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सीमाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : राजनाथ

नयी दिल्ली। बंगलादेश से रोहिंग्या सहित अन्य अवैध आव्रजकों की घुसपैठ पर रोक लगाने की बड़ी चुनौती के बीच केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि केन्द्र सरकार पड़ोसी देशों से लगती सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री बंगलादेश से लगते राज्यों के मुख्यमंत्रियों और गृह मंत्रियों के साथ सीमाओं से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए कल कोलकाता में आयोजित एक बैठक में हिस्सा लेंगे । इस बैठक में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने कहा , “ देश के पूर्वी हिस्से की तीन दिन की यात्रा के लिए कोलकाता रवाना हो रहा हूं। बंगलादेश की सीमा से लगते राज्यों के मुख्यमंत्रियों और गृह मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लूंगा। केन्द्र सभी पड़ोसी देशों के साथ भारत की सीमा की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ”

The Union Minister for Finance and Corporate Affairs, Shri Arun Jaitley chairing the 3rd meeting of Pre-Budget Consultative Committee with stakeholders groups from Industry and Trade in connection with the forthcoming Union Budget 2018-19, in New Delhi on December 06, 2017.
The Finance Secretary, Dr. Hasmukh Adhia and other dignitaries are also seen.

बैठक में पश्चिम बंगाल, असम,मेघालय,त्रिपुरा और मिजोरम के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री हिस्सा लेंगे। सूत्रों के अनुसार बैठक में मुख्य रूप से बंगलादेश से लगती सीमा पर बाड़ लगाने , अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने और अन्य मुद्दों की समीक्षा की जायेगी। इसके साथ ही जाली मुद्रा तथा मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
विशेष रूप से रोहिंग्या समुदाय के लोगों की घुसपैठ सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है अौर उन्हें वापस भेजने के लिए सरकार को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। म्यांमार से लाखों की संख्या में रोहिंग्या बंगलादेश में घुसपैठ कर रहे हैं जहां से इनका लक्ष्य भारत आना होता है।
श्री सिंह विभिन्न देशों से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से संबंधित मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए समय -समय पर इन राज्यों के साथ बैठक कर रहे हैं। अब तक इस तरह की चार बैठकें हो चुकी हैं जिनमें पाकिस्तान, चीन और म्यांमार की सीमाओं से लगते राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकें आयोजित की गयी हैं। अभी भूटान और नेपाल से लगते राज्यों के साथ बैठकें होनी बाकी है।

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