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स्वराज यात्रा का तीसरा दिन रहा महिला किसानों को समर्पित

रेवाड़ी के ग्रामीण अंचल में चल रही स्वराज यात्रा का तीसरा दिन रहा महिला किसानों को समर्पित।

 

पदयात्रियों ने आज का दिन ‘महिला किसान दिवस’ के रूप में मनाया।

रेवाड़ी। दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी में चल रही स्वराज यात्रा आज तीसरे दिन हरजीपुर गांव से शुरु होकर होकर होकर 13 गांव से गुजरते हुए बेरवाल गांव पर स्थगित हुई। स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के नेतृत्व में चल रही इस यात्रा में पदयात्री प्रतिदिन 20 से अधिक किलोमीटर की दूरी तय कर गाँव गाँव जा रहे हैं। ग्रमीण भारत ,खेत, किसान, नौजवान की दुश्वारियों को रेखाँकित करते चल रही इस यात्रा में आज के दिन को महिला किसानो को समर्पित करते हुए महिला किसान दिवस के रूप में मनाया।
आंकड़ों के अनुसार देश में 70% से अधिक महिलाएं जो खेती में के कामों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित हैं परंतु देश में कभी भी किसानों की पहचान के रूप में महिला किसानों को स्थान नहीं मिला। स्वराज यात्रा का आज का पूरा दिन महिला किसानों को समर्पित रहा। आज की यात्रा में बड़ी संख्या में महिला किसानों ने भागीदारी की, यात्रा को का नेतृत्व किया तथा जमीनी स्तर पर आ रहे हैं उनकी चुनौतियों और परेशानियों को प्रमुखता से सबके सामने रखा। अधिकतम महिला किसानों ने गांव में बढ़ रहे नशाखोरी की समस्या को प्रमुखता से उठाया। सुबह पीठड़ावास गांव में हुई महिला किसानों की एक बड़ी सभा के दौरान गांव में शराब के बढ़ते असर को बताते हुए एक महिला रो पड़ी, जब उन्होंने बताया कि पहले उनके पति को शराब की लत थी अब उनका बेटा भी इस लत का शिकार हो चुका है। दक्षिण हरियाणा के अधिकतम गांव में शराब की खपत बहुत तेजी से बढ़ी है।
डांगावास गांव में चल रही सभा के दौरान सरपंच जगदीश जी ने महिलाओं की मांग का समर्थन करते हुए यह कहा कि अगली ग्राम सभा की मीटिंग में वह गांव के पास के ठेके को बंद कराने के लिए प्रस्ताव पास करेंगे और इस प्रस्ताव की प्रति पूरे गांव की दीवारों पर चस्पा करेंगे। गांव में शराब को लेकर एक अघोषित गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है ।
स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव महिला किसानों के बारे में बोलते हुए कहा कि खेती के काम का शोध बताता है कि खेत में होने वाला 70% काम औरत करती है, और आदमी सिर्फ 30% करते हैं। जबकि सरकारी आंकड़ों में हरियाणा में काश्तकारों में महिलाओं की संख्या सिर्फ 27% है। खेती की जमीन में मालिक के तौर पर सिर्फ 12.05% औरतों का नाम दर्ज है। यह किसी से उसका वाजिब हक छीनने जैसा है।
जय किसान आंदोलन के अध्यक्ष अविक साहा ने महिला किसानों की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कि मेरी नजर में खेत खलियान में खेत खलियान में काम करने वाली हर महिला, भारत माता के समान है। हम इस स्वराज यात्रा का के माध्यम से भारत के गांव, खेत, किसान, नौजवान की दुश्वारियों को एक संगठित आंदोलन का रूप देते हुए, स्वदेश की संस्कृति जानने-समझने की चेष्टा है।

स्वराज यात्रा के माध्यम से मुख्यतः चार बातें रखना चाहते हैं।
1. किसान की फसल का पूरा वाजिब दाम मिले
2. हर हाथ को काम व पूरी मजदूरी मिले
3. जलसंरक्षण के लिए गांव के जोहड़ को पुनर्जीवित किया जाए
4. घर परिवार व गांव की खुशहाली के लिए गांवों को नशामुक्त किया जाए

यात्रा के दौरान योगेन्द्र यादव ने देश व खेती-किसानी ,गाँव के लिए अपना कीमती 2 साल देने के लिए तैयार स्वराज योगियों को शपथ भी दिलाई। 3 दिन की इस यात्रा में अब तक 200 से अधिक स्वराज योगियों ने गाँव और किसान की बेहतरी के लिए अपने 2 साल देने का प्रण लिया। महिला किसानों ने आज इस अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
महिला किसान नेता राजबाला, कुसुम, विमला प्रधान, उत्तर प्रदेश से आई महिला किसान साथी महिला किसान अर्चना श्रीवास्तव सहित कई महिला किसान साथियों ने आज की सभाओं को संबोधित किया।

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