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हिमाचल विधानसभा चुनाव हिमाचल विधानसभा चुनावभाजपा  60 प्लस सीटें जीतकर इतिहास बनाएगी : प्रेम कुमार धूमल     

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नामांकन से पूर्व सुजानपुर के चौगान मैदान में जुटी भीड़ इस बात की पुष्टि कर रही थी कि इस बार किसके माथे पर सत्ता का ताज होगा. नामांकन से पूर्व कल धूमल अपने सांसद बेटे अनुराग ठाकुर के साथ कुल देवी के मंदिर अवाह देवी से जब सुजानपुर के लिए निकले तो रास्ते में जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने रोककर फूल मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया. रैली में जुटी भीड़ को देखकर लोगों को नरेन्द्र मोदी की रैली का याद आ गई. लेकिन वह रैली महीनों की तैयारी का परिणाम था और प्रदेश भाजपा की पूरी टीम उसे सफल बनाने में जुटी थी जबकि कल की रैली में जुटी भीड़ स्वत:स्फूर्त अपने नेता को सुजानपुर आगमन पर उनके स्वागत में जुटी थी. नामांकन से दो दिन पूर्व सोशल मीडिया फेसबुक और ट्वीटर पर वीडियो मैसेज में उन्होंने अपील की थी कि कि सोमवार को वह सुजानपुर में नामांकन दाखिल करने आयेंगे तथा उससे पहले चौगान मैदान में अपने समर्थकों से मिलेंगे. आलम यह था कि मैदान छोटा पड़ गया और धूमल को प्रवेश द्वार से मंच तक पहुंचने में ही आधा घंटा लग गया. लोग फूल मालाएं पहना कर उनका स्वागत कर रहे थे और सारा मैदान गगनभेदी नारों से गूंज रहा था. इस दौरान टनों फूल मालाएं पहनाई गई. धूमल भी भावुक नजर आ रहे थे, इसलिए हर किसी से हाथ मिलाते हुए आगे बढ़ रहे थे. उन्हें मंच से संबोधित भी करना था और नामांकन का अंतिम दिन था, इसलिए समय पर नामांकन दाखिल करना था लेकिन समर्थकों का उत्साह देखकर वह उन्हें निराश नहीं करना चाहते थे. अंतक करीब 2.30 बजे नामांकन की प्रक्रिया सम्पन्न की गई. उनके साथ सुजानपुर के पूर्व विधायक नरेन्द्र ठाकुर भी थे, जो हमीरपुर से चुनाव लड़ रहे हैं. नामांकन से पूर्व चौगान मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते उसे भ्रष्ट और निकम्मी सरकार बताते हुए बदलने की आह्वान किया. केन्द्र सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में एक लाख बीस हजार करोड़ प्रदेश को आर्थिक सहायता का उल्लेख करते हुए कहाकि इससे पहले जब केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी तो प्रदेश को 20 हजार करोड़ रूपए मिले थे. वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर केन्द्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को श्रेय देते हुए उन्होंने कहाकि भाजपा ही सैनिकों के उचित सम्मान दिला सकती है. प्रेम कुमार धूमल ने मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में वोट देने की अपील करते हुए कहाकि भाजपा सरकार के समय प्रदेश पर कुल 28,000 करोड़ कर्ज था जो पिछले पांच वर्षों में सरकार की नाकामी के चलते दुगना 56,000 करोड़ हो गया है और आज हर हिमाचली पर 60,000 रूपए का कर्ज है. प्रदेश का बच्चा जन्म लेते ही 60,000 रूपए का कर्जदार हो जाता है. उन्होंने कहाकि सरकार की आर्थिक हालत यह हो गई है कि कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए सरकार के पास फंड नहीं है. हर बार कर्ज लेना पड़ रहा है लेकिन सरकार अपनी फिजूलखर्ची कम करने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहाकि प्रदेश को नशामुक्त तथा माफिया मुक्त न्यायप्रिय सरकार मिलेगी. उन्हें हमीरपुर सीट से सुजानपुर भेजने पर भी उन्होंने कहा स्पष्ट किया कि वह जनता की मांग पर ही यहां से लड़ रहे हैं और इस विधानसभा का काफी बड़ा हिस्सा डिलिमिटेशन से पहले उनकी पहली विधानसभा में आता था और यह रणनीति के तहत यहां से लड़ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना साकार करते हुए हिमाचल में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलेगा. इस दौरान सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि सुजानपुर के ऐतिहासिक मैदान में इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यादगार रैली हुई थी. धूमल के अभिनंदन के लिए पहुंचे जनसैलाब ने उस रैली की यादें दोबारा ताजा कर दी हैं. विधायक रविंद्र रवि, विजय अग्निहोत्री, नरेंद्र ठाकुर, पूर्व मंत्री रमेश धवाला, पूर्व विधायक बलदेव शर्मा और जिलाध्यक्ष अनिल ठाकुर सहित भाजपा नेताआें ने कहा कि हिमाचल में भाजपा की सरकार बनेगी।