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रक्षा उपकरणों के इंपोर्ट पर बैन, चिदंबरम का तंज- ऐलान सिर्फ एक शब्दजाल

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रक्षा उपकरणों के आयात पर बैन के ऐलान को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधा है. चिदंबरम ने कहा कि रक्षा मंत्री ने रविवार सुबह ‘धमाकेदार’ घोषणा की बात कही और उनका ऐलान ‘फुसफुसाहट’ के साथ समाप्त हो गया.
पी. चिदंबरम ने ट्वीट किया, ‘किसी भी आयात पर रोक वास्तव में खुद पर रोक है. रक्षा मंत्री ने अपने ऐतिहासिक रविवार की घोषणा में जो कहा वो महज कार्यालयी आदेश के लायक था जिसे मंत्री के सचिव जारी करते! आयात पर रोक महज शब्दजाल है. इसका मतलब है कि हम 2 से 4 साल में एक ही उपकरण बनाने की कोशिश करेंगे (जो हम आज आयात करते हैं) और उसके बाद आयात बंद कर देंगे.
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा मंत्रालय अब आत्मनिर्भर भारत की पहल पर तेजी से बढ़ने को तैयार है. सरकार देश में रक्षा संबंधी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगाएगी. इन रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक से लगाने से भारतीय रक्षा उद्योग को हथियार निर्माण के लिए बड़े अवसर मिलेंगे. रक्षा मंत्री ने कहा कि इन रक्षा के उपकरणों के आयात पर रोक लगाने की योजना को 2020 से 2024 के बीच धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. आयात पर बैन के और भी रक्षा उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से चिह्नित किया जाएगा. असल में, भारत असॉल्ट राइफल, आर्टिलरी गन, रडार और हल्के जंगी हेलिकॉप्टर जैसे रक्षा उपकरणों को दूसरे देशों से आयात करता था. मगर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाते हुए भारत ने ऐसे 101 रक्षा सामानों के आयात पर रोक लगा दी है. भारत अब अपनी जरूरत के इन सामानों और हथियारों को खुद बनाएगा. केंद्र सरकार द्वारा घोषित ये रोक चरणबद्ध तरीके से दिसंबर 2025 तक लागू होंगे.

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