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CBI ने नहीं दी राहत, लालू और तेजस्वी को 3-4 अक्टूबर को तलब किया

नई दिल्ली: सीबीआई ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद और उनके पुत्र तेजस्वी यादव को कथित भ्रष्टाचार के मामले में पूछताछ के लिए तीन और चार अक्टूबर को उपस्थित होने के लिए आज नए सिरे से सम्मन जारी किया. लालू यादव ने सीबीआई के सामने उपस्थित होने के लिए 15 दिन का वक्त मांगा था, जिसकी अर्जी जांच एजेंसी ने ठुकरा दी. लालू यादव के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार का यह मामला एक निजी फर्म को रेलवे के दो होटलों के रखरखाव का ठेका देने से संबंधित है. यह मामला 2006 का है, जब लालू केंद्र में रेल मंत्री थे. एजेंसी सूत्रों ने बताया कि तेजस्वी को मंगलवार को तलब किया गया था. उन्होंने अपने वकील को भेजा. उन्होंने और समय दिए जाने का अनुरोध किया. सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि लालू यादव को अब तीन अक्टूबर और तेजस्वी यादव को चार अक्टूबर को तलब किया गया है.

क्या है पूरा मामला?

मामला उन आरोपों से संबंधित है जिसमें कहा गया है कि रेल मंत्री के तौर पर लालू ने रांची और पुरी में आईआरसीटीसी की तरफ से संचालित दो होटलों का रख-रखाव सुजाता होटल को सौंप दिया. इसके बदले में उन्होंने कथित तौर पर बेनामी कंपनी के जरिए पटना में तीन एकड़ महत्वपूर्ण जमीन हासिल की. सुजाता होटल का स्वामित्व विनय और विजय कोचर के पास है. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि लालू ने विनय और विजय कोचर को अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और बेनामी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग कंपनी के जरिए महंगी जमीन हासिल की.

लालू यादव पर आरोप है कि बदले में उन्होंने बेईमानी और कपटपूर्ण तरीके से दोनों होटलों का ठेका विनय और विजय कोचर को दिया. सुजाता होटल को ठेका दिए जाने के बाद डिलाइट मार्केटिंग का स्वामित्व भी सरला गुप्ता से राबड़ी देवी के हाथ में 2010 में और 2014 में तेजस्वी यादव के हाथ में आ गया. इस समय तक लालू ने रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. सीबीआई ने लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया.

 

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