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हनुमान जयंती, कालीपूजा के साथ छोटी दीपावली आज, मध्य रात्रि में यमदीप का करें दान

राजधानी सहित पूरे प्रदेश में बुधवार को हनुमान जयंती, काली पूजा और छोटी दीपावली मनायी जाएगी। काफी अरसे बाद काली पूजा दीपावली से एक दिन पहले मनायी जाएगी। कार्तिक अमावस्या पर ही मां काली, तारा और भुवनेश्वरी का भी प्रार्दुभाव हुआ था। मध्य रात्रि में यमदीप का दान लाभप्रद होगा।

सुंदरकांड के पाठ से मनोकामनाएं पूरी होंगी : ज्योर्तिवेद विज्ञान संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा.राजनाथ झा के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या पर हनुमान जी का अवतार हुआ था। इस मौके पर हनुमान जी की पूजा,सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने से सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

हनुमान पूजा से साढ़े साती,ढैय्या से राहत मिलेगी : ज्योतिषाचार्य प्रियेन्दु प्रियदर्शी के अनुसार कार्तिक अमावस्या पर सायंकाल मेष लग्न में हनुमान जी का जन्म हुआ था। हनुमान जी के 12 नामों की महिमा से समस्ता चराचर जगत की तुष्टि-पुष्टि होती है। हनुमान जी पर भगवान शिव,सूर्य और शनि की कृपा है। इसलिए इनकी पूजा मात्र से शनि की साढ़े साती और ढैय्या में राहत मिलती है।

पीले सिंदूर और ईत्र से पूजा करें
इस बार हनुमान जी की पूजा पीले सिंदूर,ईत्र और चमेली के तेल से करने से विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। वहीं व्यापारियों को विशेष धन की प्राप्ति होगी।

काली पूजा आज, जीवन के सारे कष्ट दूर होंगे : कार्तिक चतुर्दशी-अमावस्या बुधवार 18 अक्टूबर की मध्य रात्रि में मां काली की पूजा की जाएगी। मान्यता है कि दुष्टों का संहार करने वाली मां काली की आराधना से जीवन के सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है। मन के भय दूर होते हैं। राहू-केतु जैसे ग्रहों से शांति और शत्रुओं का नाश होता है। मां काली दस महाविद्याओं की महादेवी हैं। इस पूजा को महानिशा पूजा और श्यामा पूजा भी कहा जाता है। पूर्वी भारत खासकर बंगाल और मिथिला में काली पूजा की खूब धूमधाम होती है। मध्य रात में वैदिक और तंत्र विधि से काली पूजा करने से साधक की शक्ति जाग्रत होती है। बीज मंत्र ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाए विच्चे…का जाप रक्तचंदन के माला से 108 बार करने से कल्याण होता है।

लाल फूल से पूजन से मंगलदोष दूर होंगे
हनुमान जी की पूजा लाल फूल,ईत्र और अबरख को तुलसी के साथ करने से मांगलिक दोष दूर होंगे। ओम हं हनुमंते नम: का जापरूद्राक्ष की माला से करने से लाभ मिलेगा।

मध्य रात्रि में चौमुखी दीप जलाएं
आचार्य प्रियदर्शी के अनुसार बुधवार की मध्य रात में यमदीप जलाया जाएगा। चौमुखी दीप दान करने की परंपरा है। घर के दाहिने हिस्से में चौमुखी दीप जलाने से यम की यातना से मुक्ति मिलेगी और दुष्टों का संहार होगा।

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