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Category: तनवीर जाफ़री

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कोरोना: वैज्ञानिक पद्धतियों से मुक़ाबला करें,पाखंड,धर्मान्धता व अन्धविश्वास से नहीं

 पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस तथा इसके बदलते हुए स्वरूप का मुक़ाबला करने में वैज्ञानिक स्तर पर जुटा हुआ है। आए दिन नए नए वैज्ञानिक शोध किये जा रहे

देश ने सुन ली ‘मन की बात’ अब सुननी होगी ‘जन की बात ‘

कोरोना महामारी का क़हर इस समय वैसे तो लगभग पूरे उत्तर भारत में बरपा है परन्तु ख़ास तौर पर दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र इस समय सबसे अधिक प्रभावित है। एन

कोरोना काल -सोशल मीडिया पर छाए अनेक अनुत्तरित प्रश्न

दुनिया के कई देश हालांकि कोरोना की दूसरी व तीसरी लहर की चपेट में हैं परन्तु भारत में जिस तरह कोरोना की दूसरी लहर ने राष्ट्रीय आपदा का विकराल रूप

कोरोना नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के प्रेरणास्रोत

अन्य देशों की तरह भारत भी कोरोना की दूसरी और ख़तरनाक लहर का सामना कर रहा है। आए दिन कोरोना के मरीज़ों की संख्या में भी तेज़ी से वृद्धि होती

क्या यही ज्ञान भारत को विश्व गुरु बनाएगा ?

दुनिया के किसी अन्य देश में तो नहीं परन्तु भारत में इस बात का दावा ज़रूर किया जाता रहा है कि भारतवर्ष किसी ज़माने में ‘विश्व गुरु’ हुआ करता था।

झूठ के सहारे लोकप्रियता ‘ठगने ‘ का यह नया चलन

अपने बिहार प्रवास के दौरान पिछले दिनों मुझे नालंदा व राजगीर जैसे पर्यटक स्थलों पर दूसरी बार जाने का अवसर मिला। परन्तु इस बार मेरा सपरिवार आने का मक़सद नालंदा

अपने नहीं दूसरे देश के अल्पसंख्यकों के ये कथित ‘हित चिंतक’ ?

विश्व का शायद कोई भी देश ऐसा नहीं जहाँ केवल एक  ही धर्म अथवा विश्वास के मानने वाले लोग रहते हों। जिस देश में किसी एक धर्म व  विश्वास के

नेहरू-गांधी परिवार के बिना कांग्रेस का भविष्य?

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाली कांग्रेस पार्टी इन दिनों निश्चित रूप से संकट के दौर से गुज़र रही है। पार्टी को इस समय जहां भारतीय जनता पार्टी

वह क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता ?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले दिनों तिरुअनंतपुरम में एक सभा में यह कह दिया कि – ‘पहले के 15 साल मैं उत्तर भारत से सांसद था। मुझे वहां दूसरे

जाहे विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

पिछले दिनों किसान आंदोलन के बीच पंजाब में स्थानीय निकायों के चुनाव संपन्न हुए। इसमें कांग्रेस पार्टी की अकाल्पनिक विजय इतनी महत्वपूर्ण नहीं थी जितनी कि भारतीय जनता पार्टी की

डॉक्टर कल्बे सादिक़ को पदम् भूषण से नवाज़े जाने के निहितार्थ ?

  भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के सर्वोच्च समझे जाने वाले पद्म पुरस्कारों की घोषणा की जाती है। आम तौर पर  ऐसी हस्तियों को इन

‘पूछता है भारत’: क्या देश को चाहिए ऐसी ही पत्रकारिता ?

   ‘बदनाम अगर होंगे तो क्या नाम न होगा’ , हमारे देश में तमाम चतुर,चालाक,स्वार्थी व निठल्ले क़िस्म के लोगों ने शोहरत पाने का यही शॉर्ट कट रास्ता अपनाया हुआ है।

अपने ही देश को तबाह व कलंकित करने वाले शासक

 पूरी दुनिया अमेरिका को विश्व के सबसे शक्तिशाली,सामर्थ्यवान व सभ्य देश के रूप में जानती है। यहां की लोकत्रांतिक व्यवस्था तथा अमेरिकी विदेश नीतियों पर भी दुनिया की नज़र रहती

कृषक परेशान फिर भी भारत कृषि प्रधान ?

भारतवर्ष को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। इस कथन से प्रत्येक भारतवासी भली भांति परिचित है। परन्तु इन दिनों देश के किसानों पर क्या गुज़र रही है जिनके ख़ून

किसान आंदोलन : तेग़-देग़ -फ़तेह

   केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि अध्यादेश के विरुद्ध किसानों द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन धीरे धीरे और भी तेज़ व चुनौती पूर्ण होता जा रहा है। 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों

अपने हित-अहित से किसान बेख़बर और सरकार बाख़बर ?

किसान आंदोलन दिन प्रतिदिन और अधिक तेज़ होता जा रहा है। राजधानी दिल्ली के चारों ओर किसानों का जमावड़ा व उनका दायरा रोज़ बढ़ता ही जा रहा है। किसान संगठनों

अर्जित नहीं ‘प्रबंधित लोकप्रियता’ के षड़यंत्र

भारत वर्ष में ऐसी अनेक हस्तियां गुज़री हैं जिन्होंने न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ज़बरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। यह लोकप्रियता उन्होंने अपने जीवन दर्शन,कारगुज़ारियों अपने साहस व

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हो,ज़हर उगलने की नहीं

समय समय पर देश और दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर छिड़ने वाली बहस के क्रम में भारत की विभिन्न घटनाएँ एक बार फिर सुर्ख़ियों बटोर रही हैं। इन

‘असीम’ पर ‘संकीर्णता’ के नियंत्रण का प्रयास ?

पूरे विश्व के श्री राम भक्तों,राम प्रेमियों, भगवान राम के मानने व न मानने वालों,आस्तिकों व नास्तिकों सभी धर्मों व जातियों तथा संसार के समस्त देशों के समस्त देशवासियों तथा

विकास शूट आऊट: एक सवाल पुलिस चौकसी पर भी

भारत चीन विवाद तथा गलवान घाटी में हुई बीस भारतीय सैनिकों की शहादत जैसे टी आर पी आधारित समाचारों को पिछले दिनों पीछे धकेलते हुए उत्तर प्रदेश के कानपुर के

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