National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा करने वालों पर अब होंगी सख्त कार्यवाही

जिला परिषद की बैठक में लिया गया निर्णय

फरीदाबाद।  ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा करने वालों पर अब बड़े स्तर पर कार्रवाई होगी। जिला परिषद की मीटिंग में अवैध कब्जा धारियों के खिलाफ  कार्रवाई कर जमीनों को मुक्त कराने का आदेश दिया गया है। जिला परिषद के चेयरमैन विनोद चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचायत भवन स्थित सेमीनार हॉल में मीटिंग का आयोजन हुआ। जिसमें परिषद के सदस्यों ने भाग लिया। चौधरी ने कहा कि गांवों में हो रहे कब्जों को हटाने के लिए बल्लभगढ़ और फरीदाबाद ब्लॉक के बीडीपीओ बड़े स्तर पर कार्रवाई करें। कब्जों को हटाने लिए प्रशासन की ओर से 50 पुलिस कर्मियों का दस्ता मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा गांवों में होने वाले विकास कार्यों के पूरा होने पर वार्ड के जिला पार्षद से एनओसी लेकर ही ठेकेदार को भुगतान किया जाए। चेयरमैन ने पंचायती राज विभाग के एसडीओ से पूूछा कि छांयसा गांव में होने वाले एक काम के लिए बीडीपीओ कार्यालय ने 16 लाख का एस्टीमेट बनाया, जबकि ग्राम पंचायत ने यह काम 12 लाख रुपये में किया।  इस पर अधिकारी कोई संतोष जनक उत्तर नहीं दे सके। जिला परिषद के सीईओ भूपेंद्र सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ तो उसकी जिम्मेदारी उच्च अधिकारियों की होगी। इसलिए समय समय पर साइटों का दौरा करें। इस दौरान लाइट मामले में चेयरमैन ने बीडीपीओ बल्लभगढ़ से जवाब मांगा। आरोप है कि गांवों में लाइट लगाए बिना की रकम डकार ली गई है। आंगनवाड़ी में घटिया खाद्य सामग्री पर भी सीडीपीओ कमलेश भाटिया को दिशा निर्देश दिए गए। बाल कल्याण विभाग के क्लर्क बालस्वरूप को सदन की मीटिंग के दौरान हंसने पर सीईओ ने कार्रवाई करने का आदेश दिया। इसके अलावा जिला परिषद की जमीनों की पहचान कर उन्हें परिषद के नाम किए जाने का आदेश दिया गया। मीटिंग में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए ठेकेदारों से समय पर काम पूरा करने के लिए कहा गया। जिला पार्षदों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को विस्तार से रखा। इस अवसर पर डीडीपीओ प्रदीप कुमार, बीडीपीओ पूजा शर्मा, प्रदीप कुमार, सुपरिडेंट जगदीश गोयल, जिला पार्षद पुष्पा डागर, अवतार सारंग, शैलेंद्र सिंह,  पूनम अधाना, जगत सिंह व जगदीश सहित अधिकारी मौजूद रहे।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar