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Category: आलेख

Total 33 Posts

क्रांतिकारी संत – स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद – एक ऐसा नाम, एक ऐसा व्यक्तित्व कि जिस पर सदैव सनातन धर्म और मां भारती को गर्व रहेगा । जी हां । पूरे ब्रह्मांड में स्वामी जी

‘कितने पाकिस्तान’ क़ब्रिस्तान और श्मशानों के बीच जीवन का संघर्ष है: कमलेश्वर

6 जनवरी जयंती विशेष प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार कमलेश्वर की आज जयंती है। वे अपनी लेखनी में एक ऐसी लोक अदालत का निर्माण करते हैं जिसमें हर उस मृत व्यक्ति पर

रोचक रहा है सामाजिक चिंतक महेश आजाद का सफर

विशेष सन्दर्भ आलेख– जन्मदिन पर विशेष हमारे दैनिक जीवन में अक्सर ऐसे लोगों से वास्ता पड़ता है जो बोलते कुछ हैं और उनका आचरण कुछ और होता है। लेकिन कुछ

प्रकृति के सुकुमार कविः सुमित्रानंदन पंत

28 दिसंबर : प्रथम हिंदी ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता सुमित्रानंदन पंत की पुण्यतिथि आज का दुख, कल का आह्लाद, और कल का सुख, आज विषाद; समस्या स्वप्न गूढ़ संसार, पूर्ति जिसकी

प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार पद्मभूषण यशपाल की पुण्यतिथि

26 दिसंबर – प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार पद्मभूषण यशपाल की पुण्यतिथि लोग मरते हैं, कलम नहीं मरा करती” – यशपाल यशपाल (जन्मः 3 दिसंबर 1903 – फिरोजपुर, पंजाब तथा मृत्युः 26

जारी है लड़ाई : वैचारिक स्खलन को तोड़ती कवितायेँ

इधर हिन्दी कविता में जिस ‘वैचारिक स्खलन’ की चर्चा हो रही है, क्या वास्तव में यह कालखण्ड ‘वैचारिक स्खलन’ का है, या फिर कोई मूल्य निर्मित हो रहा है जिसका

भारत रत्न के सच्चे हकदार हैं चौधरी चरण सिंह

23 दिसम्बर पर विशेष : भारत रत्न के सच्चे हकदार हैं चौधरी चरण सिंह देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की गिनती हमेशा एक ईमानदार राजनेता के तौर पर

गीता और गांधी से पुलिस के सामाजिक समेकन की कोशिश

मप्र में एक आईपीएस अफसर अपने सामाजिक सरोकारों के जरिये लिख रहे है सोशल पुलीसिंग की नई कहानी नाम : राजाबाबू सिंह पद : अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पदस्थापना : ग्वालियर

मिशनरी विद्वानों के परकोटे में कैद अंबेडकर का राष्ट्रीय दर्शन

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर पुण्यतिथि 6 दिसम्बर पर विशेष क्या डॉ. बी.आर. अंबेडकर सिर्फ दलित नेता थे ? और थोड़ा सुने तो भारत के संविधान के निर्माता। सरकारी इश्तहारों और

भोपाल गैस पीड़ितों के आवाज अब्दुल जब्बार

भोपाल गैस पीड़ितों के आवाज अब्दुल जब्बार (1 जून 1957–14 नवम्बर 2019) वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल जब्बार भाई का बीते 14 नवंबर को निधन हो गया. वे भोपाल गैस पीड़ितों

बाल दिवस पर विशेष : बचपन पर गहराते संकट के बादल

ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का

कैसे मिले देश को शेषन जैसे कर्तव्यनिष्ठ अफ़सर?

अगर टी एन शेषन भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त न बनते तो देश में चुनावों के नाम पर धोखाघडी और धांधली का आलम जारी रहता। उन्होंने 90 के दशक में

बच्चों के प्रिय चाचा पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती

पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 इलाहाबाद के एक धनाढ्य परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू और माता का नाम स्वरूपरानी था। पिता पेशे

एकता के सूत्रधार थे सरदार पटेल

31 अक्टूबर जयन्ती पर विशेष भारत के राजनीतिक इतिहास में सरदार पटेल के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। देश की आजादी के संघर्ष में उन्होने जितना योगदान दिया

वारिसों की नाफरमानी के बाद भी जेपी की वैचारिकी खारिज नही हुई है

11 अक्टूबर जेपी जयंती सम्पूर्ण क्रांति का विचार जेपी के वारिसों का स्खलन है देश ने अपनी  आजादी के स्वर्णिम आंदोलन के  बाद जिस महान नेता को लोकनायक के रूप

अग्रसेन जयंती पर विशेष : विश्व शांति के लिए महाराजा अग्रसेन की शिक्षा सर्वोत्त्म है

आज विश्व में जब अराजकता आतंकवाद, हिंशा का भयानक दौर चल रहा है, मानव अपने उद्देश्य से भटक कर तृष्णा के चक्रव्यूह में फंस कर अत्यधिक दुःखी है ऐसे समय

युग पुरुष थे महाराजा अग्रसेन

29 सितम्बर जयन्ती पर विशेष  : युग पुरुष थे महाराजा अग्रसेन महाराजा अग्रसेन एक सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा थे। जिन्होंने प्रजा की भलाई के लिए वणिक धर्म अपना लिया था। महाराज अग्रसेन

आखिरकार कब मिलेगा भगत सिंह को सरकारी रिकॉर्ड में शहीद का दर्जा?

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 112वीं जयंती पर विशेष: आखिरकार कब मिलेगा भगत सिंह को सरकारी रिकॉर्ड में शहीद का दर्जा? ‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर

साइक्लोनिक हिंदू : विवेकानंद

शिकांगों स्पीच की वर्षगांठ पर वैश्विक जगत में शायद ही कोई ऐसा शख्स हो, जिसने स्वामी विवेकानंद का नाम न सुना हो। देश के सबसे सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरुओं में शामिल

डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन : राजनीति में दार्शनिकता के शिखर व्यक्तित्व

महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोकहितकारी चिन्तन, जीवन मूल्यों को लोकजीवन में संचारित करने की दृष्टि एवं गिरते सांस्कृतिक मूल्यों की प्रतिष्ठा का संकल्प

महर्षि अध्यात्म विश्‍वविद्यालय’की ओर से स्पेन के अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में शोधनिबंध की प्रस्तुति

हिन्दुओ के धार्मिक चिह्न ‘स्वस्तिक’ से सकारात्मक, तो नाजियों के ‘स्वस्तिक’ चिह्न से नकारात्मक तरंगों का प्रक्षेपण होता है ! – शोधकार्य का निष्कर्ष स्पेन – आज अनेक जालस्थानों के

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