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सेना की बड़ी कामयाबी, पुलवामा में ढेर हुआ जैश सरगना मसूद अजहर का भांजा

श्रीनगर। कश्मीर मसले पर शुरू हुई वार्ता के बीच सोमवार शाम दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुई मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए, जबकि एक सैन्यकर्मी शहीद हो गया व दो अन्य जवान घायल हो गए। मारे गए आतंकियों में एक, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का भतीजा रशीद तल्हा बताया जा रहा है। इसके अलावा मारा गया एक आतंकी पाकिस्तानी और एक स्थानीय था।

इस दौरान घेराबंदी में फंसे आतंकियों को सुरक्षित निकालने के लिए सुरक्षाबलों पर पथराव कर रही भीड़ और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हिसक झड़पों में पांच युवक जख्मी हो गए।

हालात को देखते हुए पुलवामा जिले व उसके साथ सटे इलाकों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। घेराबंदी में फंसे आतंकियों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं सूत्रों की मानें तो आतंकी वसीम, समीर टाइगर, आदिल हिजबी और लियाकत के अलावा दो अन्य विदेशी आतंकियों में जैश-ए-मुहम्मद के सरगना अजहर मसूद के तथाकथित भतीजे महमूद समेत छह आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया गया था।

एसएसपी पुलवामा असलम चौधरी ने बताया कि शाम को हमें अपने तंत्र से पता चला कि अगलरकंडी गांव में तीन से चार आतंकी अपने एक संपर्क सूत्र से मिलने आए हैं। उसी समय हमारे विशेष अभियान दल (एसओजी) के जवानों ने सेना की 44 आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ के जवानों के साथ अभियान चलाया। जवान जैसे ही आतंकी ठिकाने के करीब पहुंचे, आतंकियों ने वहां से भागने का प्रयास करते हुए फायरिंग शुरू कर दी।

जवानों ने भी जवाबी फायर किया। इसी दौरान वहां शरारती तत्वों ने भी जमा होकर सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया, लेकिन जवानों ने घेराबंदी जारी रखते हुए आतंकियों की गोलियों का जवाब दिया। इस दौरान तीन आतंकी मारे गए और तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इनमें से सेना की 44 आरआर से संबंधित जवान शाम सुंदर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने भी तीन आतंकियों के मारे जाने व एक जवान के शहीद होने की पुष्टि की है। मारे गए आतंकियों से दो असाल्ट राइफलें व कुछ अन्य सामान मिला है। सूत्रों ने बताया कि पथराव कर रही भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठियों और आंसूगैस के साथ पैलेटगन व हवाई फायरिंग का भी सहारा लिया।

इन झड़पों में पांच लोग जख्मी हुए, जिनमें एक घायल तारिक अहमद बट को गोली लगी है। वहीं एसएसपी ने इससे इन्कार करते हुए कहा कि अगर गोली लगी है तो वह क्रास फायरिंग में लगी होगी। उन्होंने मारे गए आतंकियों की पहचान से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि अभी अभियान जारी है। कुछ और आतंकी घेराबंदी में फंसे हैं।

कौन है मसूद अजहर ?

जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर जिसे 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड के बाद भारत को रिहा करना पड़ा था. तब भारत की मजबूरी थी क्योंकि इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 814 के 178 यात्रियों को सही सलामत आतंकियों के कब्जे से छुड़ाना था. भारत के चंगुल से छूटते ही मसूद ने जैश-ए-मोहम्मद बनाया औऱ फिर भारत के खिलाफ जहर और जंग का एलान कर दिया. छूटने के दो साल में ही मसूद अजहर ने 2001 में संसद पर हमला करके एहसास कराया कि उसे छोड़ना कितनी बड़ी भूल थी. संसद हमले के बाद मसूद ने भारत के खिलाफ नए सिरे से आतंकी हमले को अंजाम देना शुरू किया. पठानकोट एयरबेस पर हमला मसूद के आतंकियों ने किया. 7 महीने के बाद फिर मसूद ने उरी में सेना मुख्यालय पर हमला करके खुद को भारत का दुश्मन नंबर एक साबित कर दिया है.

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