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स्वास्थ्य जीवन के लिए गेंहू के ज्वार को अपनाए

स्वास्थ्य जीवन के लिए आप गेंहू के ज्वार को अपनी डाइट का हिस्सा बनाये।गेंहू का ज्वार पोषक तत्व का खजाना है।इसमे विटामीन ए, बी,सी,ई व आयरन,कैल्शियम, मैग्निशियम, पोटेशियम, प्रोटीन, क्लोरोफिल, अमीनो एसिड, का अच्छा स्रोत है, इसमें 70% क्लोरोफिल पाया जाता है। क्लोरोफिल को ग्रीन ब्लड भी कहा जाता है।हमारे शरीर में क्लोरोफिल ऑक्सीजन के साथ मिलकर रेड एवं व्हाईट ब्लड सेल्स का निर्माण करते हैं ।गेहूं ज्वार खून की कमी को पूरा करते हैं व एनर्जी लेवल को बढ़ाते हैं।इसका जूस पीने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती।शरीर के सारे टॉक्सिन को बाहर निकालता है, जिसके फलस्वरूप वजन कम करने में बहुत
लाभदायक होता है।
गेहूं के ज्वार का ज्यूस चहरे पर लगाने से चेहरे पर चमक आती है। झाइयां,झुर्रियां, व पिंपल्स ठीक हो जाते हैं। बालों में लगाने से डैंड्रफ खत्म हो जाता है,बाल नही झड़ते है।बाल लंबे समय तक काले रहते है।गेहूं के ज्वार का ज्यूस पीने से लीवर और आंतो से जमे सारे विषैले तत्व बाहर निकलते है। स्किन से संबंधी कोई भी परेसानी हो वो दूर हो जाती है।ज्वार का ज्यूस शरीर मे हार्मोन्स को बैलेंस रखता है। मोटापा, गैस,कब्ज,हाई बीपी, लो बीपी, मधुमेह, कैंसर,हार्ट की समस्या,अस्थमा,पीलिया, आंखों की रोशनी,नकसीर, बवासीर, कोलस्ट्रोल ,मस्सा रोगियों के लिए काफी लाभप्रद होता है।यानी कोई भी ऐसा रोग नही जिसमे गेंहू का ज्वार लाभदायक ना हो। इसके नियमित सेवन से शरीर में स्फूर्ति ओर ऊर्जा का संचार होता है,इंसान जल्दी वृद्ध नहीं होता।
गेहूं के ज्वार का ज्यूस पीने से मस्तिष्क में ऑक्सीजन का संचार अच्छे से होता है। जिससे तनाव और डिप्रेशन कम होता है।एकाग्रता बढ़ती है।गेंहू के ज्वार में 19 अमीनो एसिड और 92 खनिज तत्व है जो शरीर को उच्चतर स्तर पर कार्य करने की क्षमता प्रदान करते हैं।ज्वार हमारे शरीर की ओवर ऑल इम्युनिटी को बढ़ता है।शरीर के हेवी मैटेल्स को बाहर निकलता है।सचमुच ये प्रकृति का दिया हुवा एप्रिसिएस गिफ्ट है। इसके इतने सारे फायदे जानने के बाद I am shure आप गेंहू ज्वार के ज्यूस को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बनाएंगें।
गेहूं ज्वार प्योर व ऑर्गेनिक होना चाहिए।

मात्रा :- शुरू में 20 से 25 ग्राम , कुछ दिनों बाद 50 से 100 ग्राम तक ले सकते हैं। सावधानी:-जिनकी पाचन क्रिया सही नही है वे ज्यूस नही ले,ज्वार को धीरे धीरे चबाकर खाएं।लूज मोशन हो तो नही ले।

 

सुशीला बिस्वास
(योगाचार्य व प्राकृतिक चिकित्सक निदेशक,योग सेवा संस्थान, न्यू जानकी पूरी,नई दिल्ली)

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