National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

विश्व के लिए बड़ी चुनौती है कोरोना

कोरोना ने कितने लोगों के जीवन रस को चूस कर नारंगी के छिलके की तरह दरकिनार कर दिया है और मानव प्रजाति के समक्ष संकटो को अम्बार दिख रहा है , जिसे रोकने में हर देश अबतक असफल ही रह है। कोरोना वायरस का घातक प्रभाव दिन-प्रतिदिन बहुत ही तेज गति से बढ़ रहा है। पूरी दुनिया इस वायरस के चपेट में आई हुई है। फ़िलहाल अभी तक इस घातक वायरस का कोई तोड़ भी नहीं बना है। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक और चिकित्सक इस बीमारी का ईलाज खोज रहे है।
कोरोना वायरस ( कोविड 19) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है । इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था।
अपने आकार में क्राउन जैसा दिखने के कारण इस वायरस का नाम कोरोना पड़ा है। कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है. कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है। आकार में इस छोटे वायरस ने पूरी दुनिया को डरा दिया है । कोरोना एक प्रकार का RNA वायरस है। RNA वायरस वह होता है, जब वायरस शरीर में प्रवेश करके कोशिकाओं में विभक्त हो जाता है और स्वयं को अपनी पुनः उत्पन्न करता है। जिससे यह वायरस और अधिक घातक और भयावह हो जाता है। चीन के वुहान शहर में जन्मा यह कोरोना वायरस अभी तक का सबसे खतरनाक वायरस है और ऐसा वायरस आज से पहले कभी नहीं देखा गया है।इसका खौफ आज दुनियाभर में दिख रहा है। लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था।साल 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
डब्ल्यू एच ओ ने इसे वैश्विक महामारी घोषित किया है। वैश्विक महामारी शब्द ऐसी संक्रामक बीमारी के लिए उपयोग में लाया जाता है, जिसके खतरे का एक ही समय में दुनिया भर के लोग सामना कर रहे होते हैं। यह तब फैलती है जब कोई नया वायरस आसानी से लोगों को संक्रमित कर ले और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इंफेक्शन फैलने लगे। साल 2009 में फैले स्वाइन फ्लू को इसके उदाहरण के तौर पर लिया जा सकता है जिसकी वजह से दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। खबर की मानें तो कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के सभी मापदंडों को पूरा करता है, साथ ही अब तक इस वायरस का कोई संतोषजनक इलाज और वैक्सीन भी इजाद नहीं हुआ है।
इसके लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं। संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। कुछ मामलों में कोरोना वायरस घातक भी हो सकता है। खास तौर पर अधिक उम्र के लोग और जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज़ और हार्ट की बीमारी है। कोरोना वायरस इंसान के फेफ़ड़ों में घातक संक्रमण करता है। सबसे पहले संक्रमित व्यक्ति के शरीर का तापमान बढ़ जाता है यानी उसे बुखार आता है जिसके बाद उसे सूखी खांसी होती है। एक सप्ताह बाद उसे सांस लेने में दिक्कत होती है। डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं । अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।इंसान को संक्रमित करने के बाद ये वायरस अपनी संख्या बढ़ाने लगता है और फिर वो अपने मूल स्वरूप में बदलाव पैदा कर सकता है। इसके बाद वो और तेज़ी से फैल सकता है। इस कारण वो और ख़तरनाक हो जाता है।
इस समय कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी के लक्षण कम होने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं। जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आप दूसरों से अलग रहें। कोरोना वायरस के इलाज़ के लिए वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है। इस साल के अंत तक इंसानों पर इसका परीक्षण कर लिया जाएगा। कुछ अस्पताल एंटीवायरल दवा का भी परीक्षण कर रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक हाथों को साबुन से धोना चाहिए। अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढंककर रखें। जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों, उनसे दूरी बनाकर रखें। अंडे और मांस के सेवन से बचें।जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
