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Category: विवेकानंद वी ‘विमर्या’

Total 5 Posts

मीडिया, सरकार और सच्चाई के बीच पिसती आम जनता

मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है तथा स्पष्टता, वास्तविकता और सच्चाई को हम मीडिया का प्रतीक मान सकते हैं जबकि सरकार को वह स्तंभ कहा जाता जा

आखिर विवादित विषयों पर फिल्म बनाने की जरुरत ही क्या ?

हमारे देश में फिल्में मनोरंजन का एक बहुत बड़ा जरिया है। फिल्मों को सामाज का आईना भी कहा जाता हैं, क्योंकि वह सामाज में हो रही घटनाओं को प्रदर्शित करके

हिन्दू संस्कृति, दीपावली और पटाखे

सुप्रिम कोर्ट द्वारा सुनाए गए दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक के फ़ैसले से जिस प्रकार देश में कोहराम मचा है, वह निश्चित तौर पर सोचने योग्य है। हैरानी

क्योंकि मर रही हैं गाँव की संस्कृति।

गांधी जी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है, लेकिन आज इस बदलाव के दौर में यह परिभाषा बदलती जा रही है। गांव के लोग

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