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Category: कथा-सागर

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लघुकथा : कोरोना का ख़ौफ़

पिछले कुछ दिनों से हर जगह कोरोना के बारे में लगातार खबरे चल रही है।अनिल इन बातों से काफी परेशान है।हर समय मन मे एक व्याकुलता बनी हुई है।अनिल एक

सुरेश सौरभ की दो लघुकथाएं

किस्मत लॉकडाउन के चलते सारी दुकानें बंद चल रहीं थीं। उस थाने के पुलिस वालों को बहुत दिनों से जब मीट खाने को नहीं मिला, तब वह मीट खाने की

लघुकथा : चपन का सपना

मिस्टर सुरेश सौरभ अपनी पढ़ाई पूरी कर नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे थे।इसी बीच उन्हें एक वित्त रहित इंटर कॉलेज में पढ़ाने की जिम्मेदारी मिल गई। जिससे घर-परिवार

लघुकथा : गरीब की बुझी बाती

शाम ढल चुकी थी। उसके झोपड़ी में घुप्प अंधेरा था। तभी किसी ने बाहर से आवाज लगाई-सुंदी ओ सुंदी! काहे घर में अंधेरा किए है, कुछ बारती क्यों नहीं। प्रति

लघुकथा : सहयोग

मंगर और गजोधर दो जिगरी दोस्त थे।दोनों का जन्म बिहार के औरंगाबाद जिले के एक सुदूरवर्ती गांव खेमनीचक के बहुत ही गरीब परिवारों में हुआ था। गांव में कोई पाठशाला

लघुकथा : हाय कोरोना 

“आप लोग कौन हैं। आप सब पैदल-पैदल कहां जा रहें हैं।” “हम सब दिहाड़ी मजदूर हैं। कोरोना के कारण सरकार ने सारी फैक्ट्रियां बंद करा दीं हैं। मालिकों ने हमें

लघुकथा : कोरोना का रोना

देश में कोरोना वायरस को लेकर काफी हलचल और दहशत थी। स्कूल कालेज व तमाम संस्थाओं को सरकार ने बंद करा दिया था। अब भीड़-भाड़ वाली जगहों से पुलिस वाले

लघुकथा : स्वाबलंबी जीवन पथ

सोहन और सरिता की शादी हुई दोनों बहुत खुश थे और अपने जीवन को लेकर गंभीर भी।सरिता का मैके सोहन की अपेक्षा आर्थिक रूप से सुदृढ़ थी।जबकि सोहन एक साधारण

लघु कथा : सरसों का आलिंगन

वसंत ऋतु का समय था सुबह सुबह गौतम गुरु जी नहा धो और भोजन करके विद्यालय के लिए घर से निकले और उनकी साईकिल पगडंडी पर टन टन घंटी के

अंतिम दस्तखत का दर्द

एक शाम को काले घने बादल छाए हुए थे और ठंडी हवाएं चल रही थी । रामबाबू आंखे बंद करके बहती हुई इस ठण्डी हवा को अपने चेहरे पर महसूस

पारिवारिक कहानी : ” बंटवारा”

जगेश बाबू का कभी अपना जलवा था। रौबिले और गठिले जिस्म पर सफेद कुर्ता-धोती मारवाड़ी पगड़ी खूब फबती। हाथ में छड़ी और मुंह में पान की गिलौरी दबाए ताव से

कहानी : जियो खुल कर

आज फिर से सोमा को उसकी दोस्त सिया ने फोन किया!”सोमा आज हम सब बाहर चल रहे हैं तु भी चल न।क्या सारा दिन काम मे लगी रहती हो!कभी तो

कहानी : मुखौटा

माया और प्रेम दोनों एक ही कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रह थे। माया प्रारंभ से ही प्रेम से प्रेम कर बैठी थी। लेकिन, प्रेम माया को देखता तक

लघु कथा : “वो पल भर की मुलाकात”

विधा- लघु कथा आप दुनिया के किसी भी रास्ते से गुजर जाइये, आपको कुछ ऐसे लोग (भिक्षुक) अवश्य मिल जायेंगे जो अपनी मजबूरियों का वास्ता देकर आपसे आर्थिक मदद चाहते

लघुकथा : “वो पल भर की मुलाकात”

आप दुनिया के किसी भी रास्ते से गुजर जाइये, आपको कुछ ऐसे लोग (भिक्षुक) अवश्य मिल जायेंगे जो अपनी मजबूरियों का वास्ता देकर आपसे आर्थिक मदद चाहते है। इनमे से

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