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आरिणी ने कोरोना काल मे उबारने का कार्य किया: डॉ शम्भू पंवार

डॉ शम्भू पंवार/ विजय न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। सामाजिक,सांस्कृतिक,शैक्षिक व साहित्यिक संस्था आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन, भोपाल के साहित्यिक समूह, साहित्य वारिधि द्वारा आरिणी महोत्सव (अनवरत फेसबुक लाइव की प्रथम वर्षगांठ पर) आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कला-साहित्य और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे अंतरराष्ट्रीय लेखक-पत्रकार एवं साहित्यकार डॉ. शम्भू पंवार ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरोना काल मे ,न जाने कितने हमारे अपने साहित्य और कला के सितारे न केवल आसमान से टूट कर बिखर गए बल्कि इसने हमारे जीवन के प्रत्येक हिस्से को भी प्रभावित किया है। अगर यूँ कहें कि इसने तो हमारे जीवन के मापदंडों को ही बदल दिया है तो अतिश्योक्ति न होगा। इससे उबरना बहुत ज़रूरी है। ओर यह इस तरह के आयोजन द्वारा ही सम्भव है।जो कि हमारे अंदर के डर को निकाल कर ज़िंदगी मे रवानी पैदा कर सकता है।
अतिथि वरिष्ठ कथाकार एवं समीक्षक गोकुल सोनी, भोपाल ने कहा कि कार्यक्रम की भव्यता व संस्था की लगातार की जा रही ऑन लाइन गतिविधियों को देखते हुए इसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होना चाहिए।
मोटिवेशनल स्पीकर राजेन्द्र सक्सेना,मुम्बई ने कहा कि वर्तमान में उत्पन्न नैराश्य पर आध्यात्म के द्वारा ही निजात पाई जा सकती है।
आरिणी महोत्सव का आरम्भ
प्रमिला झरबड़े की सुमुधर सरस्वती वंदना व आरिणी की अध्यक्ष डॉ मीनू पांडे के स्वागत उद्बोधन से हुवा।
समूह की संस्थापक डॉ. मीनू पाण्डे ने संस्था के उद्देश्य और साल भर की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन ने गत वर्ष 1जून 2020 से आरंभ किए फेसबुक लाइव के निरंतर चलते यह प्रथम वर्षगाठ मना रहे है। इस एक वर्ष में आरिणी ने विभिन्न विषयों एवं पहलुओं पर केंद्रित तकरीबन 700 फेसबुक लाइव किये है जिनमे काव्यपाठ लघुकथा पाठ,प्रेरक प्रसंग, नवांकुर काव्यपाठ ,क्षेत्रीय भाषाओं में काव्यपाठ, रूबरू, परिचर्चा,इनसे मिलिए,देश में निकला होगा चाँद(प्रवासी भारतीयों की प्रस्तुतियां),भावों की श्रद्धांजलि (कालजयी साहित्यकारों की रचनाओं का पाठ), सुर झंकार ,स्वरचित भजन संध्या,सवाल तुम्हारे जबाब हमारे आदि।अनेकों काव्यगोष्ठियों के अलावा 51 गायकों की मुकेश नाइट,70 लोगों का देशभक्ति गीत,106 लोगों का काव्यपाठ और 161 लोगों की लघुकथा पाठ का आयोजन – जो कि 12 घंटे चला ।आरिणी की सृजनात्मक कार्यशैली के चलते है वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बनाई इसमें 90 से ज्यादा प्रवासी साहित्यकार जुड़े हुए हैं ।जहाँ लोग वसुधैव कुटुंबकम की बात करते हैं, आरिणी संस्था उसे चरितार्थ भी करती है।
कार्यक्रम में आरिणी गीत बहार, आरिणी कार्य समीक्षा, नृत्य उत्सव, अभिनय शाला, सुर झंकार, कोरोना से जीत की दास्तान, रोचक प्रसंग, पैरोडी उत्सव, गजलोत्सव, आरिणी संग मन की बात, प्रेरक उद्बोधन को शामिल किया गया। कार्यक्रम फेसबुक लाइव पर 8 घंटे चले इस कार्यक्रम में देश विदेश से 100 से ज्यादा लोगों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के संयोजक प्रेक्षा सक्सेना, राजेंद्र यादव, डॉ रंजना शर्मा, रचना श्रीवास्तव, हंसा श्रीवास्तव, सुषमा व्यास राजनिधि, जूली राठौर, सुसंस्कृति सिंह ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
अंत मे आरिणी की सचिव प्रेरक्षा सक्सेना ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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