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 5 टन कचरे से रोज बनाई जाएगी 250 किलो बायोगैस, आईओसी कर रहा तैयारी

गुड़गांव । किचन और सब्जी मंडी से निकले वेस्ट से इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन लिमिडेट (आईओसी) बायोगैस बनाएगा। कंपनी के रिसर्च एंड डिवेलपमेंट (आरएंडडी) सेंटर में तैयार बैक्टीरिया बायोगैस बनाने में मदद करेगी। रोजाना 5 टन वेस्ट से 250 किलो (18 सिलिंडर) गैस और खाद तैयार की जाएगी। बच्चों का मिड डे मील और शीतला माता मंदिर के प्रसाद तैयार करने में इस गैस का उपयोग किया जाएगा। आईओसी ने इसके लिए नगर निगम से ढाई से 3 हजार स्क्वॉयर मीटर जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। फरीदाबाद में भी इसी तकनीकी पर 3.45 करोड़ रुपये खर्च कर प्लांट लगाया गया है। उस प्लांट से अगले साल मार्च से प्रॉडक्शन शुरू होगा।
ऑर्गेनिक और किचन वेस्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी जाएगी। पंडालों, होटलों, ढाबों और घरों में बचने वाले खाने, सब्जी मंडी से निकलने वाले कचरे आदि को मिलाकर खाद तैयार की जाएगी। दूसरे चरण में गीली खाद तैयार होगी। इस सुखाने के बाद इंडियन ऑइल के रिसर्च सेंटर में तैयार किए गए खास बैक्टीरिया को इसमें छोड़ा जाएगा। इसी बैक्टीरिया के रिएक्शन के बाद बायोगैस तैयार होगी। गैस बनाने के बाद बचे हुए कूड़े से कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। उस खाद का उपयोग शहर के पार्कों और ग्रीन बेल्ट को हरा-भरा करने में किया जाएगा। शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने के अधिकारियों के तमाम दावों के बीच जगह जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। करीब एक हजार टन कूड़ा रोजाना शहर से निकलता है और इसका उपयोग भी नहीं हो पा रहा है। इसमें काफी कूड़ा घरों के किचन और सब्जी मंडियों से निकला हुआ होता है। रोजाना करीब 5 टन इस तरह का कूड़ा नगर निगम उपलब्ध कराएगा। शहर में कूड़ा उठाने वाली कंपनी इकोग्रीन की भी इस संबंध में मदद ली जाएगी।

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