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Category: निर्मल रानी

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फांसी पर मानवाधिकार संगठनों के विलाप का औचित्य ?

जब भी हमारे देश भारतवर्ष में अथवा मृत्यु दंड देने वाले किसी भी देश में किसी व्यक्तिअपराधी को मृत्यु दंड दिए जाने की ख़बर सुनाई देती है उसी ख़बर के

क्रूरता से हारती मानवता ?

भारतीय इतिहास वैसे तो शौर्य और करुणा के अनेकानेक इतहासों से पटा पड़ा है। ऐसी सैकड़ों गाथाएं हैं जो हमें यह बताती हैं की किस तरह सत्य की राह पर

वैचारिक प्रतिबद्धता नहीं, रुतबा ज़रूरी

कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गत लगभग एक वर्ष तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ से चले आ रहे मतभेदों व विवादों को बहाना बनाते हुए आख़िरकार कांग्रेस पार्टी

जिनपे तकिया था वही पत्ते हवा देने लगे

राजधानी दिल्ली में पिछले दिनों बड़े पैमाने पर हुई साम्प्रदायिक हिंसा की गूँज पिछले दिनों देश की लोकसभा व राज्य सभा में भी सुनाई दी। विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा

इस घर को आग लग गयी घर के चिराग़ से?

देश की राजधानी दिल्ली आख़िरकार अशांत हो ही गयी। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाक़े हिंसा की भेंट चढ़ गए। इस साम्प्रदायिक हिंसा में अब तक भारत माता के ही 13 सपूत

राजनीति की नई इबारत लिखने की ओर बिहार

महात्मा बुध से लेकर महात्मा गाँधी जैसे महापुरुषों की कर्मस्थली रहा देश का प्राचीन समय का सबसे समृद्ध राज्य बिहार गत 15 वर्षों में हुए अनेक मूलभूत विकास कार्यों के

मिलावटखोरी के इस दौर में खाएं क्या न पिये क्या ?

हमारा देश विशेषकर राजनैतिक,आर्थिक तथा सामाजिक क्षेत्र में इस समय संकट व अनिश्चितता के दौर से गुज़र रहा है इस का उल्लेख अनेक आलोचकों व संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा

अपने नौनिहाल को योग्य बनाइये धर्मोन्मादी नहीं

इन दिनों पूरे देश में एक अजीब क़िस्म का उन्माद छाया हुआ दिखाई दे रहा है। जिन युवाओं पर अपने भविष्य को उज्जवल बनाने का ज़िम्मा है देश के वही

‘मार्ग दर्शकों ‘ की बदजुबानी की इन्तेहा ?

कभी विश्व को मार्ग दर्शन देने जैसा स्वर्णिम अतीत रखने वाले हमारे देश में इन दिनों कथित ‘मार्ग दर्शकों ‘ द्वारा ही देश व भारतीय समाज को विभाजित करने के

चंडीगढ़ को पहचान देता ‘सूफ़ी आस्तान-ए-रामदरबार’

1947 में हुए भारत-पाक विभाजन के पश्चात् पंजाब के पश्चिमी हिस्से के पाकिस्तान में चले जाने तथा पश्चिमी पंजाब से पूर्वी पंजाब अर्थात भारत की तरफ़ आने वाले हिंदू व

देश की दयनीय स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार की प्राथमिकताएं

अभी देश गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में हुई उस त्रासदी को भूला नहीं है जबकि वर्ष 2017 में इसी अस्पताल में इंसेफ़ेलाइटिस की बीमारी की वजह से अगस्त

’75 पार’ के बाद ’65 पार’ का नारा भी हुआ धराशायी

देश के सभी राज्यों में भगवा परचम लहराने की लालसा पाले भारतीय जनता पार्टी को पिछले दिनों उस समय एक और बड़ा झटका लगा जब भाजपा शासित एक और राज्य,

जनाक्रोश के मध्य राजनेताओं के विवादित बोल

भारतीय संसद में पिछले दिनों जब से नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया गया और उसके बाद इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों में पारित करवाकर इसे क़ानून का रूप

संकीर्णता नहीं उदारवाद है भारत की पहचान

नागरिकता संशोधन विधेयक आख़िरकार लोकसभा के बाद राज्य सभा में भी पारित हो गया। इस विधेयक के समर्थन तथा विरोध में संसद के दोनों सदनों में ज़ोरदार बहस हुई। राज्यसभा

सड़क निर्माण:जनहितकारी या जनकष्टकारी ?

यदि हम मैट्रो रेल अथवा विदेशी कंपनियों द्वारा किये जाने वाली बड़ी निर्माण परियोजनाओं को छोड़ दें तो इसके अतिरिक्त पूरे देश में केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा किया जाने

तेज बहादुर यादव का मैदान-ए-सियासत से बेआबरू होना

हमारे देश की सीमाओं के प्रहरी भारतीय सैनिकों व सीमा बल के जवानों द्वारा चौबीसों घंटे विपरीत एवं दुर्गम परिस्थितियों में भी की जाने वाली सीमा की निगरानी की बदौलत

चिंताजनक है ‘पुलिसिया तफ़्तीश’ पर सवाल उठना

देश में पिछले दिनों दो ऐसी घटनाएं घटित हुईं जिन्होंने जनता का पूरा ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। पहली घटना गत 12 अक्टूबर शनिवार को प्रातःकाल उत्तरी दिल्ली का वीआईपी

एकीकृत भारत की प्रबल आवाज़ थे ‘सीमांत गाँधी ‘

भारतवर्ष में आज़ादी के 72 वर्षों बाद आज एक बार फिर भारत के हिन्दू राष्ट्र होने और 1947 में मुहम्मद अली जिन्नाह की मुस्लिम लीग द्वारा प्रस्तुत ‘द्वि राष्ट्’ के

माल-ए-मुफ़्त -दिल-ए-बे रहम

हमारा भारतीय समाज तरह तरह के दानी,समाजसेवी,परमार्थी व परोपकारी सज्जनों से भरा पड़ा है। मंदिरों में स्वर्ण का चढ़ावा चढ़ाने से लेकर ग़रीब कन्याओं के विवाह तक,बड़े से बड़े लंगर

तुम तो डूबे हो सनम,हमको भी ले डूबोगे ?

इन दिनों देश के कई राज्य विशेषकर दो सबसे बड़े राज्य बिहार व उत्तर प्रदेश भारी बारिश व इसके बाद उपजे बाढ़ व ख़तरनाक जलभराव जैसे हालात का सामना कर

असंगठित जनता को लूटते संगठित व्यवसायी ?

लगभग दस बारह वर्ष पूर्व आपने मोबाईल नेटवर्क उपलब्ध करने वाली एयरटेल जैसी कई कम्पनीज़ के ऑफ़र्स में लाइफ़ टाइम ऑफ़र दिए जाने के बारे में ज़रूर सुना होगा। मेरे