हालांकि, विश्व इसे रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है।चीन से बाहर दर्जनों देशों में कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है। चीन के बाद सबसे प्रभावित देशों में इटली, ईरान के साथ अब पुरी यूरोपीय देश इसके गिरफ्त में आ गए है। इनके आलावे थाईलैंड, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। कोरोना वायरस से सम्बंधित बहुत सी अफवाहें भी उड़ रही है। अफवाहों के अनुसार, कोरोना वायरस जैविक हथियारों के परीक्षणों का नतीजा बताया जा रहा है। इस प्रकार की अफवाहों की फिलहाल किसी प्रकार से पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल कोरोना को रोकने का एक मात्र उपाय सामाजिक तटस्थता ही हो सकती है। सार्वजनिक वाहन जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें।घर में मेहमान न बुलाएं।घर का सामान किसी और से मंगाएं।ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं।अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं, तो ज़्यादा सतर्कता बरतें।अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें। 14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके।अगर आप संक्रमित इलाक़े से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है। अत: घर पर रहें।
मानव के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था को बीमार करने में कोरोना का महत्वपूर्ण योगदान है। दुनियाभर में तेजी के साथ फैल रहे घातक कोरोना वायरस ने वैश्विक अर्थव्यस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इसके चलते वस्तुओं एवं सेवाओं की मांग और आपूर्ति दोनों पर असर पड़ा है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दो महीने पहले उच्चतम स्तर पर रहने वाला स्टॉक मार्केट में आज भारी गिरावट आ चुकी है। तेल की बढ़ी आपूर्ति और मांग में कमी के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से कोरोना पर 24 जनवरी को हुई पहली बैठक के बाद से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है। कोरोना का दुनिया के व्यवसायों पर असर साफतौर पर देखा जा सकता है, जहां कंपनियां अपने ऑपरेशंस कम कर रही हैं, कर्मचारियों से यह कहा जा रहा है कि वे घरों से काम करें और उत्पादन के लक्ष्य को कम किया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवेलपमेंट (UNCTAD) ने ख़बर दी है कि कोरोना वायरस से प्रभावित दुनिया की 15 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत भी है। चीन में उत्पादन में आई कमी का असर भारत से व्यापार पर भी पड़ा है और इससे भारत की अर्थव्यवस्था को क़रीब 34.8 करोड़ डॉलर तक का नुक़सान उठाना पड़ सकता है।यूरोप के आर्थिक सहयोग और विकास संगठन यानी ओईसीडी ने भी 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था के विकास की गति का पूर्वानुमान 1.1 प्रतिशत घटा दिया है।ओईसीडी ने पहले अनुमान लगाया था कि भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.2 प्रतिशत रहेगी लेकिन अब उसने इसे कम करके 5.1 प्रतिशत कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के अनुसार कोरोना वायरस की महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग 2.5 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित नीतिगत कार्रवाई के जरिए वैश्विक बेरोजगारी पर कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकती है।
दुनिया में इस वायरस के चलते पर्यटकों की संख्या घट सकती है. इसका सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। पहले ही चीन की अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है। अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस का प्रभाव काफी कुछ इस बात पर भी निर्भर करता है कि ये वायरस कितनी आसानी से फैल सकता है और इससे संक्रमित होने वाले लोगों की मौत की आशंका किस हद तक है।अच्छी बात ये है कि इससे संक्रमित होने वाले काफी लोगों में पूरा सुधार देखा गया है, हालांकि इसके दुखद अपवाद भी रहे हैं।अक्सर ये देखा गया है कि आर्थिक समस्याओं को लेकर प्रतिक्रिया देने में वित्तीय बाज़ार ज़्यादा देरी नहीं करते।क्योंकि यहां बिज़नेस करने वाले ट्रेडर्स भविष्य के घटनाक्रम को भांपकर ही चीज़ों पर दांव लगाते हैं। अब तक जितने भी वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने इसके बारे में जानकारी दी है। इससे एक बात तो साफ है कि लोगो से दूरी बना कर ही कोरोनो को फैलने से रोका जा सकता है। यह एक ऐसी समस्या है जिसका समाधान सिर्फ सरकार के करने से नही होगा। लोगो को सरकार से साथ मिल कर सामना करना होगा और इससे कुछ दिन की असुविधा से आसानी से समाधान पा सकते है। आज जरूरत है – “रखो स्वछता अब किसी से डरो ना, बिना काम के आप बाहर जाओ ना।”

नृपेन्द्र अभिषेक नृप

Print Friendly, PDF & Email