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Category: सुशील कुमार नवीन

Total 9 Posts

सामयिक व्यंग्य: अर्णब की गिरफ्तारी

भला भारत में ऐसे भी पूछ सकता है कोई.. देशहित सर्वोपरि। राष्ट्रहित सर्वोपरि। मुल्क का भला। आपका भला। उंगली उठाने वाले खबरदार..क्योंकि पूछता है भारत। नमस्कार दोस्तों ! मैं हूं

सामयिक व्यंग्य: ‘ हरामखोर लड़की ‘ नहीं, ‘ बेईमान नॉटी गर्ल ‘ डिक्शनरी में वर्ड एड कर लीजिए जनाब…..

आप भी समझ रहे होंगे, यह कैसी शब्दावली है। ‘हरामखोर लड़की ‘ का मतलब ‘ बेईमान नॉटी’ गर्ल कब से होने लगा है। हमने तो सदा ‘हरामखोर’ यह शब्द गाली

योग और प्राणायाम के साथ लड़ें कोरोना से लड़ाई

आज समूचा विश्व कोरोना रूपी महासंकट का सामना कर रहा है। भौतिकवाद की चकाचौंध में मनुष्य पहले से ही अंधा हो रखा है। मधुमेह, हार्ट अटैक,अस्थमा, आर्थराइटिस, लकवा जैसी अनेकों

ताकि न बढ़ें लोकडाउन के बाद मानसिक बीमारियां

विशेषज्ञ : डॉ. राजन जैन, मनोचिकित्सक एवं मनोरोग विभाग प्रमुख, जिंदल इनस्टीटूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, हिसार  संकलनकर्त्ता: सुशील कुमार नवीन, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक। ■ लोकडाउन मनोदशा पर

व्यंग्य लेख : ताली-थाली बजवा के अबके छाती पे मुक्का मरवाएंगे

‘विधना तेरे लेख किसी के, समझ न आते हैं सबके कष्ट मिटाने वाले, और कष्ट उठाते हैं’। आप सोच रहे होंगे कि आज ये गम्भीर हास्य पुट की जगह अचानक

व्यंग्य : सब्र करो, अपने भी अच्छे दिन आएंगे

सब्र करो, अपने भी अच्छे दिन आएंगे, औरों की तरह ये दिन भी गुजर जाएंगे शाम को राशन का सामान लेने के दौरान कल एक मित्र मिल गए। साथ काम

संक्रमण की चैन बनने से रोके रखना किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं 

विश्वासघात करैं प्यारे तै, इसे यार बणे हाण्डैं सैं, लेणा एक ना देणे दो दिलदार बणे हांडै सैं…… कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए आज सभी की एकजुटता

समय को भुनाकर ही चुनौती को पार पाएगा दूरदर्शन

दर्शकों को जोड़े रखने के लिए दूरदर्शन के पास स्वर्णिम अवसर कोरोना महामारी के चलते इन दिनों दूरदर्शन पर 33 वर्ष बाद रामायण का पुर्नप्रसारण किया जा रहा है।लोकप्रियता वही

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