National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

हरियाणा में पहली बार आयोजित होगा ऑल इंडिया आफ्थल्मॉलजिकल सोसाइटी का 78वां वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

  • नेत्रविज्ञान से संबंधित देश के सबसे बड़े सम्मेलन में भारत समेत 22 देशों के 7000 प्रतिष्ठित नेत्र चिकित्सक लेगें हिस्सा, आम जनों तक कैसे पहुंचे बेहतर चिकित्सा इस पर होगी चर्चा
  • 13 फरवरी से ए-डॉट कन्वेंशन में शुरू होने जा रहे चार दिवसीय सम्मेलन में नेत्रविज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीन प्रयोग से भी अवगत होंगे प्रतिभागी डॉक्टर व आगंतुक

विजय न्यूज़ ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरु द्रोणाचार्य की धरती गुरुग्राम प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे ऑल इंडिया आफ्थल्मॉलजिकल सोसाइटी (एआईओएस) के 78वें वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का गवाह बनेगा। नेत्रविज्ञान से संबंधित देश के सबसे बड़े सम्मेलन में भारत समेत 22 देशों के 7000 से अधिक प्रतिष्ठित नेत्र चिकित्सक हिस्सा लेंगे। ए-डॉट कन्वेंशन में 13 फरवरी (बृहस्पतिवार) से शुरू होने जा रहे इस चार दिवसीय सम्मेलन में नेत्रविज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीन प्रयोगों से भी प्रतिभागी डॉक्टर व आगंतुक अवगत होंगे। यह जानकारी मंगलवार को ए-डॉट कन्वेंशन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एआईओएस के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. एस नटराजन ने दी।

सम्मेलन के उद्देश्य को लेकर उन्होंने कहा कि सोसाइटी का उद्देश्य देश का अंधापन की बीमारी से मुक्त करना है। इसके लिए हर वर्ष देश के अलग-अलग शहरों में इस सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी नेत्र विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ और शोधकरत वाद-विवाद, प्रस्तुति, मौखिक बातचीत, पोस्टर प्रस्तुति, कार्यशाला के जरिए आगंतुकों को नेत्र से जुड़ी बीमारियों से बचाव केप्रति जागरूक करेंगे।

एआईओएस की महासचिव डॉ. नम्रता शर्मा ने देश में दृष्टिबधिता का आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण मोतियाबिंद है। 2007 में दृष्टिबधिता के आंकड़े में 62% मामले मोतियाबिंद से जुड़े थे वहीं, हालिया रिपोर्ट में यह आंकड़ा 67% तक पहुँच गया है। पिछले कुछ वर्षों में आँखों से संबन्धित समस्याओं में काफी इजाफा हुआ है। ऐसे में चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने के नजरिए से भी देखें तो यह सम्मेलनबहुत महत्वपूर्ण है।

ऑल इंडिया आफ्थल्मॉलजिकल कांन्फ्रेंस (एआईओसी)-2020 के मुख्य आयोजन अध्यक्ष डॉ. इंदर मोहन रुस्तगी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि चार दिनों तक चलने वाले सम्मेलन के 18 हॉल में तकरीबन 2000 डॉक्टर व्याख्यान देंगे। युवा डॉक्टरों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि देश के सभी भागों में लोगों को बेहतरीन नेत्र चिकित्सा मुहैया करा सके। सम्मेलन के 374 सत्र में नेत्र चिकित्सा से संबन्धित विभिन्न कार्यशालाएं भी लगेंगी जिसके आकर्षण का केंद्र वीडियो के जरिए प्रशिक्षण व वेट लैब रहेगा। इस सम्मेलन में भारत के 7000 से अधिक प्रतिभागी व यूके, यूएस, जापान, इजिप्ट, मलेशिया, इंडोनेशिया, अफगानिस्तान और इज़राइल समेत 22 देशों के 104 प्रख्यात नेत्र चिकित्सक भी अपना अनुभव साझा करेंगे। समारोह का मुख्य लक्ष्य आम लोगों को नेत्र से संबन्धित बीमारियों से अवगत करवाना, नेत्र सुरक्षा के लिए जागरूक करना व नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र के नवांकुरों का बहतर प्रशिक्षण देना है।

संवाददाता सम्मेलन में एआईओएस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. महिपाल एस सचदेव, कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश सिन्हा, महासचिव डॉ. नम्रता शर्मा, साइंटिफिक समिति के अध्यक्ष डॉ. ललित वर्मा व ऑल इंडिया आफ्थल्मॉलजिकल कांन्फ्रेंस (एआईओसी)-2020 के वरिष्ठ आयोजन अध्यक्ष डॉ. एके खुराना, आयोजन अध्यक्ष डॉ. अजय शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. धीरज गुप्ता व मुख्य आयोजन अध्यक्ष डॉ. इंदर मोहन रुस्तगी, मीटिंग एंड मोर व आयोजन सचिव डॉ. नरिंदर कुमार तनेजा मौजूद रहे।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar