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Category: व्यंग्य

Total 146 Posts

व्यंग : एजेंडा वही जो वोट दिलाए

वे पार्टी मुख्यालय में गए । उन्होंने गाड़ी को सीधे फव्वारे के नीचे स्नान करने के लिए खड़ा कर दिया । बाहर तेज गर्मी थी । अंदर एयर कंडीशनर में

सामयिक व्यंग्य: ‘ हरामखोर लड़की ‘ नहीं, ‘ बेईमान नॉटी गर्ल ‘ डिक्शनरी में वर्ड एड कर लीजिए जनाब…..

आप भी समझ रहे होंगे, यह कैसी शब्दावली है। ‘हरामखोर लड़की ‘ का मतलब ‘ बेईमान नॉटी’ गर्ल कब से होने लगा है। हमने तो सदा ‘हरामखोर’ यह शब्द गाली

व्यंग्य : सिंघम बनोगे या चीवींगम!

कुछ दिन पहले हैदराबाद में आई.पी.एस. प्रशिक्षण समाप्ति समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से कहा कि पुलिस की वर्दी ऐसी है जिसे पहनते ही

व्यंग : हे ! कागदेव आपकी श्रेष्ठता को नमन’

हे ! कलयुग के पितृदेव। हम आपकी श्रेष्ठता को नमन करते हैं। हम समदर्शी सृष्टि का भी अभिनंदन करते हैं जिसने आपको पखवारे भर के लिए श्रेष्ठ माना है। लेकिन

खबरिया चैनल की जबरिया न्यूज़ें

न्यूज़ चैनल वाले भाई साहब को हम सब दर्शकों का घनघोर नमस्ते! एंकर भैनजी आप को साष्टांग प्रणाम! आप इन दिनों सुशांत केस को सुलझाने में रात-दिन लगे पड़े हैं।

21वीं सदी के 131 श्रेष्ठ व्यंग्यकार

तेलंगाना से डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ का चयन प्रलेक प्रकाशन समूह, मुम्बई, महाराष्ट्र ने 21वीं सदी के 101 श्रेष्ठ व्यंग्यकार विषयक मेगा योजना इस जुलाई में प्लान की थी, जिसमें देश और विदेश के

व्यंग्य रचना: घनघोर आजाद शुभकामनाएं!

मोबाइल में शुभकामनाएं कीड़ों की तरह बिलबिला रही है। जैसे ही मोबाइल खोलता हूं शुभकामनाएं मकोड़ों-चीटियों की तरह बाहर निकल-निकल कर बह रही है। ले लो आजादी की शुभकामनाएं! इस

व्यंग्य : शव की बेचैनी और आत्मा को सुकून

अब तो शव बहुत बुरी तरह से बिफर गया था।यह शव विक्रमार्क के कांधे पर लटका बेताल का शव नहीं था बल्कि कोरोना का सताया हुआ आदम जात था ।कितनी

(व्यंग्य) डी.ए. : तुम्हे एक विनम्र भावांजली

केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को जनवरी-2020 में मिलनवाला डी.ए. फ्रिज क्या किया कि जैसे एक को देख दूसरा रंग बदलने लगता है, उसी तर्ज पर बहुत सी राज्य सरकारों

व्यंग्य : झाम बाबा के चश्मा

जब से गोरखपुर वाले झाम बाबा र्थी ट्रिलियन डॉलर इकोनामी की बात इडियट बॉक्सवा में देखे हैं,उनको मुल्क ए हिंद के प्रत्येक गांव सिंगापुर और कुआलालंपुर सरीखे दिखने लगे हैं।जहां

व्यंग्य लेख : ताली-थाली बजवा के अबके छाती पे मुक्का मरवाएंगे

‘विधना तेरे लेख किसी के, समझ न आते हैं सबके कष्ट मिटाने वाले, और कष्ट उठाते हैं’। आप सोच रहे होंगे कि आज ये गम्भीर हास्य पुट की जगह अचानक

हास्य-व्यंग्य : झूठ की नींव पर सच की इमारत

बचपन में एक कहानी पढ़ी थी। शायद आपने भी पढ़ी होगी। वही जिसमें एक गड़रिया भेड़ों को चराता था। रह-रहकर गाँव वालों से मजाक करता था- शेर आया, शेर आया।

हास्य-व्यंग्य : चीन न जाने का सुख

आज से कुछ माह पूर्व मेरे एक मित्र मुझसे मिलने घर आए और कहा-अगर चीन जाना चाहो तो चले जाओ बड़ा अच्छा मौका है। वहां बहुत अच्छा वेतन मिलेगा। मेरे

व्यंग्य : सब्र करो, अपने भी अच्छे दिन आएंगे

सब्र करो, अपने भी अच्छे दिन आएंगे, औरों की तरह ये दिन भी गुजर जाएंगे शाम को राशन का सामान लेने के दौरान कल एक मित्र मिल गए। साथ काम

व्यंग्य : मछीकी और मास्क

लाॅक डाउन के चलते सूनी सड़कें, सूनी गलियां आजकल एक आम बात हो गई । कहाँ तो आवारा जानवरों को दिन-रात चलने-फिरने ,उठने-बैठने में बहुत ही परेशानी का सामना करना

व्यंग्य : ऐ चायना ! तूने ये क्या किया ?

इस लेखक को दुनिया की किसी भी चीज, दुनिया की किसी भी बात, दुनिया के किसी भी हथियार, दुनिया की किसी भी ताकत से इतना डर नहीं लगता है, जितना

व्यंग्य : जिंदगी का लॉकडाउन

हृदय को छू लेने वाली व्यंग्य रचना सुबह से दिमाग खराब था। कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। लॉकडाउन के चलते न घर में रहे बनता था न

व्यंग्य : ऊहो अबकी पास कर गया

मैट्रिक इम्तिहान में पांच बार फेल होने के बाद जब इस वर्ष मंगरा इंटरमीडिएट की इम्तिहान दे रहा था तो उसके मन में धुकधुकी लगा हुआ था।इम्तिहान के पहले दिन

हास्य-व्यंग्य : भूरा छूट गया

अचानक गांव में दिखाई पड़े संगीन अपराधी भूरा से मैंने पूछा-और भैया क्या हाल-चाल है। पैरोल पर कब छूट कर आए। वह बत्तीसी निकाल कर बोला- अरे! पैरोल पर नहीं

1 अप्रैल – मूर्ख दिवस के अवसर पर व्यंग्य : मूर्ख की पहचान

एक दिन मुझे लगा कि मेरे चारों ओर मूर्खों की संख्या अधिक हो गयी है। मुझे इन मूर्खों का पता लगाने की इच्छा हुई। इसके लिए मैंने अपने एक घनिष्ठ

हास्य-व्यंग्य : कोरोना भगाओ यज्ञ का आयोजन

फिलहाल हम लोग कोरोना को भगाने के लिए अपनी कालोनी में आध्यात्मिक प्रयास बहुत तेज कर दिए हैं। पूजा-पाठ निरन्तर सबके घरों में दिन-रात हो रहा है। घर-घर से चंदा

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