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ग़ज़ल : आपको देख कर मुस्कुराते रहे

आपको देख कर मुस्कुराते रहे
गीत ग़ज़लें सभी गुनगुनाते रहे
*
प्रेम से वास्ता इस कदर हो गया
दुश्मनी को भी’ दिल से भुलाते रहे
*
छोड़ कर हर बुरा ऐब हम तो यहाँ
राह के कंटको को हटाते रहे
*
डाल कर हाथ में हाथ अपना सनम
हाल दिल का तुम्हें हम सुनाते रहे
*
कर दिया आज झूठा हमी को यहाँ
हम ग़मों से जिन्हें ही बचाते रहे
*
अब सुनो बात दिल की कहूँ आपसे
रात भर वो हमें ही रुलाते रहे
*
खत लिखे प्रेम में आज तक जो उन्हें
रात भर हाथ में फडफडाते रहे
*
रख दिये आज हमने यहाँ पे दिए ।
राह अँधियार मे जो दिखाते रहे ।
*
मत करो बात संजय कभी उनकी तुम
उंगलियाँ जो तुम्हीं पर उठाते रहे
*

संजय कुमार गिरि, दिल्ली
9871021856

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