National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

स्मॉग ने बढ़ाई श्वांस रोगियों की संख्या : डॉ. हेमंत

एशियन अस्पताल के श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत गोयल

फरीदाबाद। स्मॉग वायु प्रदूषण और धुंध का मिश्रण है जिसे धुंध वायु प्रदूषण भी कहा जा सकता है। इसमें कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मौजूदगी के कारण सांस से संबंधित इजाफा हो रहा है। बच्चे और बुजुर्गों के अलावा युवावर्ग भी इसका शिकार हो रहा है। इसके अलावा अस्थमा, ब्रोंकायटिस और दिल के रोगियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।  एशियन अस्पताल के श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत गोयल ने बताया कि स्मॉग एक गंभीर समस्या है। इतना अधिक पर्यावरण प्रदूषण काफी लंबे अर्से के बाद हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। यह हर वर्ग को प्रभावित कर रहा है। पिछले छह दिनों में 25 से 30 प्रतिशत सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोजाना आने वाले मरीजों में 10 में से 3 नए मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा गले में खरांश, घरघराहट, खांसी, आंख और नाक में जलन, एलर्जी और निमोनिया जैसी समस्याएं भी स्मॉग की देन हैं। ब्रोंकायटिस और अस्थमा के जरिए लोगों को दिल और फेफड़ों के रोगी बना रहा है, जो फेफड़ों की कार्यक्षमता को कम करने के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ पैदा कर रहा है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से  हार्ट अटैक, कैंसर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. हेमंत का कहना है कि क इस प्रकार की समस्या पहले दिसंबर-जनवरी के दौरान होती थे, लेकिन वायु प्रदूषण के कारण नवंबर की शुरुआत में ही आ चुकी है। उन्होने बताया कि वातावरण में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाने के कारण दिल के रोगियों को गंभीर समस्या होने की संभावना बनी रहती है । शहर में चलने वाले वाहन, जलते कूड़े से उठने वाला धुआं, इंडस्ट्रीज से निकलने वाला धुआं, स्मॉग के दुष्प्रभाव से कैसे बचें: लोग खासकर बुजुर्ग, बच्चे व गर्भवती महिलाएं शामिल हैं, जितना हो सके घरों से बाहर निकलने से बचें। जो लोग पहले से ही हाइपरटेंशन, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा के शिकार हैं, जिनको स्टेंट डले हुए हों या फिर हार्ट अटैक के शिकार हों को इस मौसम में खास सावधानी बरती चाहिए। अगर किसी कारणवश घर से बाहर निकलना पड़ रहा हो तो मुंह ढकक़र निकलें।  सुबह और शाम के समय घर से बाहर न निकलेें, सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करें, हृदय रोगी, अस्थमा रोगी, बुजुर्ग व बच्चे समय -समय पर डॉक्टर से अपने स्वास्थ्य की जांच कराएं।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar