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२ करोड़ की सामान वापसी

० पीड़ितों की लौटी मुस्कान
पुलिस कप्तान ने कहा-प्रत्यावर्तन को सफल बनाने वालों का होगा सम्मान
बिलासपुर । वरिष्ठ पुलिस कप्तान की पहल पर डूबी सम्पत्ति मानकर चलने वालों के चेहरे पर आज रौनक देखने को मिली। न्याय मिलने के बाद भी पीडि़तों की संपत्ति कानूनी दाव पेंच के चलते मालखाने में दम तोड़ रही थी। लेकिन वरिष्ठ पुलिस कप्तान आरिफ शेख के प्रयास से संपत्ति मालिकों के बीच करीब २ करोड़ की अधिक सम्पत्ति वापस किया गया। बताते चलें कि यह वह सम्पत्त हैं..जिन्हें पुलिस प्रशासन ने विभिन्न घटनाओं के दौरान बरामद किया था। कानूनी दाव-पेंच के चलते सभी सम्पत्ति मालिकों को वापस नहीं दिया जा सका था। सोमवार को प्रार्थना सभा में एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस कप्तान के हाथों मालिकों को पुलिस कब्जे से सम्पत्ति को सुपुर्द किया गया।
बिलासपुर पुलिस प्रशासन ने प्रत्यार्वतन योजना के तहत चोरी और गुम सम्पत्ति का अभियान चलाकर करीब २ करोड़ की सम्पत्ति को मालिकों को वापस करने का फैसला किया है। पुलिस कप्तान ने प्रार्थना सभा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुल २२७ सम्पत्तियों को पीडि़त मालिकों के हवाले किया। वापस की गयी सम्पत्ति जिले की सभी थाना, यातायात और क्राईम ब्रांच की कार्रवाई के दौरान बरामद की गयी थी। प्रत्यावर्तन अभियान कार्यक्रम के दौरान पुलिस कप्तान के हाथों कुल १७० मोबाईल, १३ नग आभूषण, ३० मोटर सायकल, ८५५००रूपए नगद, १४ आटो, मेटाडोर, स्कार्पियों और अन्य वाहनों को मालिकों को दिया जाना है। इसके पहले पुलिस प्रशासन ने थानों की मालखाना से रिकार सूचीबद्ध कर विभिन्न न्यायालयों का सहयोग लिया।
एडिश्नल एसपी अर्चना झा ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस कप्तान के अभिनव पहल के तहत क्राइम ब्रांच की टीम ने जब्त मोबाईल को संबधित व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ १२ शहरों में दस्तक दी। मंहगी जब्त मोबाईल जैसे आईफोन,एप्पल को संबधित व्यक्ति को पुलिस कप्तान ने कार्यक्रम के दौरान वापस किया। अर्चना झा ने बताया कि कार्यक्रम में साल २००० से अभी तक लगभग १८ साल से पेंडिंग सम्पत्तियों की वापसी हुई। अभियान के दूसरे चरण में बहुमूलय वस्तुओं को जैसे आभूषण और नगदी रकम को लौटाया जाएगा।
वास्तविक हकदारों को मिली सम्पत्ति-एसपी
पुलिस अधीक्षक आरिफ हुसैन शेख ने बताया कि प्रत्यावर्तन अभियान के पहले चरण में पुलिस प्रशासन बिलासपुर ने विभिन्न थानों में पेंडिंग माल की वास्तविक हकदारों को वापसी की प्रक्रिया प्रारम्भ की है। अभियान में जिले के सभी थाना प्रभारियों, क्राईम ब्रांच अधिकारियों के अलावा यातायात थानों के अधिकारी और कर्मचारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी शाखाओं के जिम्मेदार अधिकारियों ने सामूहिक प्रयास कर सम्पतियों का निराकरण किया है। सम्पति वर्षाे से थानों के मालखानों में रखी थी। सम्पत्तियों की सूची बनाकर न्यायालय से सुपुर्द नामा आदेश प्राप्त किया गया। इसके बाद सम्पतियों वास्तविक हकदारों को सौंपा गया है।
पुलिस कप्तान ने की ईनाम की घोषणा
कार्यक्रम के दौारन वरिष्ठ पुलिस कप्तान आरिफ शेख ने बिलासपुर पुलिस के साथ दूसरे जिलों की पुलिस की तारीफ की है। आरिफ शेख ने कहा कि निश्चित रूप से कुछ अलग हटकर बिलासपुर के पुलिस जवानों ने किया है। निश्चित रूप से अभियान में जुटे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र है। अन्य जिलों के अधिकारी और जवानों ने भी परोक्ष-अपरोक्ष रूप से भरपूर समर्थन किया है। पुलिस कप्तान ने एलान किया कि अभियान को सफल बनाने वाले सभी थाना प्रभारियों और मालखाना प्रभारी को ना केवल सम्मानित किया जाएगा। बल्कि नगद ईनाम देकर जनसेवा अभियान के प्रति उत्साहित किया जाएगा।
पहले चरण में विभिन्न थानों से बरामद और वापिस की गयी सम्पत्ति
अर्चना झा ने बताया कि यातायात थाना से १९ मोटर सायकल, ०७ आटो। बिल्हा थाना से १३ मोबाईल, ३ सेट कम्प्यूटर। सरकण्डा थाना से ८ नग मोबाईल, १ लैपटॉप,१ मोटर सायकल, १ आटो, ३०हजार रूपये नगदी रकम वापस किये गए। इसी तरह थाना से २ आटो, १स्वराज माजदा, १स्कार्पियों , ३मोटर सायकल, १ मोबाईल को लौटाया गया। थाना मस्तुरी से ८ नग आभूषण १ मोबाईल्, १ मोटरसायकल, ४७०० रूपये नगदी की वापसी हुई। थाना रतनपुर से ६ नग आभूषण, १ मोटर सायकल, ५८०० रू. नगद मालिकों को दिया गया। थाना सिविल लाईन में जब्त १आटो,१ मेटाडोर वापस हुआ। थाना सीपत से १ नग आभूषण, १ मोटर सायकल और १ सिलिंग फैन लौटाया गया। थाना तखतपुर और पचपेढी और तारबाहर से १-१ मोटर सायकल को लौटाया गया। थाना कोनी से २ मोबाईल, ४५००० रूपये जब्त को वापिस किया गया। थाना चकरभाठा से १ मोटर सायकल, १ सेट कम्प्यूटर बांटा गया। थाना कोतवाली में जब्त १ लैपटॉप, १माल वाहन, १ मोटर सायकल और १ मोबाईल की वापसी हुई। इसके अलावा गुमशुदगी की रिपोर्ट पर बरामद १४४ मोबाइल को मालिकों के हवाले किया गया।
एडिश्नल एसपी ने बताया कि प्रार्थना सभा में लौटायी गयी सम्पत्तियों की कुल कीमत लगभग २ करोड़ रूपये से अधिक है। मोबाईल रिकव्हरी के लिये क्राईम ब्रांच टीम ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग १२ जिलों का दौरा की। मोटर व्हीकल एक्ट के कई प्रकरणों में वर्षों से जब्त मोटर सायकलों समन शुल्क की राशि जमा कराने के बाद प्रार्थियों को सुपुर्द किया गया। पुलिस कप्तान के मार्गदर्शन में सभी कार्य विधिवत तरीके से किया गया। अभियान को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों की पुलिस से बिलासपुर पुलिस को भरपूर समर्थन मिला है। जिसके कारण सामानों को वापसी हुई है।

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