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दस सालों से नौकरी की बाट देख रहें है हरियाणा के बीटेक आई.टी.आई. अनुदेशक

राजधानी से सटे हरियाणा राज्य में पिछले छह माह से भर्ती प्रक्रिया बंद ही समझी जाये. हरियाणा सरकार ने कोरोना लॉक डाउन से पहले जो भर्ती विज्ञापन जारी किये थे

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता सन्देश 

निःसंदेह, आत्मा अजर, अमर और अविनाशी है। भगवान श्री कृष्ण ने गीता (2/20) के माध्यम से स्पष्ट यह उद्घोष किया है – यह आत्मा किसी काल में भी न तो

भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक स्वामी विवेकानन्द    

1893 में शिकागो में धर्म सम्मेलन (पार्लियामेंट आफॅ रिलीजन ) में स्वामी विवेकानंद ने अपने ओजस्वी विचारों से अतीत के अधिष्ठान पर वर्तमान और वर्तमान के अधिष्ठान पर भविष्य का

संसदीय व्यवस्था से प्रश्नकाल ’को हटा दिया जाना चौंकाने वाला है

भारत के लोगों ने खुद के लिए एक संविधान बनाया है जो हमारे लोकतंत्र के लिए सरकार को एक संसदीय रूप प्रदान करता है जिसमें कार्यपालिका एक विधायिका के माध्यम

संसदीय व्यस्था से प्रश्नकाल ’को हटा दिया जाना चौंकाने वाला है।

भारत के लोगों ने खुद के लिए एक संविधान बांया है जो हमारे लोकतंत्र के लिए सरकार को एक संसदीय रूप प्रदान करता है जिसमें कार्यपालिका एक विधायिका के माध्यम

कसौटी पर भारत-ईरान संबंध

माॅस्को में शंधाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के बाद वापसी में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का अचानक तेहरान पहुंचना कई निहितार्थों को समेटे हुए है। उनकी यह यात्रा ऐसे समय

महिला उद्यमियों हेतु अवसर

आज जब विविधता पर बहुत  ज्यादा जोर दिया जा रहा है और महिलाओं को अज्ञात बधाओ से निपटकर उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, तो ऐसे में

जीडीपी वृद्धि दर में अल्पकालिक गिरावट, V शेप रिकवरी की शुरुवात

आज देश में आंकड़ों की गंगा बह रही है। जिनको अर्थव्यवस्था का ‘अ’  नहीं पता है वो भी जीडीपी में गिरावट के आंकड़े गिना रहे हैं। जो लोग कल तक

भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती साइबर जंग होगी

देखो आप दोस्त साइबर स्पेस के खतरों की बात अब काल्पनिक नहीं रह गई है। पिछले दिनों ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की पर्सनल वेबसाइट के टि्वटर अकाउंट को

विस्तारवाद से आत्म-विनाश के मार्ग तक चीन

चीन एक ऐसा देश है जो अपनी विस्तारवादी प्रवृति के लिए दुनिया में प्रसिद्ध है। यही विस्तारवादी प्रवृत्ति अब चीन के स्वयं के अस्तित्व के लिए विनाशकारक सिद्ध हो रही

क्या कमजोर नेतृत्व के शिकंजे में है भारत? 

मौजूदा कोविद-19 संकट के इस दौर में जहां सभी मुल्कों की अर्थव्यवस्था धराशाई हो चुकी हैं। वहीं भारत की अर्थव्यवस्था अप्रत्याशित रूप से सिकुड़ गई है। भारत के सकल घरेलू

सरकारी बाबू लोग अब बनेंगे ‘ कर्मयोगी ‘

पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नौकरशाही में व्यापक सुधार के लिए राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम ‘ मिशन कर्मयोगी’ को मंजूरी दे दिया। जिसका उद्देश्य ऐसे लोकसेवक तैयार करना

कैसे होगी गुरुकुल शिक्षण की परम्परा पुनर्जीवित ?

महान् दार्शनिक, विचारक, भारतीय संस्कृति के उपासक, शिक्षाविद् और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस 5 सितम्बर को मनाए जाने वाला ‘शिक्षक दिवस’ का एक और वर्ष

कोरोना काल में  रोजी –  रोटी का संकट  “

आज इस बात पर कोई विवाद नहीं हो सकता है कि देश का एक बड़ा तबका न्यूनतम आवश्यकताओं के लिए जूझता हुआ दिखाई दे रहा है । दोस्तों कोविड 19

रही नहीं चौपाल में, पहले जैसी बात ! नस्लें शहरी हो गई, बदल गई देहात !!

मनुमुक्त ट्रस्ट द्वारा दिवंगत आईपीएस अधिकारी डॉ मनुमुक्त ‘मानव’ की स्मृति में गत शाम एक वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय कवि-सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें भारत, नेपाल, कतर, यूएई, रूस, ब्रिटेन, नार्वे,

”  देखो अरबी माटी में हमारे हिंदी का बयार “

देखो आज जब अपने ही देश में हिंदी और भारतीय भाषाएं अंग्रेजी के वर्चस्व के सामने जूझ रही हो , तब दूसरे देश से हिंदी के समर्थन में खबर आती

पाकिस्तान के अलावा एक और बड़ा विरोधी हिमस्खलन हैं।

कारगिल जिले में, भारतीय सेना के पास पाकिस्तान के अलावा एक और बड़ा विरोधी हिमस्खलन हैं। अप्रैल 1984 के बाद से सियाचिन ग्लेशियर-सॉल्टोरो रिज क्षेत्र में 35 से अधिक अधिकारियों

न्याय में देरी न्याय से वंचित होना है

(आज के दिन सुप्रीम कोर्ट में 60,450 मामले लंबित है। उच्च न्यायालयों में 45,12,800 मामले लंबित हैं, जिनमें से 85% मामले पिछले 1 साल से लंबित हैं। 2,89,96000 से अधिक

हो काल गति से परे चिरंतन अभी यहीं थे अभी यहीं हो

वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम् । देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ॥ यशोदा के नंदलाल और बाल सखाओं के गोपाल योगेश्वर भगवान कृष्ण सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण एक सम्पूर्ण व्यक्तित्व के

आओ मिलकर संकल्प लेते हैं कि अपने भारत को विश्वगुरु बनाएंगे

हमारे भारत को 200 वर्षों तक अंग्रेजों की गुलामी से 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। हम लोग इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की 74 वीं वर्षगांठ

जल निकायों और संसाधनों का कायाकल्प समय रहते बेहद जरूरी है

सरकार की राष्ट्रीय संरचना नीति के तहत राष्ट्रीय जल ब्यूरो दक्षता क्षमता स्थापित करने एवं एक आधुनिक जल नीति की योजना बना रहा है। राज्यों के बीच आम सहमति का

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