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Category: काव्य-संसार

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कविता : “दूरी बहुत जरूरी है “

“दूरी बहुत जरूरी है “ इंसानों को इंसानों से जो दूर करें ये कैसी मजबूरी है। जिन्दा रहने के खातिर पर दूरी बहुत जरूरी है। सब तामझाम संधान लिए,जाने कैसी

कविता : रामनवमी विशेष – हे मेरे भगवान राम

हे मेरे भगवान राम सदियों से जग सारा करे आपका बखान आपकी मर्यादा का प्रण लेता है जहान दुनिया में है जो भी वो आपसे ही तो है हे मेरे

कविता : जहां घर-घर में…..

जहां घर-घर में….. आए नवरात्रे तेरे शेरावालिये, आए नवरात्रे तेरे महाकालिये। जहां घर-घर में तेरी ज्योति प्रकाश करती हैं , वहां आज कोरोना की महामारी हाहाकार मची है। जहां मंदिरों

कविता : मां के महिमा की गाथा

मां के महिमा की गाथा रुप सलोना माता का है महिमा अपरम्पार मां के महिमा की गाथा गाता पूरा संसार दुर्गा अम्बे और भवानी माता के ही नाम एक नाम

कविता : हाय री बुहान

हाय री बुहान अरी बुहान बता जरा, तेरे कर्णधारों को क्या, तनिक भी नहीं ज्ञान। जो तेरे गर्भ में कोरोना, का बीज दिया डाल। क्यों अपने कोख से, तुमने दुनिया

कविता : कोरोना का कहर

कोरोना का कहर कोरोना के कहर से कांप उठा संसार। अब भी संभल जाओ दुनिया के लोगो, वर्ना चारो और मच जाएगा हाहाकार।। देशभक्ति की बाते करते – करते जो

कविता : सपने हमें जागते है

सपने हमें जागते है नींद में वो सोने नहीं देते हमारे सपने भी हमें जगाते हैं। हमारे खुशी पे तोहमत लगाते हैं अंधेरे में भी जुगनू मुस्कुराते हैं। बहुत कम

कविता : उनका बतियाना….रात… भर…

उनका बतियाना….रात… भर… सुना है तुम सबने कभी चांद सितारों को बतियाते? गौर से सुनना.. बात करते हैं वो बात करते हैं वो… किरणों की, चहूं ओर फैलकर उदासियों को

कविता : गरीब और देश बंदी का संकट

गरीब और देश बंदी का संकट जिन लोगों ने शहरों का, अपने खून पसीने, और कड़ी मेहनत से, एक-एक कोना सजाया। उन्हीं सृजनहारों पर जब, घिरा संकट देश बंदी का,

कविता : करें प्यार जीवों से

करें प्यार जीवों से आ गयी है मानव जीवन में त्रासदी। कोरोना ने भयकंर तबाही मचा दी।। चीनियों ने खूब खाया निरीह जानवरों को। जलचर, थलचर और सभी नभचरों को।