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सोनी सब के कलाकारों ने दिवाली पर क्या कहा

प्रियंवदा कांत उर्फ सोनी सब के ‘तेनाली रामा’ की शारदा
दिवाली मेरा पसंदीदा त्योहार है। इस दिन मेरा उत्साह वैसा ही होता है, जैसा मेरे बर्थडे पर। मैं पूरे दिन नये कपड़े पहनती हूं, तैयारियां करती हूं और पूरे घर को सजाती हूं। मेरा पसंदीदा त्योहार होने के कई कारण हैं। मेरी सबसे अच्छी यादें कोलकाता में मेरी नानी घर से जुड़ी हुई है! सारे कजिन्स एक जगह इकट्ठा होते थे, नये कपड़े पहनते थे और पूजा की तैयारियों में नानी की मदद करते थे। इसके बाद बड़ा ही बेहतरीन डिनर होता था, जिसमें ढेर सारे स्वादिष्ट पकवान होते थे। ये यादें मेरे साथ हमेशा रहती हैं और मैं उन्हें हमेशा अपने पास संभालकर रखूंगी! मैं हमेशा ही दिवाली पर काम करती रही हूं, और इस साल भी मुझे लगता है कि मैं दिवाली पर शूटिंग ही करूंगी। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है कि इस साल दिवाली पर मेरे माता-पिता मेरे साथ हैं। हम सब नये कपड़ों, तोहफों, मिठाइयां और पटाखों के साथ दिवाली मनायेंगे। मैं आपसे कहना चाहूंगी कि किसी और की जिंदगी भी रोशन करें और किसी अनजाने या जिन दोस्तों से आप लंबे समय से नहीं मिले या परिवार के किसी सदस्य के जीवन में खुशियां लायें।

चित्रांशी रावत उर्फ, सोनी सब के ‘शंकर जय किशन 3 इन 1’ की सिंपल
दिवाली हमेशा से ही मेरा पसंदीदा त्योहार रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इस दौरान मैं खुद के लिये समय दे पाती हूं और ऐसा लगता है मेरे आस-पास की ऊर्जा में अचानक ही बदलाव होने लगे हैं, जहां मुझे नई उम्मीदें और खुशी महसूस होती है। ओह! भला स्वादिष्ट खाने और मिठाइयों को कैसे भूल सकते हैं, जो आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिल-बांटकर खाते हैं। दिवाली से जुड़ी मेरी सबसे अच्छी यादों में मेरे शहर देहरादून की है, जहां मेरी मां घर को सजाने की जिम्मेदारी मुझे देती थीं। मुझे याद है सर्दियों की सुबह जल्दी उठ जाती थी, अपने गार्डन से गेंदे के फूल तोड़ा करती थी। मैं फूलों से घर सजाती थी और शाम में मैं चावल के पेस्ट और रंगों से लक्ष्मी जी के पैरों की आकृति वाली रंगोली बनाया करती थी। मैं पूरे घर को दीयों और लाइट से सजाती थी। हमेशा से मैं जो बदलाव देखना चाहती थी वो आखिरकार हो ही गया। मुझे बहुत खुशी है कि हमारी सरकार ने इस दिवाली पर दिल्ली में पटाखों पर रोक लगा दी है। कम से कम हम कहीं से शुरुआत तो कर रहे हैं। मैं और मेरे भाई ने उसी समय से पटाखे फोड़ना छोड़ दिया था, जब हम सिक्थ ग्रेड में थे, उस समय मुझे इसके बुरे प्रभावों के बारे में पता चला था। अपने और दूसरों के प्रति दयावान बनें और सद्भावना रखें। अपने आस-पास के लोगों को खुशी दें, अपने अंदर का प्रकाश उन्हें महसूस होने दें। दुनिया में अच्छी चीजों को प्रेरित और प्रोत्साहित करें, क्योंकि आपके पास बदलाव लाने की ताकत है।

कृष्ण भारद्वाज उर्फ सोनी सब के ‘तेनाली रामा’ के तेनाली रामा
इस साल मेरी दिवाली खास होने वाली है। सबसे बड़ी वजह है कि मैं ‘तेनाली रामा’ के सेट पर इसे मनाऊंगा। हमलोग सब साथ मिलकर लजीज पकवान खायेंगे और एक-दूसरे के साथ गपशप करेंगे। चूंकि मैं घर से बाहर हूं, इसलिये स्वाभाविक है मैं अपने घरवालों को मिस करूंगा। लेकिन मुझे लगता है कि मेरे साथी कलाकार और सारा क्रू मुझे घर की याद नहीं आने देंगे, खासकर त्योहारों के समय। और हां, मेरे पूरे घर को दीयों और फूलों से सजाऊंगा।

हुसैन कुवजेरवाला उर्फ सोनी सब के ‘सजन रे फिर झूठ मत बोलो’ के जय
दिवाली से जुड़ी मेरी सबसे अच्छी यादों में है जब हम पटाखे जलाया करते थे और चोपड़ पूजन किया करते थे। मैं वाकई इस बात पर यकीन नहीं करता कि त्योहारों के दौरान संकल्प लिये जायें। मैं सबको सुरक्षित और खुशहाल दिवाली की शुभकामनाएं देता हूं। और सबसे यही गुजारिश करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा पर्यावरण का ध्यान रखते हुए दिवाली मनाएं।

 

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