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Category: साहित्य

Total 960 Posts

चनप्रीत सिंह की 21 कविताओं का संग्रह ‘एक अकेला पेड़’ का विमोचन मुंबई में हुआ

मुंबई। अभिनेता, कवि और लेखक चनप्रीत सिंह की 21 कविताओं का संग्रह ‘एक अकेला पेड़’ का विमोचन शुक्रवार 18 जून 2021 को यारी रोड, अँधेरी (वेस्ट),मुंबई में किया गया। इस

महाराणा महान

मेवाड़ी माटी की शान, शूरवीरता है पहचान । हिंदवा सूरज जिसका नाम, वह है महाराणा महान ।। कुंभलगढ़ में जन्म लिया, माँ जयवंता की कोख से । उदयसिंह का गौरव

हिंदी हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारो की सच्ची संवाहक: डॉ शम्भू पंवार

नई दिल्ली। भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों,संस्कृति एवं संस्कारो की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। इस आशय

पत्रकारिता में सराहनीय कार्य हेतु लाल बिहारी लाल सम्मानित

नई दिल्ली। पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए हिंदी और भोजपुरी के जाने-माने लेखक, ,समाजसेवी और पत्रकार लाल बिहारी लाल को सम्मानित किया है। यह सम्मान देहली उद्योग

कहीं गायब हो रही खुश्बू ए चमन

कहीं गायब हो रही खुश्बू ए चमन, क्यूं वो बहारों के साथ महकते नहीं । दफ्न हो रही है तमन्नाये मोहब्बत, क्यू फूलों की शोहबत में रहते नहीं। मर जायेगा

जैसलमेर के कवि ‘मुकेश बिस्सा’ सम्मानित

नई दिल्ली। पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन साहित्यिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया,जिसका विषय ‘मित्रता’ रखा गया।इस प्रतियोगिता में देशभर के रचनाकारों ने भाग लिया ।

डॉ ज्योति कपूर की तीन कविताएं

1. एक और बारिश………. लो फिर शुरु हुआ दिल टूटने का सिलसिला आसमाँ रोने लगा शायद जलता हुआ जिगर कुछ ठंडा हो ले कुछ देर तेरी याद से फ़ारिक हो

होश नहीं, सिर किधर है पांव किधर है|

होश नहीं, सिर किधर,पांव किधर है अपनों के दर्द का ऐसा असर है|   दिल चाहे या ना, तुम्हें जाना ही पड़ेगा, ठहरी दहलीज पर, उम्मीदें सफर है|   राहे

चंदन भी अकुला गया, देख जड़ों में नाग !!

आँखों का पानी मरा, भरा मनों में पाप ! प्रेम भाव गायब हुए, अपनापा अभिशाप !! ★★★★ दरपन रूठे से लगे, सूने हैं घर द्वार ! तकरारें दीवार से, आँगन

आंखों ही आंखों में मुस्कुरा देना तुम।

हर एहसास दिल में न दबा देना तुम, होठों से जरा तिरछा मुस्कुरा देना तुमl ये तो दिल की लगी है, न घबराना, आंखों ही आंखों में मुस्कुरा देना तुम।

इति यक्ष गर्दभराज प्रश्नोत्तराया

यक्ष ने युधिष्ठिर को प्रश्न पूछे थे, उस सरोवर को एक बैंक डकैत ने लूट लिया था। यह डकैत कई बैंकों को मंत्रियों की फोटुएं दिखाता और रिसोर्ट में लेटे-लेटे

नफरतों से हमारी रगो में उबाल क्यों नहीं

नफरतों से हमारी रगो में उबाल क्यों नहीं, बढ़ती हरकतों पर हमारे बीच सवाल क्यों नहीं।। इन कौमी हमले पर जरा सोचिये जनाब, शर्मनाक हिंसा पर दुनिया में बवाल क्यों

डॉक्टर हवाचंद फेंफड़े वाला!

ऐय्य! फेंफड़े ले लो! किडनी ले लो! ऐय्य! आंखें ले लो! पुराने फेंफड़े बदलवालो! ऐय्य! किडनी बदलवालो! ऐय्य! भैनजी! नए होंठ लगवा लो! होंठ-फेंफड़े बदलने वाला तुम्हारी गली में आया

प्रकृति का अनमोल उपहार

बेटी अनन्या अरी ओ अनन्या आजकल तुम्हारी अम्मा दिखाई नहीं दे रही।कहीं गई है क्या ?जो तुम पढ़ाई करने की जगह झाड़ू लगा रही हो।निर्मला चाची की बातें सुनते ही

और डाकू बन गया गार्ड

‘कोई भी लूट लो’ (केबीएलएल) बैंक मैनेजर गरीबदास ने बहुत मिन्नतें करी। फिर भी डाकू सत्येंद्रसिंह ने बैंक लूटने से साफ मना कर दिया। साफ कहा कि आज हम बंदूके

शारदे काव्य संगम में हुआ भव्य कवि सम्मेलन

मध्यप्रदेश. विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में रविवार 6 जून 21 को शारदे काव्य संगम सतना के पटल पर जूम एप पर एक भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें

जब भी कयामत होती है

यूँ जब भी कयामत होती है, मुझ पर ही कयामत होती है। जख्म खुले मत रखना,मेरे दोस्त यहां नमक की बरसात होती है। कायरता, नपुंशकता नही तो क्या, नोच कर

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