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Category: धर्म-दर्शन

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सत्य, अहिंसा और पवित्रता के साकार रूप- महावीर स्वामी

छह अप्रैल को भगवान महावीर स्वामी जी की जयंती थी। कुछ व्यस्तताओं के चलते देरी से ही सही, अहिंसा, सत्य और पवित्रता के साकार रूप तथा जैन धर्म के चौबीसवें

कलयुग के अवतार खाटू के श्री श्याम (07 मार्च मेले पर विशेष)

हमारे देश में बहुत से ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो अपने चमत्कारों व वरदानों के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्हीं मंदिरों में से एक है राजस्थान में शेखावाटी क्षेत्र के सीकर

राजस्थान के चिड़ावा के पास है ये वृंदावन धाम

एक वृन्दावन यहां बुलाता…. राजस्थान के चिड़ावा के पास है ये वृंदावन धाम सालभर में लाखों भक्त आते हैं इस वृंदावन में भी बिहारीजी राधा संग विराजते हैं यहां बाबा

हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल है बिहार का यह शिव मंदिर

विजय न्यूज़ ब्यूरो समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम मोरवा प्रखंड के सुल्तानपुर मोरवा में स्थापित हैं- खुदनेश्वर महादेव।मंदिर का नाम खुदनी नामक मुस्लिम महिला के नाम पर

आस्था का केंद्र है नरसिंहपुर जिले में बना दादा महाराज का मंदिर

हर शनिवार को लगता है श्रद्धालुओं का मेला दूर दूर से आते हैं दर्शनार्थी विजय न्यूज़। विशाल रजक भोपाल। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक ऐसा मंदिर जहां लगता है

बावलिया बाबा के चमत्कारों को आज भी लोग करते हैं नमस्कार

पुण्यतिथि पर विशेष- बावलिया बाबा के चमत्कारों को आज भी लोग करते हैं नमस्कार नीला वस्त्र धारण किए हुए एक अघोरी संत ने चिड़ावा को शिवनगरी कहा और शिव की

श्री गुरु नानक देव जी “एक युगान्तरकारी महापुरुष” : श्री आशुतोष महाराज

(दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से प्रकाशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ) आज से लगभग 550 वर्ष पूर्व अंध-परम्पराओं का सघन कोहरा सर्वत्र व्याप्त था। जनजीवन कुरीतियों, कुसंस्कारों एवं मूढ़ विश्वासों

मनुष्य ईश्वर का अंश है, जो अत्यधिक शुद्ध, सुंदर एवं सकारात्मकता से परिपूर्ण है

(दिव्य धाम आश्रम, दिल्ली में मासिक आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया) विजय न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली। 21वीं सदी में हम पहले से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहे

नवरात्रि : श्रद्धा व भक्ति का पर्व

शम्भू पंवार हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व है। पूरे भारत देश में नवरात्रि का पर्व बड़े उत्साह व श्रद्धा से मनाया जाता है।देश मे माता रानी

नवरात्रों पर विशेष : अलौकिक है सकराय का सिद्ध शक्ति पीठ

राजस्थान शक्ति व भक्ति की साधना स्थली रहा हैं। यही कारण है कि मातृ शक्ति के पुजारी यहां के शैलखण्डो पर असुरनासिनी मां दुर्गा व भगवती के मन्दिर शंख नगाड़ो

अग्रसेन जयंती पर विशेष : विश्व शांति के लिए महाराजा अग्रसेन की शिक्षा सर्वोत्त्म है

आज विश्व में जब अराजकता आतंकवाद, हिंशा का भयानक दौर चल रहा है, मानव अपने उद्देश्य से भटक कर तृष्णा के चक्रव्यूह में फंस कर अत्यधिक दुःखी है ऐसे समय

युग पुरुष थे महाराजा अग्रसेन

29 सितम्बर जयन्ती पर विशेष  : युग पुरुष थे महाराजा अग्रसेन महाराजा अग्रसेन एक सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा थे। जिन्होंने प्रजा की भलाई के लिए वणिक धर्म अपना लिया था। महाराज अग्रसेन

उम्र के अनुसार कन्या पूजन का महत्व

नवरात्रि में नौ रूपों की मां की पूजा स्तुति की जाती है।नवरात्रि का पर्व नौ दिन तक मनाया जाता है। इसकी सबसे विशेष बात कन्या पूजन होती है।कुमारी छोटी-छोटी कन्याओं

झंडेवाला देवी मंदिर मे शारदीय नवरात्र की तैयारियां

विजय न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली। नौ दिन तक चलने वाला त्यौहार “ नवरात्र ” हिंदुओ का एक पवित्र और प्रमुख त्यौहार हैं जिस देश के कौने – कौने मे बड़ी

ईश्वर के सच्चे प्रतिनिधि गुरु नानक देव

भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक गुरु को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यहां तक कि हमारी वैदिक संस्कृति के कई मंत्रों में ‘गुरु परमब्रह्मा, तस्मै श्री गुरुवे नमः’ अर्थात् गुरु को

विश्व में शांति कैसे आएगी? – ब्रह्मज्ञान से! : श्री आशुतोष महाराज

‘मानव समुदाय के लिए अंतरिक्ष में शान्ति हो, पृथ्वी पर शान्ति हो…….सर्वत्र शान्ति हो|’ युगों पूर्व यही प्रार्थना हमारे वैदिक ऋषिगणों के उदार हृदयों से, समस्त विश्व के कल्याण के

श्रद्धा से करे पितरों का श्राद्ध

हिंदू धर्म में पितृपक्ष का बड़ा विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मनुष्य की मृत्यु के बाद उनकी आत्मा की मुक्ति के लिए, उनकी निर्वाण श्राद्ध तिथि

अनंत चतुर्दशी का अध्यात्मशास्त्रीय महत्त्व

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाते हैं. इस साल अनंत चतुर्दशी का व्रत इस 12 सितंबर यानी गुरुवार को पड़ रहा है. इस दिन भगवान श्री

श्री गणपति के अवतारी स्वरूप : आशुतोष महाराज

वह एक ही सत्ता है, जो सभी प्राणियों की अंतरात्मा में विराजमान है। वही सत्ता अपने एक स्वरूप को बहुत प्रकार का बनाकर अभिव्यक्त करती है। श्री गणपति भी ऐसी

हरितालिका तीज का अध्यात्मशास्त्रीय आधार

भाद्रपद मास का महत्त्व चैत्रादि गणना अंतर्गत भाद्रपद छठा मास है । इस मास की पूर्णिमा के आसपास पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र आता है । इसीलिए इस मास को ‘भाद्रपद’ के नाम

देवबंद ने जारी किया फतवा

‘अंधेरे में नहीं पढ़ें तरावीह की नमाज’ देवबंद l इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम से तरावीह नमाज को लेकर एक और नया फतवा जारी हुआ है. दारुल उलूम देवबंद ने

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