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Category: विचार

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घोटालों के बादल और चुनावी हिंसा

पश्चिम बंगाल में चुनावों की औपचारिक घोषणा के साथ ही राजनैतिक पारा भी उफान पर पहुँच गया है। देखा जाए तो चुनाव किसी भी लोकतंत्र की आत्मा होते हैं सैद्धांतिक

भारत से दिख रहे सहमे-सहमे चीन-पाक

बीते कुछ समय के दौरान दो महत्वपूर्ण और सकारात्मक घटनाएं देश की कूटनीति के मोर्चे पर सामने आईं। इनका संबंध भारत के चिर ‘शत्रु पड़ोसियों’ क्रमश: चीन और पाकिस्तान से है। इन

नये भारत के लिये नया इंसान कौन बनायेगा?

”अणुव्रत-मिशन“ की 72 वर्षों की एक ‘युग यात्रा’ नैतिक प्रतिष्ठा का एक अभियान है। परिवर्तन जीवन का शाश्वत नियम है, प्रगति एवं विकास का यह सशक्त माध्यम है। जीवन का

विस्फोटक बल्लेबाज को सम्मान से विदाई का मौका क्योंनहीं मिला

हष्ट-पुष्ट शरीर के मालिक और विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर युसुफ पठान का बल्ला अब घरेलू क्रिकेट में भी नहीं गरजेगा।जिस खिलाड़ी ने अपनी राज्य टीम बड़ौदा के लिए कई

वह क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता ?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले दिनों तिरुअनंतपुरम में एक सभा में यह कह दिया कि – ‘पहले के 15 साल मैं उत्तर भारत से सांसद था। मुझे वहां दूसरे

अणुव्रत सूर्योदय है नये भारत का

अणुव्रत आंदोलन स्थापना दिवस-1 मार्च, 2021 पर विशेष नये युग के निर्माण और जन चेतना में नैतिक क्रांति के अभिनव एवं अनूठे मिशन के रूप में अणुव्रत आन्दोलन न केवल

कोरोना पर भारी पड़ता भारतीय आईटी सेक्टर की रफ्तार

कोरोना काल ने विश्व भर के सभी इंसानों और उद्योग धंधों को तगड़े आघात दिए। अगर बहुत सारे नौकरीपेशा लोगों की वेतन में कटौती से लेकर नौकरी से हाथ तक

सेंसरशिप की आहड़ तो नहीं?

बात ज्यादा पुुुरानी नहीं है, वर्षों पहले जब सोशल मीडिया का दायरा धीरे-धीरे बढ़ा। पहले शहरी क्षेत्रों में जड़ें फैली, फिर गांव-देहातों में विस्तार हुआ। तब लोगों को जन संचार

जीवन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का दिन

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विशेष विज्ञान मानव को जीवन जीने की एक दृष्टि देता है। चिंतन की आधारभूमि भेंट कर चलने को उजासभरा पथ प्रदान करता है। वास्तव में विज्ञान

बंगाल में सक्षम नेतृत्व की सार्थक तलाश जरूरी

आज पश्चिम बंगाल के चुनाव का मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा एवं चिन्ता की प्राथमिकता लिये हुए है। संभवतः आजादी के बाद यह पहला चुनाव हैं जो इतना चर्चित, आक्रामक होकर राष्ट्रीय

गुणवत्ताविहिन उत्पादों के लिए बदनाम चीन

यह विश्व समुदाय को चिंतित करने वाला है कि चीन धोखाधड़ी के जरिए अपने गुणवत्ताविहिन उत्पादों को भारत समेत दुनिया भर के सभी देशों के बाजारों में पाट रहा है।

‘अभिव्यक्ति’ को सलाखें नहीं ‘आजादी’ चाहिए ?

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जलवायु एक्टिविस्ट दिशा रवि को एक लाख के निजी मुचलके पर चर्चित ‘टूलकिट’ मामले में तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।

सत्ता का विभाजनकारी एजेण्डा अर्थात आग से खेलने का प्रयास

केंद्र सरकार के नए कृषि क़ानूनों का विरोध अब आंदोलन के साथ साथ सत्ता व किसानों के बीच हिंसक टकराव की ओर बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों मुज़फ़्फ़रनगर के

सावधान!  कोरोना महामारी अभी नहीं हारी!!

तावनियों के बाद भी जरा सी लापरवाही पर दुनिया की इस सदी की महामारी फिर भारी पड़ती दिख रही है. दुनिया के कई देशों में पहले ही कोरोना की दूसरी

महाराष्ट्र के नये हालात क्यों हैं डराने वाले

कोरोना वायरस के महाराष्ट्र में नए मामलों की तेजी से बढ़ती रफ्तार डराने वाले और निराश जनक हैं । जब सारे देश में पहले की तुलना में कोरोना संक्रमित लोगों

सड़क हादसों में सिरमौर बनता भारत

भारत में आज कोई भी दिन ऐसा नहीं गुजरता है। जिस दिन देश के किसी ना किसी भाग में सड़क हादसा न हुआ हो। जिसमें कई लोगों को जान से

खेल के मैदान में सांप्रदायिकता का क्याकाम

आजकल राष्ट्रवाद,सांप्रदायिकता और धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों पर बहस चल रही है।यहां तक कि इन तीन शब्दों से जुड़े दो मूल विचारों के बीच द्वंद्व का असर समाज पर भी पड़

शिक्षा को ‘चाइनीज’ होने से बचाना होगा

दुनिया की सबसे महान शक्ति बनने के लिए चीन कोई मौका नही छोड रहा। सभी देशों में हर छोडे-बडे क्षेत्र में अपना वर्चस्व बनाने के लिए चीन एक बहुत बडी

पहली महिला फांसी के साथ ही शुरू होगा न्याय सिस्टम का नया चैप्टर

कुछ फैसले इतिहास ही नहीं बदलते, बल्कि नया इतिहास रच देते हैं, व्यवस्था को नए सिरे से गढ़ने का भी काम करते हैं। एक फैसले के बाद देश में ऐसा

जाहे विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

पिछले दिनों किसान आंदोलन के बीच पंजाब में स्थानीय निकायों के चुनाव संपन्न हुए। इसमें कांग्रेस पार्टी की अकाल्पनिक विजय इतनी महत्वपूर्ण नहीं थी जितनी कि भारतीय जनता पार्टी की

मातृभाषाओं को बचाने की चुनौती

दुनिया भर में अंग्रेजी भाषा के पसरते पांव और मिल रहे संरक्षण ने विश्व में बोली जाने वाली उन सैकड़ों लोक भाषाओं के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है

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