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100 साल तक भाजपा को नहीं हारना चाहिए गुजरात में चुनाव : मोदी

मोरबी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान आज कांग्रेस और गांधी-नेहरू परिवार पर अपने तीखे हमलों का क्रम जारी रखते हुए सौराष्ट्र क्षेत्र में 38 साल पहले एक ही रात में सैकड़ों लोगों की जान लेने वाले मच्छू बांध दुर्घटना का जिक्र किया और इसके बाद चलाये जा रहे राहत कार्य के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दुर्गंध से बचने के लिए ‘मुंह पर रूमाल ’ रखी तस्वीर की लोगों को याद दिलायी।

उन्होंने गुजरात के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज पानी को घर घर पहुंचाने के चलते भाजपा को एक सौ साल तक चुनाव में नहीं हराने की अपील की और साथ ही लोगों से चुनौती भरे लहजे में यह भी कहा कि अगर सौराष्ट्र कच्छ क्षेत्र के भाजपा के शासन और इसके पहले के विकास की तराजू पर तौल में भाजपा रत्ती भर भी कम पड़े तो इसे ‘लात मार कर’ बाहर कर दे।

11 अगस्त 1979 की रात बाढ़ के चलते अचानक मच्छू 2 बांध टूट गया था और मोरबी के सैकड़ों लोग नींद में मौत के शिकार हो गये थे। श्री मोदी ने यहां चुनावी सभा में कहा कि मच्छू की त्रासदी के बाद राहत कार्य के दौरान राहुल गांधी की दादी इंदिराबेन (श्रीमती गांधी) जब आयी थी तो वह मुंह पर रूमाल डाले दुर्गंध और गंदगी से बचती फिर रही थीं। जबकि जनसंघ और आरएसएस के कार्यकर्ता कीचड़ और गंदगी में घुस कर सेवाभाव से काम कर रहे थे। तब की प्रख्यात गुजराती पत्रिका चित्रलेखा ने दोनो तस्वीरों को एक साथ लगाया था और श्रीमती गांधी की तस्वीर पर राजकीय गंदगी और सेवा कर रहे संघ के कार्यकर्ताओं की तस्वीर पर मानवता की महक का शीर्षक लगाया था।

उन्होंने कहा कि दु:ख के समय भी जिन्हें खुद की पड़ी हो वह दूसरे के लिए क्या करेंगे। सगा दुख में साथ देता है सत्ता की मलाई खाने वाले नहीं। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने खुद भी उन दिनों राहत कार्य में भाग लिया था। कांग्रेस शासन में लातूर, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के भूकंप, केदारनाथ के बाढ़ और आंध्र प्रदेश के तूफान आदि के बाद वर्षों बाद भी इन स्थानों की दुर्दशा नहीं बदली थी जबकि गुजरात में भाजपा के शासन में कच्छ के भूकंप और अन्य आपदाओं को अवसर में बदला गया। यही गुजरात मॉडल है।

उन्होंने इस किसान और पाटीदार बहुल क्षेत्र में भाजपा सरकार की ओर से किसानों के लिए उठाये गये कदमों की भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए पानी की सबसे बडी समस्या थी जिसे दूर करने के लिए उन्होंने बीड़ा उठाया था। लाखों चेक डैम से ही लोग संतुष्ट थे पर आगे बढते रहें और आज सौनी योजना के जरिये 115 डैम भरे जाने हैं जबकि कांग्रेस के जमाने में एक हैंडपंप लगाने का वादा कर तीन चुनाव जीत लिये जाते थे। यह सौनी योजना जिसमें एक सौ मंजिल की ऊंचाई तक पानी को उठा कर सौराष्ट्र कच्छ तक पहुंचाया गया है और इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए कौतूहल है, गुजरात मॉडल का नमूना है जबकि हैंडपंप का आश्वासन देकर तीन चुनाव जीतना कांग्रेस का माॅडल है। भाजपा ने ऐसे विशाल पाइपलाइन सौनी योजना में लगाये हैं जिनमें कार में बैठ कर कांग्रेसी नेता आरपार हो सकते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने, प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना आदि की चर्चा भी की और भाजपा के शासन में सिंचाई का क्षेत्र बढने, कृषि आय 600 करोड़ से बढ कर 1700 करोड़ हो जाने, नीम कोटिंग के चलते यूरिया की किल्लत खत्म होने और इससे नाराज भ्रष्टाचारियों के मोदी हटाओ अभियान चलाने, कृषि और पशुपालन विश्वविद्यालय शुरू करने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 70 साल तक जिनके परिवार ने राज किया वह गुजरात की जमीन पर अनाप शनाप भाषा बोल रहे हैं, उन्हें क्या जनता माफ करेगी।

उन्होंने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बताने के लिए राहुल गांधी पर पलटवार भी किया और उनके बयान को भ्रमित करने वाला और ग्रांड स्टुपिड थॉट (भारी बेवकूफी वाला विचार) बताया। नोटबंदी को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस पर प्रहार किया।

श्री मोदी ने कहा कि भाजपा के शासन के पहले और बाद के कच्छ सौराष्ट्र को लोग तराजू में तौल कर देख लें और अगर रत्ती भर भी कम निकले तो ‘आप हमे लात मार कर बाहर निकाल दो’। उन्होंने नर्मदा परियोजना को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर झूठ बोलने का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि वह बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री बार बार डा सिंह से नर्मदा बांध के दरवाजेे के लिए अनुमति के सिलसिले में मिलते थे और हर बार वह ‘अच्छा अब तक नहीं हुआ’ कहते थे। अब वह संभवत: अधिक उम्र होने के कारण भूल गये हों या शायद कांग्रेस के दबाव में ऐसा बोलते हैं कि मै उनसे इस मामले में कभी मिला ही नहीं। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोग जानते हैं कि पानी का एक प्याउ (परब) चलाने अथवा कुआं बावड़ी बनाने वाले को वर्षों याद किया जाता है तो भाजपा ने तो जबरदस्त मेहनत कर घर घर पानी पहुंचाया है ऐसी पार्टी को तो एक सौ साल तक किसी चुनाव में नहीं हारना चाहिए। लोगों को इस बार दिल्ली में भी पहली बार उनकी सरकार होने का फायदा भी उठाना चाहिए।

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