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साधना से सौन्दर्य : शहनाज हुसैन

आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में सौंदर्य पाने के लिए पाउडर, क्रीम, सीरप, ब्यूटी सैलून तथा सौन्दर्य विशेषज्ञों पर महिलाओं की निर्भरता जरूरत से ज्यादा बढ़ गई है। उन्हें लगता है कि मंहगे सौंदर्य प्रसाधनों के बाहरी उपयोग तथा मंहगे ब्यूटी सैलूनों की ट्रीटमैंट से कोमल, आकर्षक, गोरी तथा मुलायम त्वचा प्राप्त की जा सकती है। लेकिन यह पूरी तरह सच्चाई नहीं है क्योंकि सौन्दर्य शारीरिक, भावनात्मक तथा आध्यात्मिक अवस्थाओं का मिश्रण माना जाता है।
व्यक्ति की मानसिक तथा शारीरिक अवस्थायें एक दूसरे से जुड़ी होती हैं तथा मानसिक स्थिति का शारीरिक स्थिति पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसका एक दूसरा पहलू भी है जिसे हम आत्मिक या आन्तरिक सौंदर्य के नाम से जानते हैं। आन्तरिक सौंदर्य मानव संरचना का हिस्सा माना जाता है तथा आन्तरिक सौंदर्य की गणना के बिना सौन्दर्य को पूरी तरह से परिभाषित नहीं किया जा सकता तथा किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व के लिए आपको शारीरिक तथा आत्मिक सौंदर्य को समझना होगा।
किसी भी महिला का सौन्दर्य महज महंगे उत्पादों के प्रयोग का परिणाम नहीं होता बल्कि हमारे विचार, भावनात्मक संतुलन भी हमारी त्वचा, बालों आदि के सौंदर्य को पूरी तरह प्रभावित करते हैं । हमारी त्वचा के भावों के माध्यम से पूरी दुनिया हमारी मानसिक स्थिति को जान जाती है। अगर हम शर्मिंदा महसूर करें तो हमारी त्वचा पीली पड़ जाती है जबकि डर के माहौल में हमारी त्वचा सफेद हो जाती है! परेशानियों के दिनों में हमारी त्वचा/रंगरूप रातों रात शुष्क, पीली या फीकी पड़ जाती है। आज की तनाव से भरी भागदौड़ वाली जिन्दगी में बालों का झड़ना, सफेद होना, कील-मुहांसे, झुर्रियां आदि आम समस्या हो गई है।
मैंडिटेशन मानसिक, शारीरिक तथा अध्यात्मिक सम्बन्धसूत्र ही नहीं है बल्कि मैडिटेशन से तनाव, भय, चिन्ता, बेताबी तथा व्यग्रता भी समाप्त होती है जोकि सभी त्वचा के विकारों के लिए उत्तरदायी मानी जाती है। मैडिटेशन से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं , मन शांतचित होता है साथ ही तनाव कम होता है तथा हृदय रोगों से मुक्ति मिलती है। जिससे त्वचा में प्रकृतिक निखार, कोमलता, आकर्षण तथा चमक झलकती है व आप की सुन्दरता को चार चान्द लगते हैं।
मैडिटेशन से त्वचा में प्रकृतिक ‘‘सीवम आयल‘‘ पैदा होता है जोकि त्वचा के हार्मोन को संतुलित करता है तथा त्वचा में ऑक्सीजन के संचार से शरीर में रक्त के प्रवाह को संतुलित करता हे जि ससे आपकी सुंदरता बढ़ती है तथा व्यकितत्व में निखार आता है। प्रारम्भ में आप आधारभूत में शुरु कर सकती हैं । अपने कमरे के शान्त वातावरण में बिस्तर या मैट पर लेट जाइए तथा अपने शरीर को पूर्णत आरामदायक स्थिति में रखिए अगर आपके पीठ/बाजू/कन्धे आदि में दर्द हो या कोई अन्य शारिरिक परेशानी हो तो उसे कतई नज़रअंदाज ना करें। अपनी आंखें बन्द करके लम्बी गहरी सांसे लीजिए तथा उसके बाद सामान्य गहरी सांसे लेते रहिए तथा अपने ध्यान अपनी सांस पर केन्द्रित कीजिए तथा इस प्रक्रिया को चलने दीजिए। प्रारम्भ में आप सुबह, शाम शवासों पर 5 मिनट तक केन्द्रित रखिए तथा बाद में निरन्त अभ्यास से अपनी समय अवधि बढ़ाते रहिए।
आप मैडिटेशन के समय सामाजिक या अन्य घटनाओं पर ज्यादा केन्द्रित कतई ना कीजिए। आप घटनाओं को अपने विचारों में आने दीजिए लेकिन उनके ऊपर जरूरत से ज्यादा फोकस मत कीजिए बल्कि उन्हें धारा प्रवाह बाहर जाने दीजिए तथा किसी भी विचार से अपने आपको संबधित मत कीजिए तथा उस पर अपने विचार कतई मत मुड़ने दीजिए। विचारों के नियमित धारा प्रवाह बहने से एक समय में आपके मन में स्वतः ही विचार शुन्यता आ जाएगी तथा आप ध्यान मुद्रा में जुड़ जायेंगे।
मैडिटेशन को अपनी जीवन शैली में जोड़ते हुए इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाइए। मैडिटेशन से दवाई की तरह किसी भी तत्काल आराम/परिणाम की कतई अपेक्षा ना करें। मैडिटेशन एक निरन्तर प्रक्रिया है तथा इसके परिणाम आपको एक निश्चित समय अवधि के बाद ही मिलेंगे। मैडिटेशन में अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कतई धैर्य ना छोड़ें बल्कि प्रकृति को अपना चक्र पूरा करने दें। मैडिटेशन के एक घण्टा पहले किसी भी खानपान, चाय, काफी आदि से परहेज करें तथा अगर आप नियमित मैडिटेशन करते हैं तो मांसाहारी भोजन, मदिरा, अण्डों आदि के सेवन से परहेज करना ही बेहतर होगा। नियमित मैडिटेशन से शरीर में प्राण वायु का संचार होता है जिससे शरीर में टिशू तथा सैल पुनः जीवित होते हैं जिससे शरीर में यौवनता तथा सौन्दर्य बहाल होता है तथा आपका व्यक्तित्व निखर कर बाहर आता है। मैडिटेशन से आपका ब्लडप्रैशर नियमित रूप से संतुलित होता है जिससे तनाव से जुड़ी बिमारियां जैसे सिरदर्द, अलसर, भूख ना लगना, मांसपेशियों में खिंचाव, तथा जोड़ों का दर्द से मुक्ति मिलती है। वैज्ञानिक तौर पर यह प्रमाणित हो चुका है कि मैडिटेशन शरीर में एक ऐसा कैमिकल रिहा करता है जो कि शरीर में तनाव तथा हार्मोन के कैमिकल का प्रतिकार करके आपको पूर्ण मानसिक शान्ति की स्थिति में लाता हैतथा आपके यौवनता और सौन्दर्य में चार चाँद लगता है

शहनाज हुसैन
लेखिका एक अन्र्तराष्ट्रीय ख्याति प्रापत सौन्दर्य विशेषज्ञ हैं तथा हर्बल क्वीन के रूप में लोकप्रिय हैं।

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