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धरना समाप्त कराने पहुंची पुलिस के साथ सीएए प्रदर्शनकारियों की धक्का मुक्की

शाहिद नकवी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पुराने शहर के मंसूर अली पार्क में सीएए,एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ हो रहे सत्याग्रह मे सुबहा सुबहा भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी और धरना समाप्त कराने की अटकलों के फैलते ही हज़ारों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों का हुजूम उमड़ पड़ा।दो लारी पीएसी और सैकड़ो महिला पुलिस के साथ खुलदाबाद इन्सपेक्टर की मौजूदगी और पार्क के अन्दर प्रवेश करने को लेकर वहाँ मौजूद लोगों से तीखी झड़प भी हुई।बताया जा रहा है कि मंसूर अली पार्क में चल रहे धरना को पुलिस खत्म कराने पहुंची थी। लेकिन भारी विरोध के बाद उसे बैरंग लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि पुलिस ने धरना स्थल को तीन तरफ से घेर लिया था, लेकिन वहां मौजूद लोगों के विरोध के आगे पुलिस को झुकना पड़ा।सीओ के नेतृत्व में महिला पुलिसकर्मियों के साथ फोर्स पार्क के तीन गेटों से अंदर जाने की कोशिश करने लगी तो प्रदर्शनकारियों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कहासुनी और धक्कामुक्की भी शुरू हो गई। बड़ी संख्या में युवक गेट पर पहुंच गए और पुलिस के अंदर आने से रोकने लगे। इस दौरान हंगामे जैसा माहौल हो गया। पार्क के गेटों पर भीड़ बढ़ने से पुलिस अंदर नहीं जा सकी।पुलिस आने के विरोध में लोग पार्क से सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। गो बैक के और पुलिस वापिस जाओ के नारे लगनेइ लगे और थोड़ी देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। सड़क पर जबर्दस्त भीड़ देख पुलिस कुछ देर तक मौके पर ही रही उसके बाद फोर्स वापस लौट गई। धरना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना था की जब धरना पुरी तरहा शान्तिपूर्वक चल रहा है तो पुलिस लोगों को उकसाने की खातिर बार बार क्यूँ आती है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जगह-जगह प्रदर्शन चल रहा है। इसके खिलाफ आज बहुजन क्रांति मोर्चा ने भारत बंद का ऐलान किया था ।प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश में बंद का मिलाजुला असर दिखाई दिया। राजधानी लखनऊ समेत राज्य के मुस्लिम बहुल इलाकों में दुकानें बंद रह। जबकि राज्य सरकार ने बंद के दौरान किसी भी हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे।प्रयागराज के पुराने इलाकों,नूरउल्लाह रोड और करैली में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी छोटी बड़ी दुकानों पर ताला डाला हुआ था। लेकिन आम दुकाने रोज की तरह खुली हैं। इलाके में जगह जगह पुलिस तैनात रही।

सैयद मोहम्मद अस्करी ने बताया कि वहीं मंसूर अली पार्क मे आज १८ वें दिन भी धरना जारी रहा।उन्होने बताया कि पुलिस के धरना स्थल पर पहुंचने की खबर फैलते ही शहर के करैली, दरियाबाद, दायराशाह अजमल, रानीमण्डी, शाहगंज, बैदनटोला, बख्शीबाज़ार, रसूलपुर, अटाला, समदाबाद, हिम्मतगंज, कोलहनटोला, मिन्हाजपुर, हटिया, बहादुरगंज सहित शहर के आस पास के इलाक़ो से हज़ारों लोगों का हुजूम मंसूर अली पार्क की सड़को और गलियों मे उमड़ पड़ा ।पार्क के अंदर महिलाएं मोर्चा सम्हाले थी तो सडंकों पर पुरूष डटे थे। पुलिस की मौजूदगी और धरना समाप्त कराने की बात फैलते ही बड़ी संख्या में वकील धरनास्थल पर पहोँच गए।वकीलों के समूह ने प्रदर्शनकारीयों को सम्बोधित करते हुए प्रशासन को यह चेतावनी भी दी की प्रशासन कोई ऐसी हिमाक़त न करे ।श्री अस्करी ने बताया कि जिले के शंकरगढ़ से एनपीआर,एनआरसी और सीएए के खिलाफ मंसूर अली पार्क में चल रहे धरने में आज दर्जनों की तादात मे आदिवासी महिलाएँ भी पहुचीं। शंकरगढ़ के डेरावाड़ी से अनारकली के नेतृत्व में राजकुमारी, मिथलेश कुमारी,कमलादेवी,धानवती,कलावती,चन्दा,मूलचन्द,श्यामकली,सोमवारीया तो वहीं बरगढा से मुन्नीदेवी,शिवकली,सचसराजी कुमारी ने इस क़ानून के विरोध में आवाज़ बुलन्द करते हुए इसे रद्द करने की मांग की।अधिवक्ता विजय यादव,सबीहा मोहानी,सायरा अहमद,अब्दुल्ला तेहामी,पार्षद रमीज़ अहसन,शोएब अन्सारी,इरशाद उल्ला,अरशद अली,अब्दुल सलाम,कुतुबउद्दीन,शेख तौक़ीर अहमद,अक़ीलूर्रहमान,मो०ज़ाहिद आदि भी मौजूद रहे।

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