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Category: आर.के. सिन्हा

Total 148 Posts

शशि थरूर क्यों करवाते रहते हैं अपनी छीछालीदर

थरूर जी, मत करो प्लेबॉय बनने की कोशिश कहते हैं, सुबह का भुला यदि शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते। यह वही बात है कि अगर कोई अपनी

भारत कैसे करे पाक पर यकीन

अभी तक भारत का पाकिस्तान के मैत्री और बातचीत के प्रस्तावों पर ठंडा रुख अपनाना सिद्ध कर रहा है कि इस बार भारत अपने धूर्त पड़ोसी से संबंधों को सामान्य

दिल्ली कब पाएगी अपने गुस्से पर काबू

दिल्ली का गुस्सा और बात-बात पर एक-दूसरे से लड़ने की मानसिकता उसके लिए बहुत भारी पड़ने लगी है। देश की राजधानी का अब तो लगता है कि हऱ शख्स ही

विश्व भर में बसे भारतवंशियों का तीर्थ भारत

पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या में कुछ समय पहले अवतार सिंह सेहमी नाम के एक भारतवंशी सज्जन का निधन हो गया। वे करीब 90 साल के थे। लेकिन, उनकी एक हसरत पूरी

चंद सिक्कों के लिए देश को बेचने वाले ये कलंकित अधिकारी

भारतीय सेना शौर्य, कर्तव्य पराणयता, राष्ट्र भक्ति का पर्याय रही है। युद्ध और आपातकालीन स्थितियों में इसने सदा देश की नि:स्वार्थ भाव से सेवा की है। इसका इतिहास बलिदानों से भरा है।

रॉबर्ट वाड्रा-फिरोज गांधी का फर्क समझिए

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा का आजकल एक नया चेहरा सबके सामने आ रहा है। वे टोयोटा लैंड क्रूजर एसयूवी में लॉक डाउन के कारण सड़कों

कहां हो छिप गये बटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी कहने वालों

कुछ वर्ष पूर्व ही देश की राजधानी  में हुए बटला हाउस एनकाउंटर और उस एनकाउंटर में शहीद हो गए दिल्ली पुलिस के जाबांज इंस्पेक्टर मोहनचंद्र शर्मा की शहादत को सदियों

ऋषभ पंत की कामयाबी के संकेत और संदेश समझिए

देखिए कोई खिलाड़ी अपने चाहने वालों के दिलों पर राज तब करता है जब वह विपरीत हालातों में या खास मैचों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है। इस तरह के खिलाड़ियों को

भारत से दिख रहे सहमे-सहमे चीन-पाक

बीते कुछ समय के दौरान दो महत्वपूर्ण और सकारात्मक घटनाएं देश की कूटनीति के मोर्चे पर सामने आईं। इनका संबंध भारत के चिर ‘शत्रु पड़ोसियों’ क्रमश: चीन और पाकिस्तान से है। इन

कोरोना पर भारी पड़ता भारतीय आईटी सेक्टर की रफ्तार

कोरोना काल ने विश्व भर के सभी इंसानों और उद्योग धंधों को तगड़े आघात दिए। अगर बहुत सारे नौकरीपेशा लोगों की वेतन में कटौती से लेकर नौकरी से हाथ तक

महाराष्ट्र के नये हालात क्यों हैं डराने वाले

कोरोना वायरस के महाराष्ट्र में नए मामलों की तेजी से बढ़ती रफ्तार डराने वाले और निराश जनक हैं । जब सारे देश में पहले की तुलना में कोरोना संक्रमित लोगों

तो कश्मीर से आने लगी अब खुशनुमा बयार

एक लंबे अंतराल के बाद जम्मू-कश्मीर से खुशनुमा बयार बहने लगी है। उसे सारा देश ही महसूस कर रहा है। वहां पर मारकाट और हिंसा का दौर अब खत्म होता नजर

काश राहुल गांधी को पता होती इनकी गद्दारी भी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मानसिक दिवालियापान पर अब दया भर  ही आती है। उन्हें भाषाई संस्कार की तनिक भी समझ नहीं है। वे किसी को भी कुछ भी कह

आजाद ने दिखाया अंसारी को आईना

गुलाम नबी आजाद के राज्यसभा से रिटायर होने के अवसर पर दिए गए भावुक भाषण के बाद देश के पूर्व  उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी  शायद अपराधबोध के बोझ से दब गये हों। यह

ईरान के पाक पर हमले से क्या सीखे भारत

ईरान ने पाकिस्तान में फिर से सर्जिकल स्ट्राइक किया है। इस हमले का नतीजा यह हुआ कि ईरान ने अपने कुछ अपह्त कर लिए गए नागरिकों को “जैश उल अदल”

इजराइल दूतावास पर धमाके के तार पाक में

पाक क्यों परेशान है भारत-इजराइल रिश्तों से जिस दिन केन्द्रीय बजट लोक सभा में पेश किया जाना था उस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से

तो केन्द्रीय बजट में मिलेगा सबको कुछ न कुछ

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब देश का आगामी 2021-22 का आम बजट पेश करेंगी तो उनकी मंशा तो यही रहेगी कि देश के सभी वर्गों के हितों में  कुछ

तिरंगे के आगे बौने सब झंडे

गणतंत्र दिवस पर देश के कोने-कोने में जब भारत के सभी लोग, बच्चे, बूढ़े समेत तिरंगे के आगे लोग सलामी दे रहे थे तब राजधानी में तथाकथित प्रदर्शनकारी किसानों का एक समूह

नेताजी से मिलती भारत के मजदूर आँदोलन को ताकत और उर्जा

आजाद हिंद फौज के संस्थापक और भारत की स्वतंत्रता आन्दोलन में अहम नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाषचंद्र बोस सिर्फ स्वाधीनता सेनानी ही नहीं थे। नेताजी देश के उन

राम मंदिर और देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की धर्मनिरपेक्षता पर सवाल

दशकों की कानूनी लड़ाई के बाद अंततः सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया । अब वहां पर भव्य श्री राम मंदिर बनेगा। इसी

क्यों भारत में धनी होना हो गया है अपराध

कौन चलाता है सफल उद्यमियों के खिलाफ कैंपेन मुंबई में आप पिरोजशा गोदरेज मार्ग देख सकते हैं। वे कोई राजनेता, लेखक, स्वाधीनता सेनानी या कवि नहीं थे। हमारे यहां पर आमतौर इन्हीं

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