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स्‍मॉग समस्‍याः हरियाणा व दिल्‍ली में नहीं होंगे पुराने वाहनों के रजिस्‍ट्रेशन

चंडीगढ़। दिल्ली-एनसीआर में हो रहे प्रदूषण से परेशान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बुधवार को मुलाकात की। वार्ता में अाठ बिंदुओं पर सहमति हुई। बैठक में फैसला किया गया कि हरियाणा और दिल्‍ली में अब पुराने वाहनों का रजिस्‍ट्रेशन नहीं हाेगा। अब नए वाहन सीएनजी पर ही चल सकेंगे। दोनों सीएम और दोनों राज्‍यों के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर अपने पक्ष रखे। बैठक में इस समस्‍या के हल के लिए मिलजुल कर कार्य करने के लिए रणनीति बनाई गई। हरियाणा व दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्रियों की बैठक में स्‍मॉग से निपटने का अाठ बिंदुओं पर बनी सहमति – बैठक के बाद मनोहर लाल और अरविंद केजरीवाल ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में इसमें किए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि बैठक में फैसला हुआ कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में स्मॉग की समस्या से निपटने के लिए हरियाणा व दिल्ली मिलकर काम करेंगे। दोनों मुख्‍यम‍ंत्री के बीच बातचीत करीब डेढ़ घंटे तक चली। बैठक में स्मॉग की समस्‍या से निपटने के लिए आठ बिंदुओं पर सहमति बनी।

दोनों राज्‍यों में नए वाहन सीएनजी पर ही चलेंगे –
इसके तहत हरियाणा और दिल्ली में अब पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा तथा नए वाहन सीएनजी पर चलेंगे। गुरुग्राम बस डिपो में नए बेड़े में शामिल होने वाली 500 नई बसें भी सीएनजी वाली होंगी। इसके अलावा केएमपी (कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे) के निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ ही इस दौरान वहां पानी का छिड़काव किया जाएगा, ताकि प्रदूषण न फैले। बैठक में हरियाणा ने (कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे) के निर्माण की प्रगति की जानकारी बैठक में रखी।
उन्‍होंने बताया कि बैठक में खेतों में पराली नहीं जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने तथा पराली निस्तारण के उपकरणों पर सब्सिडी बढ़ाने पर भी सहमति बनी। साथ ही वाहन प्रदूषण रोकने के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर दोनों राज्य एकमत रहे।
केजरीवाल ने कहा कि हवाओं पर किसी का कंट्रोल नहीं है इसलिए उत्तर भारत की इस समस्या के समाधान के लिए सभी राज्‍यों की संयुक्त जिम्मेदारी है। बैठक में हरियाणा के पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल समेत राज्‍य के तमाम उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

आश्रम से बदरपुर तक एलिवेटिड फ्लाईओवर –
दोनों राज्यों की बैठक में दिल्ली आश्रम से फरीदाबाद के बदरपुर बार्डर तक एलिवेटिड फ्लाई ओवर बनाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। बाद में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक अर्ध सरकारी पत्र भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस बारे में थमाया। केजरीवाल ने इसके लिए मिलकर प्रयास करने की बात कही।

ग्रीन टैक्स के आटोमेशन पर जोर –
हरियाणा ने दिल्ली सरकार द्वारा वसूले जाने वाले ग्रीन टैक्स के आटोमेशन (स्‍वचालन) की जरूरत पर जोर दिया। दिल्ली के मुख्यमंत्री हरियाणा के इस सुझाव पर भी पूरी तरह से सहमत दिखाई दिए। मनोहर लाल द्वारा केजरीवाल को सौंपा गए अर्द्ध सरकारी में भी इस मुद्दे का जिक्र है। इससे पहले बैठक में हरियाणा और दिल्‍ली के अधिकारियों ने प्रदूषण को लेकर अपने पक्ष रखे। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और अधिकारियों ने स्‍मॉग के लिए पराली जलाए जाने सहित अन्‍य कारणों का जिक्र किया। मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल और हरियाणा के अधिकारियों ने राज्‍य में पराली जलाने से रोकने के लिए किए गए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। हरियाणा का कहना था कि स्‍मॉग के लिए दिल्‍ली में प्रदूषण सहित अन्‍य कारक भी जिम्‍मेदार है। इसके बाद दोनों राज्‍यों में इस समस्‍या के लिए मिलजुल कर काम करने पर सहमति बनी।

