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ब्रेकिंग न्यूज़

Date: August 13, 2020

Total 34 Posts

दूरदर्शन ‘’डीडी किसान’’ चैनल पर देश के सफल किसानों की कहानियां को दर्शाती डाक्यूमेंट्री सीरीज है “हौसला”

राजू बोहरा /विजय न्यूज़ नेटवर्क। भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान इसकी सबसे बड़ी ताकत भी है क्योकि किसानो ने ही कृषि के माध्यम से भारत को आगे

काम से अधिक ‘कारमानों’ से चर्चा बटोरती यूपी पुलिस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस राज्य में बढ़ते अपराधों और कानून व्यवस्था पर भले लगाम नहीं लगा पा रही हो, लेकिन उसके कारनामें हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। अपराधियों के

आओ मिलकर संकल्प लेते हैं कि अपने भारत को विश्वगुरु बनाएंगे

हमारे भारत को 200 वर्षों तक अंग्रेजों की गुलामी से 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। हम लोग इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की 74 वीं वर्षगांठ

अवरुद्ध हैं नाली-नाले,डूबते मकान हैं,क्या यही 21वीं सदी का हिंदुस्तान है ? 

वर्तमान सरकारों द्वारा किये जाने वाले दावों और ढिंढोरों पर यदि विश्वास करें तो एक बार तो ऐसा लगेगा गोया देश को स्वतंत्रता ही अभी चंद वर्षों पूर्व ही मिली

यही है आजाद भारत की वास्तविक इबारत

स्वतंत्रता दिवस-15 अगस्त, 2020 पर विशेष एक और आजादी का जश्न सामने हैं, जिसमें कुछ कर गुजरने की तमन्ना भी है तो अब तक कुछ न कर पाने की बेचैनी

जल निकायों और संसाधनों का कायाकल्प समय रहते बेहद जरूरी है

सरकार की राष्ट्रीय संरचना नीति के तहत राष्ट्रीय जल ब्यूरो दक्षता क्षमता स्थापित करने एवं एक आधुनिक जल नीति की योजना बना रहा है। राज्यों के बीच आम सहमति का

क्रांति एवं शांति का समन्वय थे योगी अरविन्द

महर्षि अरविन्द जन्म जयन्ती- 15 अगस्त 2020 पर विशेष हमारा प्रेम, हमारी आजादी, हमारी संवदेनाएं, हमारी आकांक्षाएं, हमारे सपने, हमारा जीवन सबकुछ जब दांव पर लगा था तब एक हवा

