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आधुनिक तकनीक से हड्डियों के कैंसर का किया इलाज 

लिक्विड नाइट्रोजन का प्रयोग कर कैंसरस सेल को दी मात 
ग़ाज़ियाबाद। मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ़  कैंसर केयर (एमआईसीसी) वैशाली के डॉक्टरों की टीम ने सीनियर कंसल्टेंट और विभाग प्रमुख डॉ. विवेक वर्मा के नेतृत्व में कंधे के जोड़ में इविंग्स सरकोमा के अतिसक्रिय बोन कैंसर से पीड़ित 16 साल के किशोर का सफल इलाज किया। इस कैंसर का इलाज क्रायोथेरापी के इस्तेमाल से किया गया जो बोन ट्यूमर को ठीक करने के लिए एक अनोखी उपचार पद्धति है और इसी तरह की बीमारियों से जूझ रहे अन्य मरीजों के लिए स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर आई है।
इस केस के बारे में विस्तार से बताते हुए डॉ. विवेक वर्मा ने कहा, ‘क्रायोथेरापी एक नवीन चिकित्सा पद्धति है जिसमे  हड्डी के कैंसर युक्त हिस्से को निकाल दिया जाता है और लिक्विड नाइट्रोजन की मदद से सभी ट्यूमरयुक्त कोशिकाओं को नष्ट कर दिया जाता है। इसके बाद वही हड्डी शरीर में दोबारा प्रत्यारोपित कर दी जाती है।। किशोर मरीज के कंधे के जोड़ में इविंग्न सार्कोमा  का पता चला था। परिजनों ने एक सरकारी कैंसर संस्थान के डॉक्टरों से संपर्क किया, जहां मरीज की कीमोथेरापी भी कराई गई। उसे रिसेक्शन के लिए बाजू की सर्जरी और ट्यूमर प्रोस्थेसिस के साथ रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी दी गई। परिजनों ने इंटरनेट पर इस संबंध में खोजबीन शुरू की और हमारी समर्पित ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी सेवाओं के बारे में पता लगा लिया। उन्होंने यूट्यूब पर हमारे द्वारा की गई जटिल सर्जरी के मामलों को देखा और फिर हमारे पास पहुंचे। हमने उसकी रोग स्थिति की पड़ताल की और मरीज के कैंसर संक्रमित हड्डी को बचाए रखते हुए लिंब सैल्वेज सर्जरी का निर्णय लिया। मरीज के कंधे के जोड़ की नसों और रक्तनलिकाओं को संरक्षित रखते
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