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कर्क (Cancer) का मासिक राशिफल : मई 2020

कर्क का मासिक राशिफल / Karka Masik Rashifal in Hindi

सामान्य
स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर और अपने जीवनसाथी अथवा बिज़नेस पार्टनर के साथ अच्छा व्यवहार करके आप मई के महीने की अच्छाई को और अधिक बढ़ा सकते हैं। यानि कि यह महीना काफी हद तक आपके लिए बेहतर रहेगा। सप्तम भाव में उपस्थित शनि, मंगल और बृहस्पति मानसिक तनाव को अवश्य ही बढ़ाएंगे और आपके व्यवहार में थोड़े बदलाव ज़रुर आएँगे, लेकिन धीरे-धीरे आप इसके अभ्यस्त हो जाएंगे। दशम भाव का सूर्य आपको मजबूती देगा और हर क्षेत्र में आपकी तारीफ होगी, चाहे वह आपका परिवार हो या आपका पेशेवर जीवन। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग आपको मिलेगा तथा महीने के उत्तरार्ध में आपको अपने ससुराल पक्ष के लोगों से विवाद में पड़ने से बचना होगा। आर्थिक तौर पर महीना अच्छा रहने वाला है और धार्मिक कार्यों में भी आपको लाभ मिलेगा। साथ ही साथ आपके भाग्य में वृद्धि होगी। इस महीने आप कुछ धर्म-कर्म के कार्यों में भी हिस्सा ले सकते हैं, जिनसे आपका मान बढ़ेगा।

कार्यक्षेत्र
करियर के दृष्टिकोण से यह महीना आपके लिए ही बना है, क्योंकि दशम भाव में उच्च अवस्था में बैठा हुआ सूर्य आपकी पद और प्रतिष्ठा दोनों में वृद्धि करेगा। केवल इतना ही नहीं आप के वरिष्ठ अधिकारी भी आपके पक्ष में रहेंगे और यदि आपकी बॉस कोई महिला है तो, आप उनके कृपा पात्र बने रहेंगे। यानि कि वरिष्ठ अधिकारियों के सानिध्य का लाभ आपको अवश्य मिलेगा। इसके अतिरिक्त आपको सप्तम भाव में बैठे शनि से भी लाभ मिलेगा। सहकर्मी भी आपके पक्ष में रहेंगे और विरोधियों के ऊपर आप हावी रहेंगे। इसलिए वे चाह कर भी आप कर कुछ बुरा नहीं कर पाएंगे। सूर्य जैसे ही महीने के उत्तरार्ध में एकादश भाव में जाएगा, आपके लिए अच्छे परिणाम और बढ़ जाएंगे, लेकिन इस दौरान आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छा व्यवहार बनाए रखना होगा, नहीं तो आप मुसीबत खुद मोल ले लेंगे। यदि आप एक व्यवसायी हैं तो, यह मानकर चलें कि लाभ आपको अवश्य मिलेगा और आपका व्यापार बेहतर तरीके से आगे चलेगा, लेकिन उसके लिए सुनियोजित ढंग से एक स्ट्रेटेजी बनाकर आपको चलना होगा और अपने बिज़नेस पार्टनर से अच्छे संबंध रखने होंगे, अन्यथा आप दोनों के बीच का तनाव बिज़नेस पर भी हावी पड़ सकता है।

आर्थिक
आर्थिक तौर पर नजर दौड़ाई जाए तो, यह महीना अनुकूलताएं लेकर आ सकता है। विशेष रूप से एकादश भाव में पूरे महीने अपनी राशि का शुक्र आपकी आमदनी को कहीं से भी कम नहीं होने देगा, चाहे आप कोई जॉब करते हों या बिज़नेस। आपको हर ओर से आर्थिक लाभ का मौका मिलेगा। बस आप को इस बात का ध्यान अवश्य रखना है कि जो भी अपॉर्चुनिटी आपके सामने आ रही है, आप उसका दिल खोलकर स्वागत करें और उसे हाथ से निकलने ना दें। बारहवें भाव में उपस्थित राहू व्यर्थ की यात्राओं से संबंधित या फिर बेवजह के खर्चे कराने के लिए मशहूर है। ऐसे में खर्चों पर नियंत्रण रखना आपके हाथ में है। थोड़ा ध्यान अवश्य दें, क्योंकि अगर आपको इन खर्चों की लत पड़ गई तो आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यात्रा पर जाना अनुकूल नहीं है। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य भी एकादश भाव में पहुँचकर आपको जबरदस्त आर्थिक लाभ देगा और केवल इतना ही नहीं, बल्कि सरकारी क्षेत्र से भी आपको जबरदस्त लाभ हो सकता है। कुल मिलाकर कहा जाए तो, इस महीने आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और आप भविष्य के लिए निवेश की योजनाएं भी बना पाएंगे।

