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Category: निर्मल रानी

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चंडीगढ़ को पहचान देता ‘सूफ़ी आस्तान-ए-रामदरबार’

1947 में हुए भारत-पाक विभाजन के पश्चात् पंजाब के पश्चिमी हिस्से के पाकिस्तान में चले जाने तथा पश्चिमी पंजाब से पूर्वी पंजाब अर्थात भारत की तरफ़ आने वाले हिंदू व

देश की दयनीय स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार की प्राथमिकताएं

अभी देश गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में हुई उस त्रासदी को भूला नहीं है जबकि वर्ष 2017 में इसी अस्पताल में इंसेफ़ेलाइटिस की बीमारी की वजह से अगस्त

’75 पार’ के बाद ’65 पार’ का नारा भी हुआ धराशायी

देश के सभी राज्यों में भगवा परचम लहराने की लालसा पाले भारतीय जनता पार्टी को पिछले दिनों उस समय एक और बड़ा झटका लगा जब भाजपा शासित एक और राज्य,

जनाक्रोश के मध्य राजनेताओं के विवादित बोल

भारतीय संसद में पिछले दिनों जब से नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया गया और उसके बाद इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों में पारित करवाकर इसे क़ानून का रूप

संकीर्णता नहीं उदारवाद है भारत की पहचान

नागरिकता संशोधन विधेयक आख़िरकार लोकसभा के बाद राज्य सभा में भी पारित हो गया। इस विधेयक के समर्थन तथा विरोध में संसद के दोनों सदनों में ज़ोरदार बहस हुई। राज्यसभा

सड़क निर्माण:जनहितकारी या जनकष्टकारी ?

यदि हम मैट्रो रेल अथवा विदेशी कंपनियों द्वारा किये जाने वाली बड़ी निर्माण परियोजनाओं को छोड़ दें तो इसके अतिरिक्त पूरे देश में केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा किया जाने

तेज बहादुर यादव का मैदान-ए-सियासत से बेआबरू होना

हमारे देश की सीमाओं के प्रहरी भारतीय सैनिकों व सीमा बल के जवानों द्वारा चौबीसों घंटे विपरीत एवं दुर्गम परिस्थितियों में भी की जाने वाली सीमा की निगरानी की बदौलत

चिंताजनक है ‘पुलिसिया तफ़्तीश’ पर सवाल उठना

देश में पिछले दिनों दो ऐसी घटनाएं घटित हुईं जिन्होंने जनता का पूरा ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। पहली घटना गत 12 अक्टूबर शनिवार को प्रातःकाल उत्तरी दिल्ली का वीआईपी

एकीकृत भारत की प्रबल आवाज़ थे ‘सीमांत गाँधी ‘

भारतवर्ष में आज़ादी के 72 वर्षों बाद आज एक बार फिर भारत के हिन्दू राष्ट्र होने और 1947 में मुहम्मद अली जिन्नाह की मुस्लिम लीग द्वारा प्रस्तुत ‘द्वि राष्ट्’ के

माल-ए-मुफ़्त -दिल-ए-बे रहम

हमारा भारतीय समाज तरह तरह के दानी,समाजसेवी,परमार्थी व परोपकारी सज्जनों से भरा पड़ा है। मंदिरों में स्वर्ण का चढ़ावा चढ़ाने से लेकर ग़रीब कन्याओं के विवाह तक,बड़े से बड़े लंगर

तुम तो डूबे हो सनम,हमको भी ले डूबोगे ?

इन दिनों देश के कई राज्य विशेषकर दो सबसे बड़े राज्य बिहार व उत्तर प्रदेश भारी बारिश व इसके बाद उपजे बाढ़ व ख़तरनाक जलभराव जैसे हालात का सामना कर

असंगठित जनता को लूटते संगठित व्यवसायी ?

लगभग दस बारह वर्ष पूर्व आपने मोबाईल नेटवर्क उपलब्ध करने वाली एयरटेल जैसी कई कम्पनीज़ के ऑफ़र्स में लाइफ़ टाइम ऑफ़र दिए जाने के बारे में ज़रूर सुना होगा। मेरे

नए यातायात नियम:न्याय संगत या जन विरोधी

देश के अधिकांश राज्यों में संशोधित यातायात नियम 2019 लागू कर दिया गया है। इस नए नियम के अंतर्गत जुर्माना राशि बेतहाशा बढ़ाई गई है तथा कई धाराओं में वाहन

“विशिष्ट” लोगों के अवैज्ञानिक कुतर्क

भारतीय वैज्ञानिकों ने अपनी योग्यता के बल पर चन्द्रमा पर पताका फहराने के लिए अपनी कमर कस ली है। देश के शिक्षित व योग्य युवाओं के घोर परिश्रम की बदौलत

देश की बेटियां हैं कश्मीर की बेटियां

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 की वैधानिक स्थिति बदलने तथा राज्य का विभाजन 2 अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में करने के बाद लगभग पूरे जम्मू कश्मीर क्षेत्र में अनिश्चितता

और अब बिहार भी जल संकट की चपेट में

पूरा देश इस समय चुनावी शोरगुल में डूबा हुआ है। राजनैतिक दलों द्वारा जनता के मध्य तरह-तरह के मुद्दे उछाले जा रहे हैं। कहीं भारत-पाकिस्तान के मध्य युद्ध उन्माद को

जवानों-किसानों का भारत या सफेदपोश-भगोड़े-लुटेरों का?

यह देश है वीर जवानों का,अलबेलों का मस्तानों का, फिल्म संगीत से जुड़े गीत के यह बोल हम भारतवासियों को राष्ट्रभक्ति के प्रवाह में दशकों से सराबोर करते आ रहे

चौकीदारो! एक नज़र गौवंश पर भी…

लोकसभा चुनावों का रण प्रारंभ हो चुका है। अनेक राजनैतिक दल मतदाताओं के मध्य तरह-तरह के वादों व आश्वासनों के साथ संपर्क साध रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से इस चुनाव

नोटबंदी:उपलब्धि या महाघोटाला?

8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा करते हुए पांच सौ व एक हज़ार रुपये के नोटों को चलन से बाहर किए जाने की घोषणा की

‘कलंकी माननीयों’ से मुक्ति का शुभ अवसर है चुनाव

भारतीय लोकतंत्र के महापर्व अर्थात् लोकसभा चुनाव 2019 का शंखनाद हो चुका है। चुनाव संपन्न होने तक देश के सीधे-सादे व शरीफ मतदाताओं को बहलाने, बहकाने, फुसलाने तथा वरगलाने का

राम राज या जंगलराज?

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम भारतवर्ष की बहुसंख्य आबादी के आराध्य हैं। देश का एक बड़ा हिस्सा भगवान राम की आराधना करता है व उन्हें अपना भगवान मानता है। ऐसे में

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