सभा को सांसद अनुराग ठाकुर, पूर्व विधायक नरेंद्र ठाकुर ने भी संबोधित किया. प्रदेश के कई विधायकों और भाजपा के वरिष्ठ नेताआें ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हुए ऐलान किया कि धूमल के मुख्यमंत्री बनने से भाजपा अनुमान से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेगी. रैली में जुटी भीड़ से गदगद भाजपा नेताआें का मानना था कि धूमल के करिश्माई नेतृत्व में भाजपा फिफ्टी प्लस ही नहीं बल्कि 60 प्लस का लक्ष्य हासिल करेगी. धूमल जैसे ही नामांकन करने पहुंचे उनका सामना कांग्रेस उम्मीदवार राजिन्दर राणा से हो गया. राणा ने उनके चरण स्पर्श किये और धूमल ने भी हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया. असल में राजिन्दर राणा पहले भाजपा में ही थे और एक समय मीडिया प्रभारी थे और उन्हें धूमल का करीबी माना जाता था लेकिन 2012 में भाजपा के टिकट न मिलने पर वह बागी होकर आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे और जीत कर विधायक बनकर कांग्रेस में शामिल हो गये थे लेकिन कांग्रेस ने उनसे इस्तीफा दिलवाकर उन्हें अनुराग ठाकुर के सामने चुनाव लड़वाया था जिसमें वह हार गये थे और बाद में हुए उपचुनावों में भी वह नरेंद्र ठाकुर से चुनाव हार गये थे लेकिन कांग्रेसनीत वीरभद्र सरकार ने उन्हें इनाम स्वरूप राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का अध्यक्ष बना दिया था. लेकिन अब जंग उन्हें अपने राजनीतिक गुरू से लड़ना पड़ रही है. अब देखना यह है कि वह कहां टिकते हैं. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुक्रवार को ही सोलन जिले की अर्की सीट से नामांकन कर चुके हैं लेकिन आज अपने बेटे विक्रमादित्य का नामांकन भरवाने पत्नी प्रतिभा सिंह व बेटी अपराजिता के साथ शिमला (ग्रामीण) ने नामांकन भरवाने पहुंचे. विक्रमादित्य पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस नेता और छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह ने 9 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इस बार वह नई सीट अर्की से चुनाव लड़ेंगे. अपनी परंपरागत सीट उन्होंने अपने बेटे के लिए छोड़ दी है. वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत हासिल की थी. कांग्रेस के मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किए गए 83 वर्षीय वीरभद्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी के युवा उम्मीदवार रतन सिंह पाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट से भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक गोविंद राम की जगह रतन पाल को टिकट दिया है. कांग्रेस को अंतिम समय ठियोग सीट पर फिर बदलाव करना पड़ा. शिमला की ठियोग विधानसभा सीट से रविवार को जारी हुई कांग्रेस की लिस्ट में दीपक राठौर को चुनाव मैदान में उतारा गया था. इस सीट पर बीते कई चुनाव से कांग्रेस की विद्या स्टोक्स लड़ती आ रही थी लेकिन इस बार शुरू में विद्या स्टोक्स ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को सीट छोड़ दी थी. तबियत खराब होने की वजह से उन्हें चंडीगढ़ भर्ती करवाया था लेकिन ठीक होते ही वे शिमला पहुंची और दावा ठोक दिया. राहुल गांधी से उनकी बात कराई गई और अंतिम दिन दोपहर ढाई बजे उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिया है. 

विजय शर्मा 

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