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Category: कथा-सागर

Total 39 Posts

मुर्दे का टोकन 

“अरे सर, यह तो मर गया।” “कैसे?’ ‘हार्ट प्रोब्लम थी।’ ‘ठीक है,कोरोना की फाइल में नाम डाल दो इसका।’ ‘यह तो गलत है सर!’ ‘अरे! यार तुम नहीं समझोगे। लाखों

रोटी (लघुकथा)

जुगनू की तरह टिमटिमा रहे दीपक की रोशनी में खाट पर खाना खाते रामू ने रोटी सेंक रही अपनी अम्मा से पूछा-अम्मा मेरा जन्म कब हुआ था। इतना सुनना था,

सिस्टम की सासें

वह अपने पति के गले से लग कर बड़े प्यार से बोली-हर सांस तुम्हारी है प्रियतम, उसका पति भी आत्मीयता से बोला-मेरी भी हर सांस तुम्हारी प्रिये! सुहागरात की, प्रथम

लघुकथा: उम्मीदों की छूटी रेल

सरसराती मेरी उम्मीदों की, आशाओं की रेल बेतहाशा भागी जा रही थी और उससे भी तेज मेरी हसरतों के अनगिन पक्षी ऊंचे गगन में परवाज भरते जा रहे थे। निश्चित

लघुकथा “गागर में सागर”भर देने वाली लोकप्रिय विधा : डॉ. शम्भू पंवार

नई दिल्ली। लघुकथा “गागर में सागर “भर देने वाली लोकप्रिय विधा है। लघुकथा कम शब्दों मे पाठक के ह्रदय को स्पर्श करती है।इस आशय का प्रतिपादन अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ

छिः! छिः! 

  गुब्बारे वाला निकला। बच्चा अपनी माँ से बोला गुब्बारा… गुब्बारा! गुब्बारा! लूँगा।… छीः! छीः! इसके सारे गुब्बारे नाले में गिर गए थे। छीः छीः लग गई थी। मत लेना।’

नए अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए भारत है सफलता की कहानी

( जो बेडेन के सामने  बराक ओबामा की बजाय चुनौतियां बहुत कम है. पिछले चार साल की कमियों को पूरा करना ही उनका लक्ष्य होगा. इंडो-पेसिफिक संबंधों पर जोर, इंटरनेशनल

मत कहें तुम्हारी परेशानी से हमें क्या लेना

एक गांव में एक साहूकार अपने मां के साथ रहता था। उसके कोई बच्चे नहीं थे।बच्चे नहीं होने के कारण साहूकार अपनी पत्नी से नफरत करने लगा था इसलिए पत्नी

लघुकथा – अम्बे माँ का जगराता

 हमेशा की तरह हाथ में कपड़ो से भरा हुआ पुराना बैग लिए राजू के पड़ोस की सरोज अम्मा उसके पास से जा रही थी।सरोज रोज के मुकाबले आज बहुत ही

विचारक (लघुकथा)

मेरे एक परिचय के अंकल जी पक्के बौद्धिस्ट और वामपंथी विचारक थे। मंच से उनके ओजस्वी भाषणों से मैं काफी प्रभावित था। समय-समय पर फोन से उनसे बात करके बहुत

मेरी अभिव्यक्ति

मानव जीवन संघर्षों की कहानी है, जिसमें प्रकृति की अहम भूमिका होती है। यह कोरोना काल मानव के कृत्यों के फलस्वरूप प्रकृति का प्रकोप है। प्रत्येक काल की अपनी विशेषता

बाल कविता – गणपति विसर्जन

प्यारे दादू , प्यारे दादू , जरा मुझको ये समझाओ। क्यों करते है , गणपति पूजा मुझको ये बतलाओ। क्यों विसर्जन करते गणपति,मुझको ये बतलाओ। ये क्या रहस्य है दादू

दूरदर्शन ‘’डीडी किसान’’ चैनल पर देश के सफल किसानों की कहानियां को दर्शाती डाक्यूमेंट्री सीरीज है “हौसला”

राजू बोहरा /विजय न्यूज़ नेटवर्क। भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान इसकी सबसे बड़ी ताकत भी है क्योकि किसानो ने ही कृषि के माध्यम से भारत को आगे

कहानी: आखिर सानू स्कूल कब से जायेगी, कब खुलेगा उसका स्कूल…..

सानू अलसुबह चौंक कर नींद से जागी और बिस्तर पर बैठकर रोने लगी। सिसकियाँ गूंजने लगी। रोने का उसका यह क्रम चलता देख उसकी माँ ने उसे पुचकारते हुए पूछा-

लघुकथा : कोरोना का ख़ौफ़

पिछले कुछ दिनों से हर जगह कोरोना के बारे में लगातार खबरे चल रही है।अनिल इन बातों से काफी परेशान है।हर समय मन मे एक व्याकुलता बनी हुई है।अनिल एक

सुरेश सौरभ की दो लघुकथाएं

किस्मत लॉकडाउन के चलते सारी दुकानें बंद चल रहीं थीं। उस थाने के पुलिस वालों को बहुत दिनों से जब मीट खाने को नहीं मिला, तब वह मीट खाने की

लघुकथा : चपन का सपना

मिस्टर सुरेश सौरभ अपनी पढ़ाई पूरी कर नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे थे।इसी बीच उन्हें एक वित्त रहित इंटर कॉलेज में पढ़ाने की जिम्मेदारी मिल गई। जिससे घर-परिवार

लघुकथा : गरीब की बुझी बाती

शाम ढल चुकी थी। उसके झोपड़ी में घुप्प अंधेरा था। तभी किसी ने बाहर से आवाज लगाई-सुंदी ओ सुंदी! काहे घर में अंधेरा किए है, कुछ बारती क्यों नहीं। प्रति

लघुकथा : सहयोग

मंगर और गजोधर दो जिगरी दोस्त थे।दोनों का जन्म बिहार के औरंगाबाद जिले के एक सुदूरवर्ती गांव खेमनीचक के बहुत ही गरीब परिवारों में हुआ था। गांव में कोई पाठशाला

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