स्वास्थ्य
स्वास्थ्य के मामले में मई का महीना अधिक अनुकूल दिखाई नहीं दे रहा है, क्योंकि आपके सप्तम भाव में शनि, मंगल और बृहस्पति हैं तथा छठे भाव में केतु की उपस्थिति है। यह सभी ग्रह और इसके अतिरिक्त द्वादश भाव में राहु की उपस्थिति आपके स्वास्थ्य को पीड़ित कर सकती है। विशेष रुप से आपको नाभि से नीचे के क्षेत्र में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। चाहे उस स्थिति में आपको मूत्र संबंधित समस्याएं हों या फिर लीवर से संबंधित, लेकिन आप को विशेष रुप से ध्यान देना पड़ेगा, क्योंकि असंतुलित खान-पान भी इसकी एक वजह बन सकता है और मानसिक तनाव को स्वयं पर हावी ना होने दें। वर्तमान में चल रहे कोरोना संक्रमण से बचने का प्रयास करें। मन चंगा तो कठौती में गंगा। इस कहावत को ध्यान में रखें और अपने मन को नियंत्रण में रखें, तो कई समस्याओं से बच पाएंगे।

प्रेम व वैवाहिक
प्रेमी युगल की बात की जाए तो, पंचम भाव का स्वामी मंगल सप्तम भाव में सप्तम भाव के स्वामी शनि और बृहस्पति के साथ युति में बैठा हुआ है। ऐसी स्थिति में कुछ लोगों को प्रेम विवाह की सौगात मिल सकती है। हालांकि यह रास्ता इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि मंगल और शनि आपस में प्रबल शत्रु हैं, फिर भी पंचम और नवम का संबंध काफी हद तक आपके प्रेम विवाह में सफलता का योग बनाएगा। इसके अतिरिक्त पंचम भाव पर पड़ रही शुक्र की दृष्टि आपके प्रेम जीवन को कहीं से भी कम नहीं होने देगी और प्यार भरपूर रहेगा। आप एक दूसरे को समझेंगे और एक दूसरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक दूसरे की हरसंभव सहायता भी करेंगे। वे आपसे मन की बातें शेयर करेंगे तथा साथ में समय बिताने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देंगे। कुल मिलाकर कहा जाए तो आपकी लव लाइफ के लिए मई का महीना किसी वरदान से कम नहीं होगा और इस दौरान आप जमकर अपनी लव लाइफ का लुत्फ़ उठा पाएंगे।
यदि आप विवाहित हैं तो, यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकता है और इस दौरान आपको संभल कर रहना होगा, क्योंकि सप्तम भाव में शनि, मंगल और बृहस्पति की स्थिति आपके जीवन साथी को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां भी दे सकती है और आपके रिश्ते में दिक्कतें भी उत्पन्न कर सकती है। ऐसे में बहुत ही समझदारी का परिचय देते हुए स्थिति को निकलने दें, ताकि धीरे-धीरे स्थितियां सामान्यता की ओर बढ़ें और आपका दांपत्य जीवन किसी बड़ी चुनौती के कारण व्यर्थ ना हो। यदि आपका प्रिय जीवन साथी इस दौरान आपसे कुछ विशेष बातें कहता है तो, उनकी बातों को पूरे ध्यान पूर्वक सुनें। चाहे वह अधिक महत्वपूर्ण ना भी हो तो, भी उनको महत्व दें और ठंडे दिमाग से काम लें, तभी इस चुनौतीपूर्ण समय से आप निकल पाएंगे और दांपत्य जीवन में अच्छे संबंधों का लाभ उठा पाएंगे।

पारिवारिक
यदि आपके पारिवारिक जीवन पर नजर डाली जाये तो, पता लगता है कि आप इस दौरान काम में अधिक व्यस्त रह सकते हैं, जिसकी वजह से परिवार को समय कम दे पाएंगे। इसलिए पारिवारिक सुख की थोड़ी कमी महसूस कर सकते हैं, लेकिन परिवार का वातावरण काफी अच्छा रहेगा और इस दौरान लोग एक दूसरे के प्रति सहृदयता का भाव रखेंगे। आपके कुटुंब के लोग आपके बिज़नेस या कार्यक्षेत्र में आपकी सहायता करेंगे और यदि आपको कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना है तो, आप उसमें उनकी सलाह भी ले सकते हैं, वह अवश्य काम आएगी। छोटे भाई बहनों का सहयोग इस दौरान आपको मिलेगा और बड़े भाई बहन तो आपके साथ हैं। इस प्रकार पूरा परिवार आपके साथ खड़ा दिखाई देगा। अपने आप को मजबूत समझें और इस परिवार की भलाई के बारे में विचार करें। यदि जीवन साथी और परिवार वालों के बीच कोई विवाद चल भी रहा है तो, इस समय उस विवाद में ना पड़ें, थोड़ा शांत रहकर उस मामले को दबाएं, ताकि घर की शांति ना बिगड़ने पाए।

उपाय
इस महीने आपको भगवान हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए और बजरंग बाण का नियमित रूप से पाठ करना चाहिए तथा साथ ही साथ देव गुरु बृहस्पति की कृपा पाने के लिए मस्तक पर केसर अथवा गोपी चंदन का तिलक लगाना चाहिए। आप चाहें तो सोमवार का व्रत भी रख सकते हैं और चंद्र देव की प्रसन्नता पाने के लिए पूर्णमासी के दिन चंद्र देव को अर्घ्य अवश्य दें।

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