इमरान जूनागढ़ की मांग कर तोडेंगे पाक को

इमरान  खान कुछ हिल से गए लगते हैं। अब उनकी सरकार ने पाकिस्तान का एक नया मानचित्र जारी करते हुए गुजरात के जूनागढ़ और सर क्रीक लाइन को भी पाकिस्तान का अंग बता दिया है। वे अपने को बार–बार मूर्खसाबित करने पर आमदा हो गये लगते है । वे अपने को इतिहास का विद्यार्थी कहते हैं, पर लगता है कि उन्हें कोई इतिहास का कोई मूल बोध नहीं है । हैरानी की बात तो यह है कि उन्हें इतना भी नहीं पता कि जूनागढ़ में जनमतसंग्रह तक हो चुका है। यह 1948 में हुआ था और वहां के 99.95 फीसद लोगों ने भारत के साथ ही रहने का फैसला किया था। आगे बढ़ने से पहले जरा यह जान लें कि क्या है जूनागढ़ ? यह गुजरात के गिरनार पर्वत के समीप स्थित है। यहीं पूर्व–हड़प्पा काल के स्थलों की खुदाई भी हुई है। इस शहर का निर्माण नौवीं शताब्दी में हुआ था। यह वस्तुतःचूड़ासम राजपूतों की राजधानी थी। यह एक रियासत थी। गिरनार के रास्ते में एक गहरे रंग की बसाल्ट या कसौटी के पत्थर की चट्टान है, जिस पर तीन राजवंशों का प्रतिनिधित्व करने वाला शिलालेख अंकित है। मौर्य शासकअशोक (लगभग 260-238 ई.पू.) रुद्रदामन (150 ई.) और स्कंदगुप्त (लगभग 455-467)। यहाँ 100-700 ई. के दौरान बौद्धों द्वारा बनाई गई गुफ़ाओं के साथ एक स्तूप भी है।  जूनागढ़ शहर के निकट स्थित कई मंदिर औरमस्जिदें भी इसके लंबे और जटिल इतिहास को उद्घाटित करती हैं। यहाँ तीसरी शताब्दी ई.पू. की बौद्ध गुफ़ाएँ, पत्थर पर उत्कीर्णित सम्राट अशोक का आदेशपत्र और गिरनार पहाड़ की चोटियों पर कहीं–कहीं जैन मंदिर स्थितहैं। 15वीं शताब्दी तक राजपूतों का गढ़ रहे जूनागढ़ पर 1472 में गुजरात के महमूद बेगढ़ा ने क़ब्ज़ा कर लिया, जिन्होंने इसे मुस्तफ़ाबाद नाम दिया और यहाँ एक मस्जिद बनवाई, जो अब खंडहर हो चुकी है। जूनागढ़ और भुट्टो कुनबा अब जरा लौटते हैं ताजा इतिहास पर । जूनागढ़ का संबंध  पाकिस्तान के दो प्रधानमंत्रियों जुल्फिकार अली भुटटो और बेनजीर भुट्टों से रहा है। भुट्टो के पिता सर शाहनवाज भुट्टो देश के विभाजन से पहले जूनागढ़ रियासत केप्रधानमंत्री थे। वे गुजरात के नवाब मुहम्मद महाबत खनजी  के खासमखास थे। जुल्फिकार अली अहमद भुट्टों की मां हिन्दू थी। उनका निकाह से पहले का नाम लक्खीबाई था। बाद में हो गया खुर्शीद बेगम। वो मूलत: एकप्रतिष्ठित राजपूत परिवार से संबंध रखती थी। उन्होंने निकाह करने से पहले ही इस्लाम स्वीकार किया था। कहने वाले कहते हैं कि शाहनवाज और लक्खीबाई के बीच पहली मुलाकात जूनागढ़ के नवाब के किले में ही हुई। वहांपर लक्खीबाई भुज से आई थी। शाह नवाज जूनागढ़ के प्रधानमंत्री के पद पर 30 मई,1947 से लेकर 8 नवंबर,1947 तक रहे। लक्खीबाई के पिता जयराज सिंह जडेजा का संबंध राजकोट के पेनेली गांव से था। जबकि भुट्टो कीदादी का रिश्ता लोहाना बिरादरी से था। अब आप समझ गए होंगे कि जूनागढ़ का किस तरह से संबंध है भुट्टो के कुनबे से।दरअसल देश के बंटवारे के बाद भारत सरकार जूनागढ़ के नवाब मुहम्मद महाबत खनजी से बार–बार कह रही थी कि वह भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर भारत संघ का हिस्सा बन जाएं। लेकिन वे तो अड़े हुए थे।भारत सरकार ने उन्हें धमकियां भी दीं।  लेकिन वह नहीं माने। बता दें कि जूनागढ़ की 3 तरफ़ की सीमा रेखाएं भारत से जुड़ी हैं और चौथी समुद्र से। फिर भी जूनागढ़ के नवाब की चाहत थी कि जूनागढ़ पाकिस्तान में समुद्र केरास्ते मिल जाए। मोहम्मद अली जिन्ना ने मंजूरी भी दे दी थी और 15 सितंबर, 1947 को विलय पत्र पर जूनागढ़ के संबंध में हस्ताक्षर भी कर दिए। भारत सरकार के सचिव वी.