न्यूज के लिए सबकुछ, न्यूज सबकुछ
ब्रेकिंग न्यूज़

हंसराज महाविद्यालय में हिन्दी दिवस का हुआ आयोजन

विजय न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित हंसराज महाविद्यालय में हिन्दी साहित्य परिषद् द्वारा हिन्दी दिवस के अवसर पर “हिन्दी साहित्य और पर्यावरण विषय” पर परिचर्चा का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम विभिन्न कार्यों को समेटते हुए एक सप्ताह 14 से 19 सितम्बर तक चलेगा। यह कार्यक्रम हंसराज महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० रमा के सान्निध्य में आयोजित हुआ जिसके मुख्य वक्ता प्रो० पुरनचंद टंडन थे।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई जिसमें महाविद्यालय की छात्राएं स्वाती तिवारी, उमा मिश्रा, अफ़शा एवं शिवानी ने भाग लिया। वहीं हिन्दी साहित्य परिषद् के परामर्शदाता डाॅ० राजेश शर्मा ने आए हुए अतिथियों व श्रोताओं के प्रति स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि डाॅ० पुरनचंद टंडन ने अपने वक्तव्य में हिन्दी के इतिहास समेत राज्य भाषा बनने तक की कहानी बताई। साथ ही हिन्दी साहित्य और पर्यावरण पर बात रखते हुए कहा कि हिन्दी साहित्य में पर्यावरण प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। आप छायावाद काल को देखेंगे तो पाएंगे कि पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और पर्वत नदियों के माध्यम से मनुष्य व प्रकृति को जोड़ा है। तब के कवियों ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु एक दिशा दिखाया है। डाॅ० प्रभात ने हिन्दी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस तरह आप अपने माँ से प्रेम करते हैं उसी तरह से मातृभाषा का सम्मान करें। हंसराज कॉलेज की प्राचार्या प्रो० रमा ने कहा कि हंसराज काॅलेज पर्यवारण के साथ साहित्य को भी हरा भरा बनाए रखेगा‌। इसके लिए हमारे काॅलेज के वर्तमान छात्र समेत पूर्ववर्ती छात्र जो कि आज उपस्थित हुए हैं, सदैव अग्रणी भूमिका में रहते हैं। प्रध्यापक महेन्द्र प्रजापति ने वर्तमान एवं पूर्ववर्ती छात्रों को सदैव एक प्राध्यापक एक छात्र की तरह सहयोग करते रहने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डाॅ० राजमोहिनी सागर ने किया तो वहीं संचालन नृत्य गोपाल शर्मा ने किया। कार्यक्रम के उपरान्त छात्रों के बीच पौधा वितरण एवं पौधा रोपण भी किया गया।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar