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कर्क (Cancer) : अगस्त 2020, मासिक राशिफल

सामान्य
कर्क राशि के लोगों के लिए महीना थोड़ा सा कमजोर रह सकता है क्योंकि ना केवल स्वास्थ्य बल्कि आर्थिक तौर पर भी आप कुछ परेशानियों में घिरे रह सकते हैं। ग्रहों का योग आपकी राशि और राशि स्वामी को काफी हद तक पीड़ित कर रहा है, जिसके प्रति आपको सचेत और सावधान रहना चाहिए। संभव होने पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। इसके अतिरिक्त इस दौरान की गई यात्राएं अधिक फायदेमंद दिखाई नहीं देती। आशानुरूप आपको अधिक लाभ नहीं मिलेगा बल्कि स्वास्थ्य परेशानियां बढ़ने की संभावना दिखाई देती है। यात्रा पर जाने से पूर्व भी पूरी और पक्की तैयारी करना आवश्यक है। परिवार में महिलाओं का सम्मान करें तथा किसी बात को लेकर आपका मन तनाव अथवा खिन्नता में रह सकता है। इसके लिए अपने निकटतम व्यक्तियों का सहयोग लें और उनके पास बैठकर आपको इस दुविधा और परेशानी से मुक्ति दिला सकें। आपके लिए महीना साधारण रहेगा।

कार्यक्षेत्र
यदि आपके करियर की बात की जाए तो नवम भाव में बैठा मंगल और उस पर शनि की दृष्टि आपको कार्यक्षेत्र में कोई बदलाव अथवा नौकरी में स्थानांतरण की ओर इशारा करती है। यह बात आपके पक्ष में होगी और आप बहुत समय से यदि इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं तो आपको सफलता मिल सकती है तथा मनचाही जगह पर ट्रांसफर होगा, जिससे आपकी मन की भी शांति भी बढ़ेगी और आपको आर्थिक तौर पर भी अच्छे लाभ होंगे। इसके अतिरिक्त महीने के उत्तरार्ध में जब मंगल का गोचर आपके दशम भाव में होगा, तब आपके लिए काफी उन्नति पूर्ण समय रहेगा। आपकी पदोन्नति भी हो सकती है और आपकी ज़िम्मेदारी और पद भार में भी वृद्धि होगी। इस दौरान आपको मानसिक तनाव से दूर रहकर और स्वयं के प्रति अभिमान की भावनाओं को त्याग कर काम करना होगा तभी बेहतर नतीजे मिलेंगे और लोग आपके पीछे रहेंगे। इसके बाद द्वितीय भाव में सूर्य का गोचर होने से सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलने के योग बनेंगे। यदि आप कोई व्यापार करते हैं तो शनिदेव की कृपा से आप अपने काम को विस्तार या स्थायित्व देकर अपने बिज़नेस को आगे बढ़ा पाएंगे। हालांकि आपको आर्थिक चुनौतियाँ तो मिलेंगी, लेकिन आप जीवन में आगे बढ़ेंगे।

आर्थिक
आर्थिक तौर पर यह समय थोड़ा सा कम अनुकूल दिखाई दे रहा है क्योंकि आपके खर्चे हद से ज्यादा होंगे और आपका उन पर कोई नियंत्रण नहीं होगा, जो कि आपकी आर्थिक स्थिति को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। हालांकि मंगल की नवम भाव में उपस्थिति कुछ हद तक आपकी मदद करेगी और आपको आर्थिक तौर पर मजबूती देगी। मंगल का महीने के उत्तरार्ध में दशम भाव में प्रवेश करना और सूर्य का दूसरे भाव में प्रवेश करना भी आर्थिक तौर पर आपको मजबूती देगा और आपको धन प्राप्ति के अवसर प्राप्त होंगे। हालांकि आपके खर्चे काफी बने रहेंगे। सर्वप्रथम आपकी यह परीक्षा होगी कि आप अपने खर्चों को कितनी हद तक नियंत्रण में रख पाते हैं क्योंकि इसी से आपकी आर्थिक स्थिति को डाँवाडोल होने से बचाया जा सकता है। आर्थिक तौर पर यह महीना चुनौतीपूर्ण रह सकता है। यदि आप व्यापार करते हैं तो दशम भाव मे मंगल की स्थिति और सप्तम भाव में शनि की स्थिति आपके व्यापार को गति देकर आपके मुनाफ़े को बढ़ा सकती है, इसलिए इस दिशा में आप अच्छा प्रयास जारी रखें।

स्वास्थ्य
स्वास्थ्य के मामले में यह महीना अधिक अनुकूल दिखाई नहीं दे रहा है, उसकी वजह है आपके बारहवें भाव में शुक्र, बुध और राहु की युति होना तथा छठे भाव, जो कि रोग का भाव है, उसमें केतु और बृहस्पति की स्थिति होगी और सप्तम भाव में शनि देव तथा आपकी राशि में सूर्य देव विराजमान होंगे। यही स्थिति चारों ओर से आपके स्वास्थ्य को पीड़ित करने का इशारा करती है। इसी वजह से आपको विशेष तौर पर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि यदि आप ठीक से ध्यान नहीं देंगे, तो अस्पताल जाना पड़ सकता है। स्वास्थ्य को फिट रखने के लिए निरंतर योगाभ्यास और शारीरिक एक्सरसाइज अवश्य करें। तरल पदार्थों का सेवन करें और कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें क्योंकि ऐसी स्थिति में विलंब करना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