पी. मेनन ने नवाब को अपना फ़ैसला बदलने कोकहा ताकि  पाकिस्तान के साथ हुआ समझौता रदद् हो जाए। लेकिन नवाब नही माने। तब भारत ने जूनागढ़ के लिए अपने सभी सीमाओं को बंद कर दिया। माल, परिवहन और डाक वस्तुओं की आवाजाही बंद कर दी। स्थितिबिगड़ती देख नवाब और उनके परिवार ने जूनागढ़ छोड़ दिया और 25 अक्टूबर 1947 को समुद्र मार्ग से कराची भाग गये। अब जूनागढ़ के मुख्यमंत्री  भुट्टो, जो जुल्फिकार अली भुट्टो के पिता और बेनजीर के दादा थे, ने पाकिस्तान में चले गए नवाब को एक पत्र लिखा। जवाबी टेलीग्राम में जूनागढ़ के नवाब ने भुट्टो को यह अधिकार दिया की वेमुसलमानों के हित में निर्णय ले लें। तब भुट्टो ने भारत सरकार के साथ परामर्श करने का फैसला लिया। भारत का अभिन्न अंग जूनागढ़ अंत में यह तय हुआ की भारत जूनागढ़ के नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए सत्ता अपने हाथ में लेगी और वहां फरवरी 1948 में एक जनमत संग्रह का आयोजन करेगी। उस जनमत संग्रह में 99 प्रतिशत से भी ज्यादा लोगों नेभारत में शामिल होने के लिए मतदान किया। इसके साथ ही जूनागढ़ पूरी तरह से भारत का अभिन्न अंग हो गया। कहते हैं कि जूनागढ़ के नवाब को अंततः पाकिस्तान में जाकर बसना बहुत ही महंगा साबित हुआ था।पाकिस्तान में उनकी कसकर बेकद्री हुई। फिर वे भारत और जूनागढ़ को याद करते हुए संसार से विदा हुए। तो यह है जूनागढ़ का हालिया इतिहास। यानी जूनागढ़ भारत का अभिन्न अंग है। अब अचानक से इमरान खानबकवास कर रहे हैं कि जूनागढ़ तो उनका है। तो फिर टूटेगा पाकिस्तान कहते हैं कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। इमरान खान  जम्मू व कश्मीर, लेह–लद्दाख और गुजरात के जूनागढ़ और सर क्रीक लाइन को भी पाकिस्तान का अंग बता रहे हैं।  बेहतर होगाकि वे पहले बलूचिस्तान को अपने देश से अलग होने से बचा लें। वहां पर सघन पृथकतावादी आंदोलन चल रहा है। इमरान खान को इसकी पल–पल की जानकारी है। पिछले कुछ सालों से चल रहा पृथकतावादी आंदोलन अबबेकाबू होता जा रहा है। आंदोलन इसलिए हो रहा है, क्योंकि स्थानीय जनता का आरोप है कि चीन जो भी निवेश उनके इलाके में कर रहा है उसका असली मकसद बलूचिस्तान का नहीं बल्कि चीन का फायदा करना है।बलूचिस्तान के प्रतिबंधित संगठनों ने धमकी दी है कि चीन समेत दूसरे देश ग्वादर में अपना पैसा बर्बाद ना करें, दूसरे देशों को बलूचिस्तान की प्राकृतिक संपदा को लूटने नहीं दिया जाएगा। इन संगठनों ने बलूचिस्तान में कामकर रहे चीनी इंजीनियरों पर अपने हमले बढ़ा दिए हैं।बलूचिस्तान के अवाम का कहना है कि जैसे 1971 में पाकिस्तान से कटकर बांग्लादेश बन गया था उसी तरह एक दिन बलूचिस्तान अलग देश बन जाएगा। बलूचिस्तान के लोग किसी भी कीमत पर पाकिस्तान से अलग होजाना चाहते हैं। बलूचिस्तान पाकिस्तान के पश्चिम का राज्य है जिसकी राजधानी क्वेटा है। बलूचिस्तान के पड़ोस में ईरान और अफगानिस्तान है। 1944 में ही बलूचिस्तान को आजादी देने के लिए माहौल बन रहा था। लेकिन,1947 में इसे जबरन पाकिस्तान में शामिल कर लिया गया और हमारी सरकार ने तब बलूची जनता की मांग को मानते हुए इसे बहरत में शामिल करने से इंकार कर दिया । तभी से बलूच लोगों का संघर्ष चल रहा है और उतनीही ताकत से पाकिस्तानी सेना और सरकार बलूच लोगों को कुचलती चली आ रही है। बहरहाल ये लगता है कि इमरान खान भारत के कुछ हिस्सों को अपना बताने के फेर में  अपने देश को ही तुड़वा देंगे। आर.के. सिन्हा (लेखक वरिष्ठ संपादक, स्तभकार और पूर्व सांसद हैं)

