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Category: रमेश ठाकुर

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ट्रंप का महाभियोग और भारत की भूमिका

अमेरिकी राजनीति में दो बार महाभियोग प्रस्ताव लाए गए, दोनों में सत्तापक्ष की हार हुई और विपक्ष अपने मकसद में कामयाब हुआ। अब, तीसरा महाभियोग मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर

सिस्टम की लापरवाही ने लील ली कई दर्जन जिंदगियां

-शाॅर्ट सर्किट से हुआ हादसा -बिल्डिंग और कारखाना दोनों थे अवैध रमेश ठाकुर, नई दिल्ली दिल्ली के अनाजमंडी में रविवार को तड़के घटी दर्दनाक अग्निकांड की घटना ने दिल्ली के

सियासी लोभ के समक्ष कराहता लोकतंत्र

रमेश ठाकुर आधी रात के वक़्त महाराष्ट्र में लोकतंत्र की किस तरह फजीहत हुई, पूरे देश ने देखा। शिवसेना की सरकार न बने इसके लिए सभी गैरकानूनी तरीको को अपनाया

सत्र में फुल कॉन्फिडेंस में दिखेगी सरकार

संसदीय सत्रों के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब कोई सरकार सदन में पूरी तरह से काॅन्फिडेंट होगी। अक्सर देखा गया है जब सत्र शुरू होता है तो सिटिंग

सियासी मुद्दों का पड़ेगा अकाल

इतिश्री अयोध्या कांड, सर्वधर्म सम्भाव! भारतीय सियासत से एक बड़ा मुद्दा गायब हो गया है। देश के सबसे जहरीले मसले को सुलझाने में जब हमारी समूची सियासी व्यवस्था विफल हुई,

समाज में हिंदी के लिए चेतना जगानी होगी

हिंदी के पिछड़ने के कई कारण हैं। बिंदुवार करके बात करें तो बहस बहुत लंबी हो जाएगी। लेकिन एकाध मुख्य कारकों पर फोकस कर सकते हैं। दरअसल, कठिन परिस्थितियों और

पर्यटकों अपनी ओर खींचती हैं अक्षरधाम की कलाकृतियां

विजय न्यूज ब्यूरो रमेश ठाकुर, नई दिल्ली। दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर अपने स्थापना के बाद से ही राजधानी पहुंचने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए पहला दर्शनार्थ स्थान बना हुआ

‘मध्यस्थता‘ के सांकेतिक परिणाम

हिंदुस्तान के सबसे बड़े आंतरिक विवाद ‘मंदिर निर्माण‘ पर अगर मध्यस्थता से कोई हल निकलता है तो मील का पत्थर कहा जाएगा। क्योंकि समूचा हिंदुस्तान उम्मीद लगाए बैठा है कि

रेल फाटकों पर मौत बंटती है, चाहिए?

रेल फाटकों पर दशकों से मौत बांटी जा रही है। मौत के रूप में खड़े हजारों मानवरहित रेलवे फाटक बिना कीमत लगाए लोगों की जाने ले लेते हैं। इन फाटकों

बातचीत : विदाई के करीब है केद्र की गूंगी-बहरी सरकार

12 से 19 फरवरी के बीच किसान नेता पूरे देश में विभिन्न जगहों पर विरोध स्वरूप बजट की प्रतियां जलाकर अपनी नाराजगी सरकार के प्रति दर्ज कराएंगे। अखिल भारतीय किसान

बे-पटरी रेल को पटरी पर लाने की चुनौती बरकरार

बजट के जरिए सरकार ने बेपटरी हुई रेल व्यवस्था को पटरी लाने की कोशिश की है। उदय होते नवभारत के सपने को साकार करने के लिये सरकार ने भारतीय रेलवे

दर्शकों को जोड़ने की चुनौती

बेंगलुरु में क्रिकेट खिलाड़ियों के बिकने के लिए लगाया गया दो दिनी नीलामी मेला खत्म हो गया। जिन खिलाड़ियों के ज्यादा मोल लगने थे उनको खरीददारों ने नकारा। लेकिन जिन्हें

हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता से कासगंज मुद्दे पर विशेष बातचीत

जाती प्रथा के नाम पर एक और दंगा अभी कासगंज मे हुआ है। कासगंज मे जो हुआ देश उससे चिंतित है लेकिन इसे जो बुनियादी मुददा है समस्या को हल

साक्षात्कारः 20 एमएलए अयोग्य होने के बाद हिली दिल्ली सरकार की जमीन

आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता खतरे में पड़ने के बाद दिल्ली की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी पार्टियों ने सीएम अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मांगना

मुस्लिम आधी आबादी को मिलेगी नहीं उड़ान

हज सब्सिडी के नाम आवंटन धनराशि जब हवाई यात्रा पर नहीं बल्कि मुस्लिम आधी आबादी के विकास के हिस्से जाएगी, तो निश्चित रूप से उनके पंखों को नई उड़ान मिलगी।

रजनीकांत के सियासी ऐलान से मचा भूचाल

कयास तो सालों से लगाए जा रहे थे कि दक्षिण का थलाइवर यानि राजा कब सियासत में आकर लुंगी डांस करेगा। कयासों पर विराम लगाते हुए साल की अंतिम तिथि

सरकार के गिरने का खतरा!

अभी नहीं तो अगले पांच सालों में गुजरात के भीतर बड़ा सियासी भूचाल मचेगा, इस बात के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। अंदेशा इस बात का भी लगाया जाने

कानूनी जद में तीन तलाक

आज से करीब चार माह पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने एतिहासिक निर्णय में तीन तलाक को अमान्य व असंवैधानिक करार देकर, इस मसले को कानूनी जद में लाने का रास्ता

एक्सक्लूसिव इंटरव्यू : हो सकता है नीतिशा को पीछे से धक्का दिया हो : स्मृति चैहान

ऑस्ट्रेलियाई समुंद्री लहरों ने एक उभरती हुई फुटबाॅल खिलाड़ी को निगल लिया। ऑस्ट्रेलिया के शहर एडिलेड में गत दिनों संपन्न हुए 10वें पेसिफिक स्कूल गेम्स में भाग लेने गई भारत

दफन न हो नीतिशा की मौत का सच

समुन्दर की लहरों ने एक होनहार भारतीय महिला खिलाड़ी को अपने आगोश में समा लिया। इसके साथ ही एक उभरती महिला फुटबाॅल स्ट्राइकर खिलाड़ी का करियर शुरू होने से पहले

एग्जिट पोल्स की साख

एग्जिट पोलों की विश्वसनीयता एक बार फिर दांव पर लगी है। अगर इस बार भी बेअसर साबित हुए तो इनसे लोगों का विश्वास खत्म हो जाएगा। दरअसल पूर्व के कई

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