प्रेम व वैवाहिक
प्रेम संबंधित मामलों के लिए यह महीना काफी अनुकूल रहेगा और आपका जीवन प्रेम से भरा रहेगा। आपका प्रियतम आपके साथ मिल कर कोई अच्छा प्लान बनाएगा, जिसमें आप दोनों भविष्य के सपने देखेंगे और एक दूसरे के साथ समय बिताने का कोई भी मौका नहीं छोड़ेंगे। यह स्थिति आपकी लव लाइफ को बेहतर बनाएगी और एक दूसरे पर आपकी निर्भरता को भी बढ़ाएगी। आप को साथ में बैठकर अपने बीच की जो कोई भी परेशानी चली आ रही है, उसे डिस्कस करना चाहिए, ताकि उसका समाधान निकाला जा सके। हालांकि इस महीने आप अपनी निजी चिंताओं में अधिक परेशान रहेंगे। ध्यान रखें कि उसका असर आपकी लव लाइफ पर ना हो और अपने प्रियतम को खुश रखने में कोई कसर बाकी ना रखें।
यदि आप शादीशुदा हैं तो स्थितियां मिली-जुली रहने वाली हैं। सप्तम भाव में शनि देव पर राशि में बैठे सूर्य देव की पूर्ण सप्तम दृष्टि होने के कारण दांपत्य जीवन में लड़ाई झगड़े की संभावना हो सकती है, जिससे बचने का आपको भरसक प्रयत्न करना होगा। उसके बाद जब सूर्य का गोचर आपके द्वितीय भाव में होगा वह समय आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य के लिए कमजोर होगा और उन्हें तुरंत स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। ऐसे में आपको दांपत्य सुखों को बनाए रखने के लिए जीवनसाथी से मिलकर बातचीत भी करनी चाहिए और आपसे मुद्दों को सुलझाना चाहिए तथा उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए और आवश्यक होने पर उन्हें चिकित्सीय सलाह अवश्य दिलवाएं। संतान की ओर से आपको चिंतित होने की आवश्यकता नहीं क्योंकि आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे।

पारिवारिक
पारिवारिक जीवन की बात करें तो वह इस महीने काफी बेहतर रहेगा और आप अपने परिवार की ओर से काफी निश्चिंत रहेंगे तथा घर आकर आपको सुकून की सांस मिलेगी क्योंकि परिवार के लोगों का व्यवहार काफी अनुकूल होगा और सभी मिल जुल कर एक दूसरे की सराहना और मान-सम्मान भी करेंगे। आपको भी परिवार के लोगों के साथ तालमेल बिठाने का पूरा प्रयास करना चाहिए क्योंकि इस समय में सभी यही चाहते हैं। सूर्य का गोचर जब महीने के उत्तरार्ध में द्वितीय भाव में होगा और मंगल का दशम भाव में, ऐसी स्थिति में परिवार में कुछ तनाव बढ़ सकता है, जिसे दूर करने के लिए आपको प्रयास करना होगा। अपने काम पर अधिक ध्यान दें और पेशेवर जीवन पर अधिक ध्यान देने के कारण पारिवारिक विषयों को समय कम ही दे पाएंगे। इससे भी आपका पारिवारिक जीवन थोड़ा सा तनावपूर्ण हो सकता है। विशेष कर महीने के उत्तरार्ध में। मंगल देव की दृष्टि पूरे समय आपके चतुर्थ भाव पर होगी, लेकिन बृहस्पति की दृष्टि छठे भाव से आपके द्वितीय भाव पर होने के कारण प्रॉपर्टी संबंधित कोई विवाद घर में उत्पन्न हो सकता है। इस बात के प्रति सावधान रहें।

उपाय
इस महीने आपको उपाय के तौर पर विशेष रूप से शनि देव की आराधना करनी चाहिए और उनसे संबंधित दान करना चाहिए, जिसमें शनिवार के दिन लोहे अथवा मिट्टी के बर्तन में सरसों के तेल में अपनी शक्ल देख कर उसे दान करना चाहिए। इसके अतिरिक्त आपको किसी निर्जन स्थान में पेड़ के नीचे एक सूखे नारियल में आटे का कसार और चीनी मिलाकर उस गोले में भर कर दबा देना चाहिए ताकि चीटियां उसका भक्षण कर सकें। आपको अपने आसपास के लोगों के साथ अनुचित व्यवहार करने से बचना चाहिए तथा प्रतिदिन बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। यदि संभव हो तो मंगलवार अथवा शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें।

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