आत्मा को दीप्त करता महापर्व-पर्युषण

पर्युषण महापर्व 15 अगस्त- 22 अगस्त, 2020 पर विशेष जैन संस्कृति में जितने भी पर्व व त्योहारों मनाये जाते हैं लगभग सभी में तप एवं  साधना का विशेष महत्व है।

बनारस के घाट हमारे शक्ति के केंद्र हैं: डाॅ. सच्चिदानंद जोशी

ललित गर्ग/विजय न्यूज़ नेटवर्क  नई दिल्ली। ‘बनारस के घाट’ वेबनार में हिंदू संस्कृति को सशक्त करने की आवश्यकता पर बल देते हुए बनारस के घाटों, वहां की संस्कृति, संगीत, कला,

शेयर बाजार सुस्ती के साथ बंद, लेकिन इन शेयरों में हुई जबरदस्त कमाई

नई दिल्ली। अच्छी शुरुआत के बावजूद भारतीय बाजार सुस्ती के साथ बंद हुए हैं. आज सेंसेक्स 59 अंक गिरकर 38310 और निफ्टी 8 अंक गिरकर 11300 पर बंद हुआ है.

6000 रुपये गिरने का बाद आज महंगा हो सकता है सोना

नई दिल्ली। बुधवार को सोने (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव देखने को मिला. पहले रिकॉर्ड स्तरों से 6 हजार रुपये लुढ़कने के बाद सोने में

सस्ते हो सकते हैं ई-व्हेकिल्स, प्री-फिटेड बैटरी के बगैर भी बिक्री को मिली अनुमति

नई दिल्ली। ई-वाहन जल्द ही सस्ते हो सकते हैं. सरकार ने ई-व्हेकिल्स की बिक्री की बढ़ावा देने के लिए बगैर प्री-फिटेड बैटरी के इनकी बिक्री की अनुमति का फैसला किया

पीएम श्रम योगी मानधन स्कीम में हर महीने मिलेगी 3000 रुपये पेंशन

नई दिल्ली। सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पीएम श्रम योगी मानधन योजना शुरू की है. इसके तहत घरों में काम करने वाले कामगार जैसे मेड, ड्राइवर, प्लंबर

इन 4 टीमों ने IPL में बनाया है सबसे ज्यादा बार 200 का स्कोर

नई दिल्ली। साल 2008 वो साल रहा जहां से भारतीय क्रिकेट में आईपीएल के रूप में एक नए युग की शुरूआत हुई. देखते ही देखते मौजूदा वक्त में इंडियन प्रीमियर

तो क्या भारत में नहीं इन दो देशों में होगा टी-20 वर्ल्ड कप 2021!

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने साल 2020 को बुरी तरह बर्बाद कर दिया है. इसी वजह से इस साल खेल जगत के बड़े-बड़े टूर्नामेंट इस चाइनीज वायरस की भेंट चढ़

ENG vs PAK: दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड के हौसले बुलंद, पाक के लिए जीत बेहद अहम

नई दिल्ली। आईसीसी टेस्ट चैंपियंस के तहत इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही तीन टेस्ट मैंचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 13 अगस्त यानी आज से शुरू

तालीबान के पूर्व प्रवक्ता का दावा- पाकिस्तानी सरकार ने दी थी विरोधियों के सफाए की हिट लिस्ट

इस्लामाबाद। तालीबान के पाकिस्तानी धड़े के पूर्व प्रवक्ता ने बड़ा दावा किया है. जिसमें पाकिस्तान सरकार न सिर्फ तालीबान (Taliban) की मदद कर रही थी, बल्कि अपने विरोधियों को वो

कमला हैरिस का डोनाल्ड ट्रंप पर पलटवार, अपनी भारतीय मां का भी किया जिक्र

वॉशिंगटन: भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने के बाद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) खासे बेचैन हैं. उन्होंने इसके लिए डेमोक्रेटिक पार्टी

‘सड़क 2’ के ट्रेलर को लेकर मचा बवाल, पहली बार आलिया की फिल्म को मिले लाखों दिस्लिके

नई दिल्ली: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड के बाद से ही लोग मशहूर फिल्म निर्देशक महेश भट्ट और उनकी बेटी आलिया भट्ट को सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल

अभिनेता संजय दत्त की सलामती के लिए अखंड ज्योति जलाएंगी अभिनेत्री काम्या पंजाबी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को कैंसर होने की खबर के बाद फैन्स के बीच कोहराम मचा हुआ है. खबरों के मुताबिक, संजय दत्त को एडेनोकार्सिनोमा नाम का कैंसर है.

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