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स्वराज यात्रा आज दूसरे दिन 14 और गांवों तक पहुँची।

दक्षिण हरियाणा के इस इलाके में जल संरक्षण के मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया।

हरियाणा। स्वराज इंडिया और जय किसान आंदोलन की “स्वराज यात्रा” आज दूसरा दिन बलवाड़ी गाँव से शुरू हुई और 14 गाँवों से होते हुए हजीरपुर गाँव में आज की यात्रा का समापन हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व् किसान नेता योगेंद्र यादव के नेतृत्व में चल रही इस यात्रा में जहाँ कल शंखनाद दिवस के रूप में मनाया जा रहा था, वहीं आज का दिन ‘जल संरक्षण दिवस’ के रूप में मनाया गया।
इस स्वराज यात्रा के चार प्रमुख उद्देश्यों में से एक है: जल संरक्षण। आज देश जिस कृषि संकट से गुज़र रहा है, उसका एक अभिन्न पहलू है जल संकट। इससे उबरने के लिए हमें अपनी समृद्ध परंपराओं से सीखना होगा, अपने तालाबों (जोहड़)का संरक्षण करना होगा।
इसी क्रम में गोथड गाँव में गाँव वालों के साथ योगेन्द्र यादव ने श्रमदान किया। ज्ञातव्य हो कि हम संवेदनहीन सरकारों के भरोसे अपने गाँवों के भविष्य को नहीं छोड़ सकते। आज जल संकट अस्तित्व का संकट बन गया है। इससे हमें हर स्तर पर लड़ना है। स्वराज यात्रा को लेकर गाँवों में भरपूर उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा को गाँव की महिलाओं, मजदूरों, किसानों, युवाओं समेत हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। जल संरक्षण के लिए भी कई लोग, विशेषकर महिलाएँ आगे आईं। हर गॉव में गाँधीवादी अनुपम मिश्र की ‘आज भी खरे है तालाब’ की प्रति दी गयी, जिसमे तालाबो के संरक्षण के महत्व को विशेष रूप से रेखाँकित किया गया है।
स्वराज यात्रा को अपना समर्थन देने आए ओड़िशा के किसान नेता लिंगराज ने गोठड़ा गाँव में सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वराज इंडिया पार्टी गठन के समय से ही खेती किसानी की समस्या का मुद्दा उठती आयी है। ओड़िशा में धान हो या हरियाणा में बाजरा-सरसों, फसल का समर्थन मूल्य ना मिलने पर किसानों को अब आंदोलन करके अपना हक लेना होगा। ओड़िशा का किसान पंजाब और हरियाणा के किसान की मंडी व्यवस्था को उत्तम समझता था पर देखते देखते हरियाणा के किसान की स्थिति भी बेहद खराब हो गयी है।
यात्रा के दौरान सभा को संबिधित करते हुए योगेन्द्र यादव ने कहा कि हर गाँव में 20-30 युवा डिग्री लेकर भी बेरोज़गार हैं और खेती में कोई मुनाफा नहीं है। जल संकट पर बोलते हुए उन्होंनें कहा कि सरकार SYL के नाम पर किसानों से झूठ बोल रही है। विज्ञान और सरकार कुछ भी कर ले लेकिन अब तक पानी बनाना नहीं सीखा, इसलिए हमें अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए पानी बचाने के लिए कर संभव कोशिश करनी चाहिए।
यात्रा के दौरान योगेन्द्र यादव ने देश व खेती-किसानी ,गाँव के लिए अपना कीमती 2 साल देने के लिए तैयार स्वराज योगियों को शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहाकि आपका दो साल गाँव और देश की बेहतरी के लिए होगा।हर उम्र के लोगों में स्वराज योगी बनकर देश के लिए कुछ करने का उत्साह दिखाई पड़ा, महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
यात्रा को मिल रहे जनसमर्थन का और युवाओं के बीच इसके असर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज़ 20 मिनट की चर्चा के बाद मामड़िया ठेठर गाँव में 12 स्वराज योगी बने जिसमे 7 युवा 25 वर्ष की उम्र से कम है।
यह यात्रा ग्राम बल्हाडी से शुरू 14 गांवों से हो रात्रि में ग्राम हजीरपुर में विश्राम करेगी। यात्रा को स्थानीय स्तर पर व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। स्थानीय लोगों के साथ इस यात्रा में देश के अन्य प्रांतों के किसान नेता भी शामिल है। आविक साहा राष्ट्रीय संयोजक जय किसान आंदोलन, के पी सिंह बेंगलूर, लिंगराज उड़ीसा, अरुल अरूमुगम, कामरेड दलीप सिंह, सरदार परमजीत सिंह तमिल नाडु, अजित सिंह उत्तरप्रदेश, इंद्रनील बिस्वास पश्चिम बंगाल, रमन रंधावा गंगा नगर राजस्थान, आलोक कुमार बिहार, मंजिर हुसैन दिल्ली समेत भारत के विभिन्न हिस्सों से आए स्वराज के साथी शामिल है।

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