स्माॅग से निपटने को मिलकर काम करेंगे हरियाणा और दिल्ली –
इससे पहले केजरीवाल का सीएम आवास पहुंचने पर मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल और कई मंत्रियों ने स्‍वागत किया। मुख्‍यमंत्री ने केजरीवाल का स्‍वागत फूलों का गुलदस्‍ता देकर किया। बैठक शुरू होेने से पहले दाेनों नेताओं ने कहा कि समस्‍या के हल के लिए वे खुले दिल से रास्‍ता निकालेंगे। केजरीवाल ने इस समस्‍या पर बातचीत के लिए हरियाणा के सीएम का आभार जताया। मुख्‍यमंत्री मनाेहरलाल ने कहा कि हम इस मामले पर खुले दिल से बातचीत करेंगे।
इसके बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों के बीच पराली से फैलने वाले प्रदूषण को रोकने की रणनीति पर बातचीत शुरू हुई। दूसरी ओर, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस बातचीत को सिरे से खारिज किया। हुड्डा ने कहा कि मनोहर लाल को केजरीवाल का निमंत्रण स्वीकार नहीं करना चाहिए था। यह मीटिंग पूरी तरह से निरर्थक साबित होगी। उन्‍होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल को मिलने का समय न देकर अच्छा निर्णय किया है।

कैप्टेन अमरिंदर ने साधा निशाना –
इससे पहले केजरीवाल की इस मुलाकात को लेकर पंजाब के मुख्मयंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अरविंद केजरीवाल पर फिर निशाना साधा। अमरिंदर सिंह ने कहा है कि सड़क छाप राजनीति करने वाले केजरीवाल मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहते है। कैप्टन बोले कि केजरीवाल अच्छी तरह जानते हैं कि उनके साथ बैठक कर समस्या का हल नहीं निकलने वाला है।
बता दें कि केजरीवाल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक करने के लिए चंडीगढ़ रवाना हो चुके हैं और उन्होंने इस बैठक में शामिल होने के लिए कैप्टन को भी निमंत्रण दिया था। इसके अलावा केजरीवाल ने ट्वीट कर कैप्टन से मिलने का समय भी मांगा था। पिछली बार की तरह कैप्‍टन ने एक बयान जारी कर कहा कि पराली को लेकर केजरीवाल को राजनीतिक नहीं करनी चाहिए।
कैप्टन ने कहा कि केजरीवाल को अच्छी तरह से पता है कि पराली मुद्दे पर उनके साथ बैठक करने का कोई नतीजा नहीं निकलना है। इसके बावजूद यह कहना मुश्किल है कि केजरीवाल इस मुद्दे में अपना हाथ क्यों काला करना चाह रहे है। कैप्टन ने कहा कि सड़क छाप राजनीतिक करने वाले अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार की असफलता से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह राजनीतिक हथकंडा अपना रहे हैं।
कैप्टन ने कहा कि जिस तरह ऑड एंड ईवन स्कीम पर दिल्ली सरकार पलट गई वैसे ही उसका अन्य मुद्दों पर भी कोई स्टैंड नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो प्रदूषण की समस्या है वह अनियमित शहरी विकास, अनियमित परिवहन तथा औद्योगीकरण के कारण है। केजरीवाल को इन मुद्दों पर फोकस करना चाहिए न कि केवल कोरी राजनीति।
कैप्टन ने कहा ‘मेरे पास ऐसी राजनीति के लिए समय नहीं है।’ उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बातचीत करके हल निकालने की कोशिश में जुटी हुई है। अत: केजरीवाल को भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बातचीत करनी चाहिए।
यह दूसरा मौका है जब कैप्टन ने केजरीवाल को स्पष्ट शब्दों में बैठक करने से मना कर दिया है। इससे पूर्व भी केजरीवाल ने जब ट्वीट कर कैप्टन से मिलने का समय मांगा था तो कैप्टन ने कहा था कि उनसे बैठक करके समस्या का हल निकलने वाला नहीं है। केजरी ने फिर ट्वीट किया तो कैप्टन ने कड़े शब्दों में कहा था कि केजरीवाल अजीब शख्स हैैं जो हर मुद्दे पर अपनी राय तो देते हैैं लेकिन समस्या का समझते नहीं हैैं।

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