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सेक्टर-58 झाड़सेंतली में प्रदूषण फैलाने वाली इकाईयों पर 5-5 लाख का जुर्माना

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सुनाया फैसला, बंद होंगी सभी इकाईयों

फरीदाबाद। बल्लभगढ़ के सेक्टर-58 झाड़सेंतली में प्रदूषण फैलाने वाली ड्राईंग और प्लेटिंग इंडस्ट्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट नई दिल्ली ने जहां इन इकाईयों पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है वहीं इन इकाईयों को बंद करने के भी आदेश दिए है। रेजिडेंस वेलफेयर एसो. झाड़सेंतली के प्रधान चरण डागर एवं समाजसेवी वरुण श्योकंद ने मिलकर इस बाबत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। उनकी ओर से अधिवक्ता शरीक अब्बास जैदी इस मामले की पैरवी कर रहे थे। अदालत में प्रदूषण की इस समस्या को गंभीर पाया और आज आदेश दिया कि इन फैक्ट्रियों के खिलाफ न केवल जुर्माना लगाया जाए बल्कि इन्हें तुरंत बंद भी किया जाए। अदालत द्वारा दिए गए फैसले में धु्रव ग्लोबल, मदान प्रोसेस हाउस, साइटकस, साकेत फब जैसी पॉल्यूशन फैलाने वाली बड़ी यूनिटों पर भारी जुर्माना ठोका गया। गौरतलब है कि समाजसेवी वरुण श्योकंद एवं रेजिडेंस वेलफेयर एसो. झाड़सेंतली ने 5 जून, 2016 को स्थानीय लोगों के साथ पूरे औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया और देखा कि ज्यादातर उद्योग में से कोई भी प्रदूषण विभाग के मानदंड / दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है। वे सभी खुले में रासायनिक कचरे का निर्वहन कर रहे है और जिससे भूजल तथा पूरा वातावरण खराब हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के साथ गठजोड़ में इस औद्योगिक क्षेत्र का सहयोग उद्योगों द्वारा सीईटीपी चलाने के लिए एकत्रित धन का उपयोग कर रहा है। इन इकाईयों से निकलने वाला रसायन इतना दूषित होता है कि वहां खड़ा भी नहीं हुआ जाता, इससे न केवल यहां का पानी बल्कि क्षेत्र की पूरी हवा प्रदूषित हो रही है। वायु शुद्ध करने के लिए कोई धुआं निकालने वाली प्रणाली / स्क्रबर सिस्टम, किसी भी उद्योग द्वारा अपनाया नहीं जाता है, जिसके कारण पर्यावरण निरंतर जहरीला बनता जा रहा है, जिसके चलते क्षेत्र में रहने वाले लोग कैंसर, गुर्दा फेलियर, फेफडों का संक्रमण  आदि घातक रोगों की चपेट में आ रहे है। इन इकाईयों में होने वाले प्रदूषण से अकेले झाड़सेंतली में ही करीब 22 लोग केंसर के चलते अपनी जान गंवा चुके है। इसी के तहत नेशनल ग्रीन टिब्यूनल कोर्ट नई दिल्ली अपना फैसला सुनाते हुए आज सेक्टर 58 की सभी डाइंग और प्लेटिंग इंडस्ट्री पर जो प्रदूषण फैला रही थी, के खिलाफ 5-5 लॉख रुपए जुर्माने के तौर पर व  बंद करने के आर्डर दिए। स्थानीय लोगों ने अदालत के इस निर्णय का स्वागत किया है।

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