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लॉक डाउन के नियमों का पालन करें, अनजान खतरे से बचें

विवेक मित्तल। विजय न्यूज़ नेटवर्क
बीकानेर। कोरोना वायरस की भयावहता से सम्पूर्ण विश्व भयग्रस्त है, भारत में भी संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। देश में समाचार लिखने तक 724 केस दर्ज हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण के चक्र को तोड़ने के लिए पूरे भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। यानि घर पर ही रहें, घर पर ही रहें, घर पर ही रहे। आवश्यकता पड़ने पर परिवार से एक व्यक्ति ही बाहर निकले, लेकिन जागरूकता का अभाव कहें या कुछ और लॉक डाउन के नियमों का पालन करने के लापरवाही बरती जा रही है। शायद लॉकडाउन के महत्व को समझ नहीं पा रहे हैं लोग। हमारा सभी से विनम्र आग्रह है कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए अपने परिवार, समाज, शहर, राज्य और राष्ट्र के प्रति अपने नागरिक कर्त्तव्यों का पालन करें। नियमों के उल्लंघन का जीता जागता उदाहरण मुख्य बाजारों को छोड़ कर बीकानेर शहर की अनेक आवासीय कॉलोनियों में देखा जा सकता है जहाँ बच्चे, जवान और बड़े घरों से बाहर सड़कों पर घुमते, बातें करते दिखाई दे रहें हैं जो कि बन सकते हैं बीकानेर के लिए बड़ा खतरा। बड़ी बात यह नहीं है कि बीकानेर में अभी तक कोई भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं पाया गया, हो सकता है संक्रमित मरीज अभी तक प्रशासन की पहुँच से दूर हो और वह संक्रमण का संवाहक बन रहा हो…?


कोरोना वायरस जिसका अभी तक विश्व में कोई उपचार नहीं है, दवाई नहीं बनी है और इससे बचने का सिर्फ-और-सिर्फ एकमात्र उपाय है स्वयं को इसके संक्रमण से बचाना और इसके लिए जरूरी है लॉकडाउन के नियमों को मानना और शत-प्रतिशत मानना, अन्य कोई विकल्प नहीं है। कहीं ऐसा ना हो की कुछ लोगों की लापरवाही का नुकसान पूरी बीकानेर को, राज्य को और देश को उठाने पड़े। देखने में आ रहा है कि बाहरी इलाकों के दुकानों पर सामान खरीदने के लिए ग्रुप बनाकर बच्चों को भी साथ लाया जा रहा है, युवक बिना मास्क, घुम्रपान करते हुए आवाजाही कर रहे हैं जो कि उचित नहीं है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की इन बाहरी आवासीय कॉलोनियों तथा उनसे सटी कच्ची बस्तियों के लोगों में जागरूकता के साथ-साथ पाबन्द करने की एवं गश्त बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि आने वाले बड़े अनजान खतरे को समय रहते रोका जा सके। इसके साथ-साथ काला बाजारी रोकने तथा सफाई व्यवस्था को सही करने की भी आवश्यकता है।

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