मुआवजा देना चाहिए : बजरंग गर्ग

विजय न्यूज़ ब्यूरो
चण्डीगढ़। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग अनाज मंडियों के दौरे के दौरान किसान व आढ़तियों से बातचीत करते हुए कहा कि दो दिन से भारी बारिश व ओलावृद्धि होने के कारण किसान की गेंहू व सरसों में भारी नुकसान हुआ है। सरकार को गेहूं के नुकसान के लिए किसान को 25 हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा राशि देनी चाहिए और गेहूं पर केंद्र सरकार किसान को 200 रूपये प्रति क्विंटल बोनस और उसके साथ साथ किसान के सरसों जो खेतों व मंडियों में पड़ी थी बारिश के कारण जो भी खराब हुआ है उसका भी मुआवजा दिया जाए।

व्यापार मंडल के प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग अनाज मंडी में गेंहू का जायजा लेते हुए।

प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की सरसों की खरीद ना करने से किसान पहले ही बड़ा भारी परेशान था ऊपर से गेहूं की धीमी गति से खरीद करने व उसका उठान में काफी देरी होने के कारण प्रदेश के किसान व आढ़तियों में बड़ी भारी नाराजगी है। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार हर अनाज के सीजन में नए-नए फरमान जारी करके किसान व आढ़तियों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। पहले गेहूं की खरीद व भुगतान बीसीपीए के माध्यम से होती थी और जे व आई फॉर्म आढ़ती बीसीपीए को जमा कराता था मगर नए फरमान के तहत अब फसल का भुगतान मार्केट बोर्ड करेगा और जे व आई फॉर्म आढ़तियों को अब मार्केट कमेटी में जमा कराने होंगे। नए-नए फरमान से फसल के भुगतान में देरी होगी और आढ़ती व किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में जीएसटी लगाने के बाद अपने वायदे के अनुसार मार्केट फीस समाप्त करनी चाहिए व मार्केट बोर्ड द्वारा जो आढ़तियों को व्यापार करने के लाइसेंस बनाए हुए हैं उस लाइसेंस को आढ़तियों को मार्केट कमेटी में बार-बार रिन्यू कराने पड़ते हैं वह उचित नहीं है। राजस्थान की तरह एक बार लाइसेंस बनाने के बाद बार बार लाइसेंस रिन्यू कराने का कानून सरकार को खत्म करना चाहिए। क्योंकि लाइसेंस रिन्यू के नाम पर मार्केट कमेटी के अधिकारी आढ़तियों को नाजायज तंग करके उनसे पैसे ऐंठने का काम कर रहे हैं। जब कि मार्केट कमेटी व आबकारी एवं कराधान विभाग में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है और सरकारी अधिकारी दोनों हाथों से व्यापारियों को लूट रहे हैं। सरकार को व्यापारियों पर शिकंजा करने की बजाए भ्रष्ट अधिकारियों पर निकेल कसनी चाहिए।

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