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Category: तनवीर जाफ़री

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आंदोलन कुचलने के ये नए “लांछन शस्त्र “

स्वतंत्र भारत अब तक के सबसे दीर्घकालीन व राष्ट्र व्यापी आंदोलन का सामना कर रहा है। 1975 के दौरान भी एक बार देश ने ऐसे ही जान आंदोलन का रूप

न्यायप्रिय व धर्मनिरपेक्ष शासक थे ‘छत्रपति शिवाजी’

मराठा शासक छत्रपति शिवाजी का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ‘छत्रपति शिवाजी’ के नाम से जुड़ा ताज़ा विवाद छिड़ा है एक ऐसी पुस्तक को लेकर जिसका

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा हर देश की सत्ता का नैतिक कर्तव्य

विश्व का शायद ही कोई देश ऐसा हो जहाँ एक ही धर्म तथा एक ही धार्मिक विश्वास व मान्यताओं के लोग रहते हों। पूरे विश्व के लगभग सभी देशों में

‘असहमति’,लोकतंत्र का आभूषण या राष्ट्रविरोध की पहचान ?

भारत के इतिहास में 1975-77 के मध्य के आपातकाल के दौर को देश के ‘काले इतिहास’ के रूप में जाना जाता है। हालांकि इस विषय में अनेक विचारकों के मत

‘किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है’ ?

केंद्र सरकार द्वारा पिछले दिनों बनाए गए नागरिकता संशोधन क़ानून तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर प्रक्रिया के विरुद्ध इस समय पूरे देश में उबाल सा आया

मुफ़्त की ‘लोक लुभावन रेवड़ियां’ बांटने से ज़रूरी है ‘मुफ़्त शिक्षा’

देश का प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान, दिल्ली का जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली की सड़कों पर आए दिन जे एन यू के छात्रों

अयोध्या निर्णय:सवाल सर्वोच्च न्यायलय की साख का

भारत के इतिहास में 9 नवंबर की तारीख़ अयोध्या के विवादित मंदिर-मस्जिद मुद्दे के न्यायिक समाधान किये जाने की सर्वोच्च न्यायलय द्वारा की गई निर्णय रुपी कोशिश के लिए हमेशा

हर साँस पर मौत की इबारत लिखता ‘जानलेवा प्रदूषण’

 देश के राजनैतिक गलियारों में अक्सर कभी नागरिकों के लिए मुफ़्त शिक्षा का अधिकार,कभी मुफ़्त भोजन का अधिकार,कभी काम करने के अधिकार,कभी स्वास्थ्य सेवा मुफ़्त हासिल करने का अधिकार तो

न कांग्रेस मुक्त भारत न पचहत्तर पार, टूटा अहंकार

महाराष्ट्र तथा हरियाणा राज्यों में हुए विधानसभा के आम चुनावों के परिणाम आ चुके हैं। देश के एक समाचार पत्र ने इन परिणामों के संबंध में अत्यंत उपयुक्त शीर्षक लगाते

भारत रत्न की महत्ता पर लगता ग्रहन ?

भारतवर्ष में सरकारी अथवा ग़ैर सरकारी स्तर पर दिए जाने वाले नागरिक सम्मानों में ‘भारत रत्न’ सम्मान का नाम  सर्वोच्च है। अब तक जिनराष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय अति  विशिष्ट हस्तियों को

‘धर्म’: महापुरुषों से समझें शासकों से नहीं

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों अपनी एक सप्ताह की अमेरिका यात्रा पूरी की। वे इस अवसर पर दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी मिले और विश्व

निर्भीक पत्रकारिता का सर्वोच्च स्वर: बी बी सी

इस समय विश्व का अधिकांश भाग हिंसा,संकट,सत्ता संघर्ष,साम्प्रदायिक व जातीय हिंसा तथा तानाशाही आदि के जाल में बुरी तरह उलझा हुआ है। परिणाम स्वरूप अनेक देशों में आम लोगों के

‘मुहर्रम पर विशेष’ : क़यामत तक प्रासंगिक रहेगी,दास्तान-ए-करबला

तनवीर जाफ़री पूरे विश्व में प्रत्येक वर्ष की भांति इन दिनों भी मुहर्रम माह में हज़रत इमाम हुसैन की शहादत और दास्तान-ए-करबला को याद किया जा रहा है। वास्तव में

सच को सच कह दोगे अगर तो फांसी पर चढ़ जाओगे

भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खाता जा रहा है। भारत का कोई भी नागरिक ऐसा नहीं जो देश में फैली भ्रष्ट व्यवस्था से दुखी न हो। पूरे विश्व में

आरक्षण ख़त्म करने ने से पहले नफ़रत के संस्कारों का ख़ात्मा ज़रूरी

धर्म व शास्त्र प्रदत्त वर्ण व्यवस्था तमाम सरकारी व ग़ैर सरकारी कोशिशों के बावजूद देश से समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रही है। बल्कि ऐसा महसूस होता है

मतदान देश के लिए करें धर्म के लिए नहीं

लोकसभा चुनावी महासमर के मध्य देश के तथाकथित ‘राजनेताओं’ के बोल बार-बार उनकी नीयत तथा इरादों को स्पष्ट करते जा रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि 2019 का लोकसभा

पद संवैधानिक और विचार देशद्रोही ?

साधू वेशधारी तथा उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर आसीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर अपने बेतुके बोल तथा बदज़ुबानी के लिए चर्चा में हैं। परंतु इस

‘पहले तोलो फिर बोलो’

भारतवर्ष साहित्य के क्षेत्र में एक समृद्ध देश माना जाता है। हमारे देश ने विभिन्न भाषाओं के अनेक अंतर्राष्ट्रीय याति प्राप्त लेखक व साहित्यकार दिए हैं। प्रत्येक भाषा व साहित्य

मानवता के लिए ख़तरा है वैश्विक अतिवाद

न्यूज़ीलैंड के क्राईस्टचर्च शहर में स्थित अलनूर मस्जिद में नमाज़ पढऩे वालों पर हुए हमले में 49 लोगों के मारे जाने के बाद न्यूज़ीलैंड जैसा शांतिप्रिय देश भी आतंक प्रभावित

है इबादत से दुश्मनी जिनको…

हमारे देश में इस विषय पर कई दशकों से लंबी बहस चली आ रही है कि चूंकि धर्म किसी भी व्यक्ति का अत्यंत निजी मामला है लिहाज़ा इससे संबंधित किसी

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