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भाजपा को मिला ‘प्रसाद’

  • शाहजहांपुर से बड़े सियासी घराने से रखते हंै जितिन प्रसाद ताल्लुक
  • चुनाव बाद यूपी सरकार में बड़े पद का मिला लालच
रमेश ठाकुर/विजय न्यूज़ नेटवर्क।
नई दिल्ली। यूपी विधानसभा चुनाव में अभी थोड़ा वक्त है। लेकिन उससे पहले ही भाजपा ने प्रसाद ग्रहण कर लिया। कांग्रेस के युवा और कदावर नेता जितिन प्रसाद को अपने साथ जोड़ लिया। प्रसाद को पार्टी में शामिल कराने के साथ ही 2024 का सेमीफाइनल कहें जाने वाले 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की बिसात भी बिछ गई। जितिन प्रसाद के रूप में भाजपा ने ब्रहम्मण कार्ड खेला है और उन्हीें के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का तोड़ भी खोजा है। योगी के खिलाफ इस वक्त यूपी में ब्रहम्मण लामबंध हैं, आरोप हैं योगी ने सबसे ज्यादा अपराधिक पृष्टभूमि वाले ब्रहम्मणों का एनकाउंटर करवाया है। तभी भाजपा ने जितिन प्रसाद पर दांव खेला, यूपी चुनाव के बाद उन्हें प्रदेश सरकार की बड़ी जिम्मेदारी का लालच देकर मुख्यमंत्री योगी के मुकाबले खड़ा किया है। बुधवार को दिल्ली स्थिति पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में रेलमंत्री पीयूष गोयल व पार्टी के वरिष्ट नेता अनिल बलूनी की अगुआई में जितिन प्रसाद को पार्टी की प्राथमिक सदस्या दिलवाई। पीयूष योगल ने जितिन के गले में पार्टी का पट्टा डाल का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया।
पिता का रहा है बड़ा राजनीति रसूख

जितिन प्रसाद को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता जितेंद्र प्रसाद राजीव गांधी के करीबी माने जाते थे। शाहजहांपुर और उसके आसपास क्षेत्र में कभी तूती बोला करती थी। जितिन की माता कांता प्रसाद का भी राजनीति में कभी बोलबाला हुआ करता था। लेकिन जैसे ही कांग्रेस के सितारे गर्दिश में आने शुरू हुए, जितिन प्रसाद का पार्टी से मोहभंग होना शुरू हो गया। जितिन प्रसाद भी राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते थे। पार्टी संगठन के किसी काम के लिए सीधे उन्हीं से मंत्रणा करते थे। पश्चिम बंगाल चुनाव में उन्हें प्रभारी बनाया था। केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे, पार्टी में उच्च स्तर पदों पर रहने के बाद भी उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा कम नहीं हुई, तभी उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
अमित शाह से मिलने के बाद ज्वाइन की पार्टी

सुबह 11 बजे जितिन प्रसाद अपने दिल्ली स्थित आवास से निकलकर सबसे पहले पीयूष गोयल के घर पहुंचे। वहां दोनों नेताओं ने चाय-नाश्ता किया। उसके बाद गृह मंत्री अमित शाह के घर गए। जहां तीनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे वार्ता हुई। उसके बाद भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में पहुंचकर विधिवत तरीके से मीडिया की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
ज्वाइनिंग के वक्त बोले प्रसाद
महत्वपूर्ण ये नहीं कि मैं किस दल को छोड़ रहा हूं, बल्कि अहम ये है कि किस दल में शामिल हो रहा हूं। भाजपा अकेली संस्थागत रूप से मजबूत राजनीतिक दल है। मैंने पिछले 8-10 सालों में ये महसूस किया है कि आज देश में अगर कोई सही मायने में संस्थागत राजनीतिक दल है तो वह भाजपा है। बाकी दल व्यक्ति विशेष और क्षेत्रीय हो गए हैं। लेकिन नेशनल पार्टी सिर्फ भाजपा ही है। हमारा देश जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है उसके लिए आज देशहित में कोई दल और नेता सबसे उपयुक्त है तो भाजपा है और नरेंद्र मोदी हैं।
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